मोदी मंत्रिमंडल के मायने
नियति और कर्मो ने नरेंद्र मोदी को दूसरी बार भारत सरकार की कमान दी है। जिस प्रकार पिछले पांच बर्षों में मोदी मंत्रिमंडल बना व काम किया उसमें अनेक जगह समझौतों, मजबूरियों व असफल प्रयोगों से मोदी जी दो चार हुए। पुरानी भाजपा के धुरंधरों व संघ के चाबुकों के बीच काम करना उनकी मजबूरी थी। उस पर "लुटियंस ज़ोन के गैंग" का दबाब भी। किंतू इन सब चुनोतियाँ के बीच भी अथक कार्यों, ईमानदार छवि और साहसिक फैसलों और संघ के दर्शन के साथ देश व दुनिया की सभी राजनीतिक विचारधाराओ व नीतियों के समावेश से बनाई गई " मोदीत्व" की विचारधारा को राष्ट्र के पटल पर स्थापित कर दिया। अपनी शर्तों, सोच व शैली में काम करने वाले मोदी असीम धैर्य रखते हैं और समय मिलते ही दुश्मन और पथ भटके टीम के सदस्यो को हाशिए पर पटक देते हैं या अपने रंग में रंग लेते हैं। मोदी सरकार का नया मंत्रिमंडल वास्तव में "गवर्मेंट ऑफ इंडिया इनकॉरपोरेट" के स...









