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Posted Sun, 09/02/2012 - 19:11 by admin

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- सुशील खरे

मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने बुधवार को परेड ग्राउण्ड, में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में झण्डारोहण किया और स्वतंत्रता दिवस की 65वीं वर्षगांठ के अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री बहुगुणा ने कहा है कि आजादी का यह आन्दोलन हमारी सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक स्वाधीनता के साथ-साथ हमारे गौरव और स्वाभिमान की रक्षा का भी अद्भुत आंदोलन था। इस आजादी को अक्षुण्ण बनाये रखने और देश को चहुंमुखी विकास की ओर ले जाने का उत्तरदायित्व अब हम सब पर है। उन्होंने इस पावन अवसर पर राज्य आन्दोलनकारियों का भी भावपूर्ण स्मरण करते हुए उत्तराखण्ड को देश का आदर्श राज्य बनाने का भी संकल्प दोहराया है।
मुख्यमंत्री श्री बहुगुणा ने कहा कि भारतीय संविधान विश्व के अन्य देशों में लागू संविधान से श्रेष्ठ है। लोकतंत्र को मजबूत बनाने में हम सभी को अपना सक्रिय योगदान देना होगा। उन्होंने स्वतंत्र न्यायपालिका एवं निष्पक्ष एवं निर्भीक पत्रकारिता की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में बिजली की समस्या के निदान के लिए राज्य सरकार गैर विवादित बिजली परियोजना को शीघ्रता से पूरा करने का प्रयास कर रही है। केन्द्र सरकार से भी अनुरोध किया गया है कि विकास, पर्यावरण और आस्था में संतुलन रखते हुए पर्यावरणीय व अन्य स्वीकृतियां प्राप्त जल विद्युत परियोजनाओं को पुन: शुरू किया जाय। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास में केन्द्र सरकार पूरा सहयोग कर रही है। हमारा प्रयास है कि आम जनता के लिए संचालित विकास योजनाएं धरातल पर मूर्तरूप ले, ताकि गांधी जी का स्वप्न घर-घर स्वराज साकार हो सके। उन्होंने कहा कि हम सभी को अपने कर्तव्यों व दायित्वों का पूरी ईमानदारी से निर्वहन करना होगा, तभी हम सच्चे मायनों में आजादी को प्राप्त कर सकते है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में उत्तरकाशी सहित प्रदेश के अन्य भागों में दैवीय आपदा से भारी नुकसान हुआ है। इस घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए दैवीय आपदा से प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार वचनबद्ध है। राज्य सरकार ने तत्काल राहत के रूप में उत्तरकाशी के लिए 20 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत करने के साथ ही जिला प्रशासन को सख्त निर्देश दिये है कि प्रभावितों को राशन, पेयजल, चिकित्सा सुविधाएं प्राथमिकता पर उपलब्ध कराई जाय। केन्द्र सरकार द्वारा राज्य को 150 करोड़ रुपये की राहत राशि जारी कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने सभी स्वंयसेवी संस्थाओं तथा सामाजिक संगठनों से भी अपील की है कि आपदा की इस घड़ी में अपना सक्रिय सहयोग प्रदान करें। राज्य सरकार ने दैवीय आपदा से होने वाली क्षति के लिए दी जाने वाली राहत राशि की मदों में दोगुनी वृद्धि की है। मृत व्यक्ति के परिवार को एनडीआरएफ के मानक के अनुसार एक लाख पचास हजार रुपये दिया जाता था। इसे अब बढ़ाकर तीन लाख रुपये कर दिया गया है। अस्सी प्रतिशत या इससे अधिक अपंगता पर आर्थिक सहायता को बासठ हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख पचास हजार रुपये कर दिया गया है। इसी प्रकार अन्य मदों में भी वृद्धि की गई है।
गैरसैण में 2 अक्टूबर को ऐतिहासिक कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी। कुशल विश्रीय प्रबंधन का परिचय देते हुए इस विश्रीय वर्ष में राजस्व सरप्लस बजट पेश किया गया, इसमें जनता पर कोई नया कर नहीं लगाया गया। प्रदेश सरकार ने केन्द्रीय योजना आयोग से 8200 करोड़ रूपए की वार्षिक योजना स्वीकृत कराई है। सरकार ने सर्वाधिक प्राथमिकता आधारभूत सुविधाओं के विकास को दी है। प्रदेश सरकार अल्पसंख्यक, अनुसचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला, युवा, भूतपूर्व सैनिक, किसान सहित सभी वर्गों के कल्याण के लिए संकल्पबद्ध है।
