अर्थव्यवस्था के संकट से उबरने की तैयारी
भारत आर्थिक मंदी की मार से त्रस्त होता दिख रहा है, आर्थिक अंधेरा चहुं ओर परिव्याप्त हुआ है। अर्थव्यवस्था इस समय बहुत नाजुक दौर से गुजर रही है। बेरोजगारी बढ़ रही है, व्यापार ठप्प है, बाजार सूने हंै, बड़ी कम्पनियां अपने कर्मियों की छंटनी कर रही है, ऐसे कई आंकड़ें एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के चरमराने के संकेत दे रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार बेरोजगारी दर पिछले 45 सालों में सबसे नीचे के स्तर पर पहुंच चुकी है और ऑटोमोबाइल सेक्टर के साथ-साथ उत्पाद काफी समय से मंदी की ओर अग्रसर है। सरकार को अर्थव्यवस्था का संकट गहराने से पहले जल्द कदम उठाने होंगे और नाजूक होती स्थिति को देखते हुए यदि सरकार जागी है तो यह शुभ संकेत है। एक तरफ केन्द्र सरकार ने अर्थव्यवस्था में सुधार के लिये प्रोत्साहन या पैकेज की घोषणा की है, जो दूसरी ओर भारतीय रिर्जव बैंक के खजाने से भी केन्द्र सरकार को 1.76 लाख करोड़ रुप...









