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आप की उल्टी गिनती शुरू

आप की उल्टी गिनती शुरू

Today News, TOP STORIES, राज्य
आजकल उल्टी गिनती एक ”सूचक“ बन गई है, किसी महत्वपूर्ण काम की शुरूआत के लिए या किसी बड़े बदलाव के लिए। हमारे यहां भी कई उल्टी गिनतियां चल रही हैं। एक महत्वपूर्ण उल्टी गिनती पर देश की निगाहें लगी है। जुमा जुमा चार साल पहले पैदा हुई आम आदमी पार्टी की इस उल्टी गिनती की आग में दिल्ली नगर निगम चुनाव के नतीजे ने तेल का काम किया है। अब कुमार विश्वास को लेकर खड़ा हुआ संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। उनकी नाराजगियां तो ऐसी हंै कि पार्टी नेता अरविन्द केजरीवाल कोे सचाई का आइना दिखा रही है। निगम चुनाव के नतीजे एक तरह से मीडिया संस्थानों द्वारा कराए गए सर्वेक्षणों का प्रतिबिंब ही थे। उसके बावजूद केजरीवाल ने राजनीतिक अपरिपक्वता और अहंकार का परिचय देकर धमकाते हुए कहा कि चुनाव परिणाम उनके पक्ष में नहीं आए तो वह ‘ईंट से ईंट बजा’ देंगे। अब लगता है उनकी ‘ईंट से ईंट बज’ रही है। क्योंकि न तो कुमार विश्वा...
“यह कैसा विधान…. पत्थरबाज भी नही आते बाज…”⁉

“यह कैसा विधान…. पत्थरबाज भी नही आते बाज…”⁉

राज्य, विश्लेषण
❔➖आओ हमें गालियां दो , जलील करो , नोचों-खरोचों, लात मारों ,घायल करो या हमारे प्राण भी ले लो , हम "आह" भी नही भरेंगे....हमारे हेल्मेट, सुरक्षा कवच व हथियार आदि भी लुट लो हम "उफ" भी करें तो कहना... ?.... क्योंकि हम तो संयम में रहकर धैर्य के बड़े बड़े कीर्तिमान बनाते आये है और बनाते रहेंगे.... ❔➖ 1947-48 में पाकिस्तानी शत्रुओं ने हमारे कश्मीर का एक तिहाई भाग लगभग 75 हज़ार वर्ग किलोमीटर पर कब्जा कर लिया फिर भी हमने उनको उसी स्थिति का लाभ देकर युद्ध विराम करके हथियार डाल दिये... 1962 में चीन से पिटे और 37 हजार वर्ग किलोमीटर से अधिक का कश्मीरी भूभाग और गंवा बैठे...1965 में भी हमने अपनी वीरता की गाथा को लिखने के लिये "ताशकंद समझौता" किया जिसमें जीते हुए युद्ध को भी समझौते की पटल पर हार गये... और फिर 1971 में हाथ आये शत्रुओ के लगभग 93000 हज़ार कैदियों के साथ अतिथि सत्कार का धर्म निभाते ह...
Changing Time-Zone to GMT+6.00 hours will meet demand of north-east apart from increasing work-output

Changing Time-Zone to GMT+6.00 hours will meet demand of north-east apart from increasing work-output

राज्य
India should have time-zone of GMT+6 hours instead of present GMT+5.30 hours for better utilisation of solar energy. System will also be in tune with most nations having their time zones separated by GMT by complete hours rather than fraction of an hour. Such a change will also meet demand of north-eastern states of the country where sunrise and sunset are much earlier, apart from saving much on energy and electricity. India should also take up this matter too with concerned international agencies for all the nations to have their time zones separated by GMT in complete hours only. India should take lead in taking up matter of metric-measure of time with concerned international authorities. When all other measures are converted in metric-system from earlier haphazard systems, metric-mea...
*मंत्रिपरिषद के महत्वपूर्ण निर्णय*

