मुद्रा लोन पाने वाले बनेंगे भविष्य के शिव नाडार और सचिन बंसल
तो अब यह तय ही है कि नरेन्द्र मोदी सरकार अपने 2.0 के एजेंडे के तहत देश के नौजवानों को अपना कोई पसंदीदा बिजनेस चालू करने के लिए बड़े ही व्यापक स्तर पर कदम उठाने जा रही है। उसकी चाहत है कि देश की युवा शक्ति अपने करियर के विकल्प खुले रखें। सिर्फ नौकरी पाने के लिए न भागे। वे नौकरी देने वालों की कतार में लगें। वह बिजनेस करने के अवसर किसी भी हाल में न छोड़े। नौजवानों में ऐसा करने की इच्छा नहीं हैं, ऐसी बात नहीं है। परन्तु, उसमें सबसे बड़ी बाधा तो अब तक पूंजी का न होना ही होता था। बैंकों से ब्याज पर लोन प्राप्त करना भी भगवान के दर्शन पाने से कम नहीं था। पहले तो बैंक के पचासों चक्कर लगाओ। फिर जब किसी बैंक मैनेजर को किसी नौजवान का चेहरा पसंद आ जाये, या जाति, धर्म, प्रान्त, भाषा आदि किसी भी कारण से रहम आ जाये तब शुरू होगी प्रोजेक्ट बनाकर और फार्म भरकर जमा करने की बारी। गरीब नौजवान को प्रोजेक्ट बनाना...









