कितने पवित्र रह गए धरने-प्रदर्शन
जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में छात्रों के बीच हुई हालिया झड़प पर पाकिस्तान के शहर लाहौर में प्रदर्शन का होना सच में हर किसी को हैरान करने वाला है।वहां पर कुछ लोग जेएनयू के वामपंथी छात्रों के हक में नारेबाजी भी कर रहे थे। पर उसी पाकिस्तान के क्वेटा शहर में विगत शुक्रवार को तड़के एक बाजार में हुए बमविस्फोट में कम से कम 20 लोग मारे गए जबकि 48 अन्य घायल हो गए। मारे गये लोगों में से कई शिया हजारा समुदाय के थे। इस दिल दहलाने वाले कांड की हरकोने में निंदा होनी चाहिए। आतंकवाद कहीं भी हो उसकी भर्त्सना होनी ही चाहिए। पर पाकिस्तान के किसी कोने में इस हादसे को लेकर कोई प्रदर्शन तक नहीं हुआ।सरकार से सवाल तक नहीं पूछे गए कि वह आतंकवाद को काबू करने में विफल क्यों रही है। प्रधानमंत्री इमरान खान, जो भारत के मुसलमानों के लिए आंसू बहातेरहते हैं, क्वेटा कांड पर चुप्पी साध गए। वे चीन में मुसलमामों ...









