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Author: Dialogue India

History distorted and re-written in Rajasthan text-books with change in regime

TOP STORIES, राज्य
It refers to shocking news about Congress-government in Rajasthan confusing school-children by brain-washing their minds through its pseudo-secular decision to remove VEER from name of Veer Vinayak Damodar Savarkar in school text-books. It seems being Hindu is a sin in regime of pseudo-secular parties including Congress. VEER was removed from name of Veer Savarkar perhaps only because he also once led Hindu Mahasabha after being released from jails during British regime in India. It is same Congress which wrongly pre-fixed monarchy-suffixes SHREEMANT and RAJMATA in roads named in New Delhi after its leader Madhavrao Scindia and his mother Vijaya Raje Scindia. Nobody can forget a capsule with totally distorted history submerged in earth  before Red Fort in Delhi during emergency-era 1...
जातिवाद से आजाद होता देश का लोकतंत्र

जातिवाद से आजाद होता देश का लोकतंत्र

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2019 के लोकसभा चुनाव परिणाम कई मायनों में ऐतिहासिक रहे।  इस बार के चुनावों की खास बात यह थी कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के चुनाव परिणामों पर देश ही नहीं दुनिया भर की नज़रें टिकी थीं। और इन चुनावों के  परिणामों ने विश्व में जो आधुनिक भारत की नई छवि बन रही थी उस पर अपनी ठोस मोहर लगा दी है कि ये वो भारत है जिसका केवल नेतृत्व ही नहीं बदला बल्कि यहां का जनमानस भी बदला है उसकी सोच भी बदल रही है। ये वो भारत है जो केवल  बाहर से ही नहीं भीतर से भी बदल रहा है। इस भारत का  लोकतंत्र भी बदल रहा है। जो लोकतंत्र जातिवाद मजहब समुदाय की बेड़ियों में कैद था उसे विकास ने आज़ाद करा लिया है। इसकी बानगी दिखी नतीज़ों के बाद जब सेंसेक्स ने भी मोदी  सरकार की वापसी पर रिकॉर्ड  40000 की उछाल दर्ज की। आज़ाद भारत के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि किसी गैर कांग्रेस सरकार को दोबारा जनता ने सत्ता की बागडोर सौंप दी हो व...
Nation’s 2019 polls Reject Rahul Gandhi

Nation’s 2019 polls Reject Rahul Gandhi

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The results of the general elections to 17th Lok Sabha have rejected the Congress and its leader Rahul Gandhi. In 17 States and Union Territories, the Congress has failed to open its account. This is high time the Congress should get rid of the Gandhi family. It is better for the family also. Other option for the Congress is Sonia Gandhi and Rahul Gandhi should gracefully relinquish their position taking moral responsibility for the Congress’ rout in the elections. Even after this defeat, if Rahul Gandhi continues to hold sway over the Party it will mean the Congress is digging its grave. In that case one does not need to predict the future of the Congress Party in Indian Politics. Just see, soon after the elections were announced Rahul Gandhi had begun hurling abuses at Prime Minister Na...
राष्ट्रवाद का विजय रथ

राष्ट्रवाद का विजय रथ

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17 वीं लोकसभा के चुनावी निर्णयों से यह स्पष्ट है कि मोदी जी के नेतृत्व में NDA की यह भारी विजय स्वस्थ राष्ट्रवाद की जीत है। सामान्यतः भारतीय जन मानस सहिष्णु व उदार होने के कारण प्रायः हिंसक नही होता। उसको प्रेम, दया व क्षमा में धर्म के दर्शन होते है। अतः श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में 5 वर्ष के अल्पकाल में सम्पूर्ण राष्ट्र में शांति का जो वातावरण बना उससे राष्ट्रवादी समाज अवश्य प्रभावित हुआ। कश्मीर,बंगाल व केरल आदि के कुछ मुस्लिम बहुल क्षेत्रो को छोड़ कर इस्लामिक जिहाद से सामान्यतः देशवासियों को पूर्व की तुलना में स्थिति कुछ संतोषजनक रही। लेकिन सीमाओं पर शत्रु देश पाकिस्तान युद्धविराम का उल्लंघन करके सुरक्षा बलों को ललकारता रहा और आतंकवादियों द्वारा बम विस्फोट करवाने में लिप्त रहा। इस पर शासन-प्रशासन का आक्रोशित होना स्वाभाविक था। अंततोगत्वा मोदी सरकार ने दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया।...
बीजेपी ने विरोधियों को किया पस्त, प्रचंड बहुमत से बनने जा रही है सरकार