*मंत्रिपरिषद के महत्वपूर्ण निर्णय*

प्रेस विज्ञप्ति, राज्य
पत्र सूचना शाखा (मुख्यमंत्री सूचना परिसर) सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, उ0प्र0 *मंत्रिपरिषद के महत्वपूर्ण निर्णय* लखनऊ: 02 मई, 2017 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज यहां लोक भवन में सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:- *शासकीय विभागों में ई-टेंडरिंग तथा ई-प्रोक्योरमेंट प्रणाली लागू किये जाने का फैसला* मंत्रिपरिषद ने शासकीय विभागों में ई-टेंडरिंग तथा ई-प्रोक्योरमेंट प्रणाली लागू किये जाने का फैसला लिया है। यह निर्णय वर्तमान सरकार के लोक-कल्याण संकल्प पत्र 2017 के ‘सभी सरकारी काॅन्ट्रैक्ट के लिए ई-टेंडरिंग व्यवस्था लागू की जायेगी‘ के वायदे के अनुरूप लिया गया है। इस निर्णय के तहत प्रदेश के सभी शासकीय विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, विकास प्राधिकरणों, नगर निगमों, स्वायत्त शासी संस्थाओं, निकायों इत्यादि में एन....
Appreciable step of UP …

Appreciable step of UP …

BREAKING NEWS, राज्य
>Appreciable step of UP government in abolishing holidays of birth and death anniversaries of leaders: Central government should abolish holidays on Gandhi and Ambedkar Jayantis UP government led by Yogi Adityanath deserves all compliments for taking a bold step to abolish fifteen holidays relating to birth and death anniversaries of certain people in the state. These holidays were started by earlier BSP and SP governments just for appeasing certain sections of people. But still there is scope for curtailing more such holidays in a state where culture of ever-mushrooming holidays just for vote-bank politics ruined work-culture. Logic given by UP government that extra time should rather be spent on such abolished holidays to educate great work of these eminent personalities honoured throug...
व्यापम पर “कैग” रिपोर्ट के निहितार्थ

व्यापम पर “कैग” रिपोर्ट के निहितार्थ

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जावेद अनीस भाजपा द्वारा मध्यप्रदेश को विकास के माडल के तौर पर प्रस्तुत किया जाता रहा है, लेकिन राजनैतिक शुचिता, ईमानदार मूल्यों और आदर्शों की बात करने वाले भाजपा के शासनकाल में व्यापमं जैसा घोटाला हुआ जिसने मध्य प्रदेश को देश ही नहीं पूरी दुनिया में बदनाम किया है. यह भारत के सबसे बड़े और अमानवीय घोटालों में से एक है जिसने सूबे के लाखों युवाओं के अरमानों और कैरियर के साथ खिलवाड़ करने का काम किया है. इस घोटाले की चपेट में आये ज्यादातर युवा गरीब, किसान, मजदूर और मध्यम वर्गीय परिवारों से हैं जो तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपना पेट काटकर अपने बच्चों को पढ़ाते हैं जिससे उनके बच्चे अच्छी उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने जीवन में स्थायित्व ला सकें और सम्मानजनक जीवन जी सकें. व्यापमं जैसे महाघोटाले ने भाजपा के भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन जैसे खोखले दावों की पोल खोलने का काम किया है. बहुत ही सुनियोजित...
सबको सन्मति दे भगवान!

सबको सन्मति दे भगवान!

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‘मंदिर वहीं बनायेंगे’ का नारा बार-बार लगाने वाले योगी आदित्यनाथ अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। उनके मुख्यमंत्री बनते ही सुप्रीम कोर्ट ने भी एक बार फिर आपसी समझबूझ से बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवाद को निपटाने की बात कही है। इस तरह से यह विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है, उसे सुलझाने की कोशिशों को तेज करने की प्रक्रिया प्रारंभ होती दिखाई दे रही है। लेकिन प्रश्न यह है कि साम्प्रदायिकता को उग्र करके यह मसला कैसे सुलझाया जा सकता है। इन दिनों जो हालात बन रहे हैं उनमें हिन्दू-मुस्लिम पास-पास आने की बजाय उनमें दूरियां की बढ़ती दिखाई दे रही है। राजस्थान के अलवर में पहलू खां की गौरक्षा के नाम पर हत्या करना हो या उत्तर प्रदेश चुनाव में भाजपा द्वारा कब्रिस्तान-श्मशान की बात उठाकर धर्म की राजनीति का सहारा लेने का प्रयास किया हो, वन्दे मातरम को गाये जाने का प्रश्न हो या तीन तलाक का मसला- ऐसी स्थिति...
राजौरी गार्डन उप-चुनाव में किसकी हार

