
भारत और वृहत्तर भारत का सेतु-उत्तर पूर्व
भारत का उत्तर पूर्व का क्षेत्र शायद इस देश का सर्वाधिक महत्वपूर्ण क्षेत्र है| प्राकृतिक संपदा तथा सांस्कृतिक वैभव का जैसा असीम भंडार यहॉं बिखरा पड़ा है, वैसा इस देश में ही नहीं, शायद पूरी दुनिया में अन्यत्र दुर्लभ है| यहॉं विभिन्न कुलों की अनगिनत भाषाएँ, अनगिनत लोग तथा अनगिनत संस्कृतियॉं ऐसा बहुरंगी वितान रचती हैं कि देखने समझने वाला मोहित होकर रह जाता है| दक्षिण पूर्व एशियायी क्षेत्र के लिए तो यह भारतीय संस्कृति का न केवल मुख्य द्वार बल्कि एक संगम स्थल है| इस छोटे से क्षेत्र में २२० से अधिक नस्ली समूहों के लोग निवास करते हैं, और जितनी नस्ल, उतनी भाषाएँ और उतनी ही संस्कृतियॉं| प्रकृति ने तो मानो अपना पूरा खजाना ही यहॉं बिखेर दिया हो| अकेले इस क्षेत्र में ५१ प्रकार के वन और असंख्य प्रकार की पादप जातियॉं हैं| नदियों, पहाड़ों, झरनों से भरा यह प्रदेश प्रागैतिहासिक काल से लेकर आज तक की नवीनतम...