बीजेपी ने विरोधियों को किया पस्त, प्रचंड बहुमत से बनने जा रही है सरकार

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आएगा तो मोदी ही और मोदी आ ही गया। मोदी का चेहरा, नीतियों के चरित्र और शाह की चाल से बीजेपी ने 2014 की लहर को 2019 में सुनामी में तब्दील कर दिया जिसकी वजह से बीजेपी अपने दम पर 300 के करिश्माई आंकड़ा को पार कर गयी। यह एक ऐतिहासिक जीत है जिसमें मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने बीजेपी को फिर से शिखर पर पहुंचा दिया। यह जीत चुनावी प्रबंधन की कुशलता की जीत है जिसने बेहतरीन तरीके से अभेद चक्रव्यूह को तोड़कर अभूतपूर्व विजय प्राप्त की है। किसी को एहसास नहीं था कि नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार को दुबारा सत्ता का स्वाद इतने बड़े अंतर से चखने को मिल जाएगा। यह कोई आसान काम नहीं था। नरेंद्र मोदी और अमित शाह ही नहीं बल्कि बीजेपी ने पूरी पार्टी को पूर्ण रूप से लोकसभा चुनाव 2019 के लिए झोंक दिया था। और इन सबके मेहनत का ही परिणाम है कि एनडीए ने असंभव को संभव कर दिया।   ऐसा नहीं है कि मोदी ने 2014 म...
मधुमेह से ग्रस्त आधे लोग अपनी बीमारी से अनजान

मधुमेह से ग्रस्त आधे लोग अपनी बीमारी से अनजान

EXCLUSIVE NEWS, विश्लेषण
भारत में 15 से 49 आयु वर्ग के केवल आधे वयस्क अपनी मधुमेह की स्थिति के बारे में जानते हैं। इसके साथ ही मधुमेह ग्रस्त सिर्फ एक चौथाई लोगों को उपचार मिल पाता है और उनकी रक्त शर्करा नियंत्रण में रहती है। एक नए अध्ययन में यह बात सामने आयी है। मधुमेह से निपटने के लिए सबसे पहले लोगों को इसके बारे में जानकारी होना जरूरी है। लेकिन, इससे ग्रस्त 47.5 प्रतिशत लोगों को अपनी बीमारी के बारे में पता ही नहीं होता। इस कारण उन्हें उपचार नहीं मिल पाता। डायबिटीज से ग्रस्त ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और कम शिक्षित लोगों को देखभाल सबसे कम मिल पाती है। इस अध्ययन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार सर्वेक्षण के वर्ष 2015-16 के आंकड़ों का उपयोग किया गया है, जिसमें 29 राज्यों एवं सात केंद्र शासित प्रदेशों के 15-49 वर्ष के 7.2 लाख से अधिक लोग शामिल हैं। यह अध्ययन नई दिल्ली स्थित पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन और...
Re-defining patriotism and terrorism