राजौरी गार्डन उप-चुनाव में किसकी हार

addtop, राज्य, विश्लेषण
गत सप्ताह यूं तो अनेक राज्यों में हुए विधान सभा के उप चुनावों के परिणाम आए किन्तु, राजधानी दिल्ली के राजौरी गार्डन विधान सभा क्षेत्र के उपचुनाव का परिणाम अपने आप में अप्रत्याशित तथा मतदाता की दूरगामी सोच को दर्शाता है। यह परिणाम एक दृष्टि से न तो भाजपा की जीत है और ही कांग्रेस या आम आदमी पार्टी की हार। एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता की प्रेस वार्ता में, उसके ऊपर सरे-आम जूता फैंककर, पत्रकार से राजनेता बने, पूर्व विधायक जरनैल सिंह द्वारा राजौरी गार्डन की जनता का तिरस्कार किया जाना भी इस हार का कारण नहीं माना जा सकता है। हालांकि, जनता को धोखा व इस सीट को तिलांजलि देकर वे पंजाब में चुनाव लड़ने चले गए थे। राजौरी गार्डन क्षेत्र वैसे पंजाबी बाहुल्य क्षेत्र है और पंजाब चुनाव की सभी विद्याओं का प्रयोग इस चुनाव के दौरान भी इस खास समुदाय के लोगों को रिझाने हेतु किया गया। किन्तु चतुर सुजान जागरूक मतदाताओं...
केवल कर्ज माफी से नहीं होगा किसानो का उद्धार

केवल कर्ज माफी से नहीं होगा किसानो का उद्धार

राज्य
यूपीए-2 से शुरू हुआ किसानों की कर्ज माफी का सिलसिला आज तक जारी है। उ0प्र0 के मुख्यमंत्री योगी ने चुनावी वायदों को पूरा करते हुए लघु व सीमांत किसानों की कर्ज माफी का एलान कर दिया है। निश्चित रूप से इस कदम से इन किसानों को फौरी राहत मिलेगी। पर  इस बात की कोई गारंटी नहीं कि उनके दिन बदल जायेंगे। केंद्रीय सरकार ने किसानों की दशा सुधारने के लिए ‘बीज से बाजार तक’ छः सूत्रिय कार्यक्रम की घोषणा की है। जिसका पहला बिंदू है किसानों को दस लाख करोड़ रूपये तक ऋण मुहैया कराना। किसानों को सीधे आॅनलाईन माध्यम से क्रेता से जोड़ना, जिससे बिचैलियों को खत्म किया जा सके। कम कीमत पर किसानों की फसल का बीमा किया जाना। उन्हें उन्नत कोटि के बीज प्रदान करने। 5.6 करोड़ ‘साॅईल हैल्थ कार्ड’ जारी कर भूमि की गुणवत्तानुसार फसल का निर्णय करना। किसानों को रासायनिक उर्वरकों के लिए लाईन में न खड़ा होना पड़े, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित...
दिल्ली एमसीडी चुनाव एक महासंग्राम है

दिल्ली एमसीडी चुनाव एक महासंग्राम है

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साल 2017 के दिल्ली के तीन नगर निगम चुनाव की सरगर्मिया तेज हो गयी है।  चुनाव में दिल्ली की तीन राजनीतिक पार्टियों के लिये ये चुनाव प्रतिष्ठा का प्रश्न ही नहीं बल्कि एक महासंग्राम बने हुए हंै। यूपी, उत्तराखंड की जीत से गदगद बीजेपी इस चुनाव में तकनीक, मैन पॉवर और यूथ पॉवर का गजब संयोग करने वाली है। वहीं कांग्रेस दूरदर्शिता, राजनीतिक इच्छाशक्ति और दिल्ली को वल्र्ड क्लास सिटी के संकल्प के साथ चुनाव में उतर रही है। तीसरी पार्टी आम आदमी पार्टी विधानसभा चुनाव जिस प्रचण्ड बहुमत से जीती थी, उसका खुमार उस पर अभी भी सवार है। पंजाब और गोवा विधानसभा चुनाव लड़ने के बाद इस पार्टी ने इस चुनाव के लिए कमर कस ली है। माहौल को देखते हुए तो यही प्रतीत होता है कि सभी दल राजनीति नहीं, स्वार्थ नीति चला रहे हैं। दिल्ली की आम जनता की बुनियादी समस्याओं का हल एवं उसकी खुशहाली का रास्ता इन चुनावों से होकर ही जाता हुआ दिख...