अल्पसंख्यकों की समस्याओं के तीव्र निस्तारण के लिए प्रदेश सरकार ने अलग से अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय का गठन किया है। वन पंचायतों में पचास प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित किये गये है। शिक्षित बेरोजगारों को इस वर्ष 9 नवम्बर से बेरोजगारी सह कौशल भत्ता दिया जाएगा। युवाओं में स्किल डेवलपमेंट के विशेष प्रयास किए जाएंगे। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना का विस्तार किया
गया है।
सैनिक विधवाओं की पुत्री के विवाह के लिए सहायता राशि को 20 हजार से बढ़ाकर अब 50 हजार रुपये किया गया है। प्रदेश सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए वचनबद्ध है। गवर्नमेंट ग्रान्ट एक्ट-1895 के प्राविधानों के अन्तर्गत कृषि प्रयोजन के लिए दिये गये भूमि पट्टों के पट्टेदारों को भूमि का मालिकाना हक एवं विक्रय का अधिकार दिया गया है। इसके तहत अब वर्ष 2000 के सर्किल रेट का पांच प्रतिशत जमा कराकर भूमि की रजिस्ट्री करवाई जा सकती है। राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत ए.पी.एल. परिवारों को अब दो किलो के स्थान पर दस किलो चावल दिया जायेगा।
राज्य में चिकित्सकों की कमी को देखते हुए चिकित्सकों की तैनाती को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की गयी है। संविदा चिकित्सकों को नियमित चिकित्सकों की भांति ही वेतन देने तथा संविदा अवधि एक वर्ष के स्थान पर तीन वर्ष करने का निर्णय लिया गया है। एम्स, ऋषिकेश को शीघ्र संचालित करने के लिए सरकार प्रयासरत है। इस वर्ष सितम्बर से एम.बी.बी.एस. की कक्षाएं प्रारंभ कर दी जायेगी। पर्वतीय क्षेत्रों में सड़कों की दशा को सुधारना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। हमने निर्णय लिया है कि वर्षा ऋतु के बाद ऐसी सड़को का मरम्मत कार्य शीघ्र ही शुरू किया जायेगा। इसके लिए 200 करोड़ रुपये की धनराशि की योजना स्वीकृत की गई है। साथ ही ऐसी सड़कें, जिनमें पचास प्रतिशत से अधिक काम हो चुका हो, उन्हें प्राथमिकता देते हुए इसी वित्तीय वर्ष में पूरा किया जायेगा। देहरादून में आईएसबीटी, बल्लीवाला चौक व भंडारीबाग में फ्लाईओवर के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। प्रदेश में रेल परियोजनाओं और हवाई सेवाओं के विस्तार के लिए हर संभव कदम उठाये जा रहे है। केन्द्र सरकार पर लंबित प्रकरणों के लिए प्रभावी पहल की जा रही है। केन्द्र सरकार द्वारा राज्य सरकार ने देहरादून-काठमांडू हवाई सेवा प्रारम्भ करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। प्रदेश सरकार राज्य में पर्यटन के नए क्षेत्र विकसित कर रही है। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के सहयोग से 250 करोड़ रूपए की मेगा योजना बनाई गई है। टिहरी झील विकास प्राधिकरण व एडवेंचर स्पोर्टस एकेडमी स्थापित की जा रही है। टिहरी में पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उददेश्य से चिन्यालीसौड़ में हवाई पट्टी का विस्तार किया जायेगा। पिरान कलियर शरीफ व हेमकुण्ड साहिब को चारधाम की तर्ज पर ही विश्व पर्यटन के मानचित्र पर लाने के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। भारत सरकार द्वारा उत्तराखण्ड में पर्यटन विकास के लिए 160 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गये है। देहरादून में ओ.एन.जी.सी. के सहयोग से अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का खेल स्टेडियम बनाया जायेगा। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कॉलेज प्राध्यापकों की भर्ती के लिए 'उच्च शिक्षा चयन आयोगÓ का गठन कर लगभग 850 प्राध्यापकों की भर्ती करने का निर्णय लिया गया है। यूजीसी के मानकों के अनुरूप उच्च शिक्षा में शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु को 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष किया गया है। आम आदमी की सुविधा को देखते हुए सरकार ने निर्णय लिया है कि भवन निर्माण के लिए अब नगर निकायों से नक्शे स्वीकृत कराये जाय। प्रदेश सरकार बिजली की कमी को दूर करने के लिए गंभीर है। इसके लिए हर संभव कदम उठाये जा रहे है। राज्य में रोकी गई जल विद्युत परियोजनाओं को पुन: प्रारंभ करने के लिए केन्द्र सरकार से अनुरोध किया गया है। केन्द्र सरकार ने 300 मेगावाट की लखवाड़ बांध परियोजना को भी स्वीकृति दे दी है।
राज्य में औद्योगिक विकास को गति प्रदान करने के लिये भी राज्य सरकार सत्त प्रयत्नशील है। औद्योगिक निवेश को गति देने के लिए मेगा इंडस्ट्रीज योजना शुरू की जा रही है। खनन के लिए अलग से निदेशालय बनाया जायेगा। लघु एवं सूक्ष्म उद्योग के लिए अलग से विभाग गठित किया जायेगा। खादी में अब तक दी जाने वाली सब्सीडी की सीमा 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का निर्णय लिया गया है। वनो को आर्थिकी से जोडऩे के लिए प्रदेश में इको टूरिज्म बोर्ड का गठन किया जा रहा है।
वनों में मिलने वाले पीरूल से बिजली बनाने का कार्य शुरू करने का निर्णय लिया गया है। सीमान्त विकासखण्डों में कार्यरत कार्मिकों को सीमान्त विकासखण्ड भश्रा दिया जाएगा। इससे इन क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों को अपने दायित्वों के निर्वहन के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। प्रदेश सरकार उत्तराखण्ड को विकास की नई दिशा देने के लिए तत्पर है। इसके लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जा रही है। हमने कर्मचारियों, व्यापारियों, बेरोजगारों से लेकर पूर्व सैनिकों, किसानों, छात्रों समेत समाज के सभी वर्गों के कल्याण की समुचित पहल की है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर साहस एवं वीरता के लिए श्रुति लोधी को मरणोपरांत तथा प्रियांशु जोशी को उत्तम जीवन रक्षा पदक से सम्मानित किया। स्व. श्रुति लोधी की ओर से उनके पिता दीपक लोधी ने यह सम्मान प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने पुलिस के पांच जवानों को सम्मानित किया। इनमें निरीक्षक प्रकाश चन्द्र देवली, निरीक्षक राजकिशोर सिंह फस्र्वाण, उपनिरीक्षक भुवन चन्द्र पाण्डेय तथा मुख्य आरक्षी आशीष कुमार सिंह को मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक, जबकि मुख्य सहायक सामेन्द्र कुमार शाहू को गृह रक्षा/नागरिक रक्षा पदक से सम्मानित किया गया।
परेड़ ग्राउण्ड में आयोजित स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री बहुगुणा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के पंडाल में भी गये और उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और उनके आश्रितों, राज्य आन्दोलनकारियों एवं शहीदों के परिजनों से भी
भेंट की।
कार्यक्रम में लोकायुक्त न्यायमूर्ति एम.एम. घिल्डियाल, सिंचाई मंत्री यशपाल आर्य, शहरी विकास मंत्री प्रीतम सिंह पंवार, मेयर विनोद चमोली, श्री नारायण दत्त तिवारी, मुख्य सचिव आलोक कुमार जैन, सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री श्री बहुगुणा ने मुख्यमंत्री आवास व प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पर भी झण्डारोहण किया और सभी को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि हमें अपने कर्तव्यों का निष्ठा से पालन करना है और देश की एकता और अखण्डता के लिए और समर्पित भाव से कार्य करना होगा।
 

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