Re-defining patriotism and terrorism

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It refers to Sadhvi Pragya Thakur forced to seek apology by her own party BJP for calling Nathuram Godse (the assassinate of MK Gandhi) a patriot. But those criticising Sadhvi Pragya Thakur overlooked the fact that MK Gandhi called Abdul Rashid, the killer of Swamy Shraddhand, as his brother stating that he did not consider Abdul Rashid guilty of murder rather blaming Swamy Shraddhanand allegedly for his purging the atmosphere of mutual hatred and calumny. If MK Gandhi can justify killing of social-reformer Swamy Shraddhanand who was only non-Hindu to be given opportunity to address gathering at Jama Masjid of Delhi, then it is unjustified to snatch right of freedom of expression and speech from Sadhvi Pragya Thakur. It has become a political fashion cutting across party-lines to ...
Congress not changing procedure for appointment of Election Commissioners in its long regime now (though rightly) demands such a logical change

Congress not changing procedure for appointment of Election Commissioners in its long regime now (though rightly) demands such a logical change

TOP STORIES, समाचार
It refers to Congress and other opposition parties strongly criticizing present Chief Election Commissioner for allegedly bias role in favour of ruling BJP during on-going elections for Lok Sabha. Leave apart merit in allegations if any, big question is why Congress in its long regime did not change system of appointing Election Commissioners. Congress was also alleged by the then opposition for appointing certain individuals of its favour as Election Commissioners. However with several other posts like Central Vigilance Commissioners and Central Information Commissioners having a system of appointments by a collegium also consisting opposition-leader, appointment of Election Commissioners requiring even more political neutrality must be selected by a collegium preferably consisting of no...
क्या ममता हार मान चुकी है?

क्या ममता हार मान चुकी है?

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आज़ाद भारत के इतिहास में शायद पहली बार चुनावी हिंसा के कारण देश के एक राज्य में चुनाव प्रचार को 20 घंटे पहले ही समाप्त करने का आदेश चुनाव आयोग ने लिया है। बंगाल में चुनावों के दौरान होने वाली हिंसा के इतिहास को ध्यान में रखते हुए ही शायद चुनाव आयोग ने बंगाल में सात चरणों में चुनाव करवाने का निर्णय लिया था लेकिन यह वाकई में खेद का विषय है कि अब तक जो छः चरणों में चुनाव हुए हैं उनमें से एक भी बिना रक्तपात के नहीं हो पाया। यह चुनावी हिंसा बंगाल में कानून व्यवस्था और लोकतंत्र की स्थिति बताने के लिए काफी है। लेकिन आश्चर्य इस बात का है कि ममता अपने राज्य में होने वाले उपद्रव के लिए अपने प्रशासन को नहीं मोदी को जिम्मेदार ठहरा रही हैं।  वैसे तो ममता बनर्जी ने अपने इरादे इसी साल के आरंभ में ही जता दिए थे जब उन्होंने मोदी के विरोध में कलकत्ता में 22 विपक्षी दलों की एक रैली आयोजित की थी। इस रैली में उ...
कोई रोके बंगाल को लहुलूहान होने से

कोई रोके बंगाल को लहुलूहान होने से

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प्रख्यात कार्टुनिस्ट सुधीर धर को एक बार पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी मिल गईं थी। कहने लगीं कि आजकल आप हमें अपनी कार्टूनों में जगह नहीं दे रहे। इसके विपरीत पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी की मॉर्फ्ड फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाली भाजपा यूथ विंग की कार्यकर्ता प्रियंका शर्मा से तृणमूल कांग्रेस पार्टी (टीएमसी) की नेता इतनी खफा हो गई कि उन्होंने पुलिस में प्रियंका शर्मा के खिलाफ रिपोर्ट तक दर्ज करा दी। प्राथमिक जांच के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने प्रियंका को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भी भिजवा दिया था। बाद में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई । जाहिर है कि टीएमसी के नेताओं ने प्रियंका के खिलाफ ममता बैनर्जी से बिना पूछे पुलिस में केस तो दर्ज नहीं ही करवाई होगी। क्या ममता बैनर्जी जैसी वरिष्ठ नेता को शोभा देता है कि वह भाजपा की एक मामूली सी कार्यकर्ता के ...