Shadow

BREAKING NEWS

अर्थव्यवस्था को सेंध लगाते ऑनलाइन सट्टेबाजी, बेटिंग गेम्स

अर्थव्यवस्था को सेंध लगाते ऑनलाइन सट्टेबाजी, बेटिंग गेम्स

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय
हाल ही में सट्टेबाजी और बेटिंग वाले विभिन्न ऑनलाइन गेम्स पर सरकार ने नये नियम जारी करते हुए इन पर अपनी तलवार चला दी है, जो बहुत ही काबिलेतारीफ कदम कहा जा सकता है। अब नये नियमों के तहत ऑनलाइन गेम को मंजूरी देने का फैसला इस बात को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा कि उस गेम में किसी तरह से दांव या बाजी लगाने की प्रवृत्ति तो शामिल नहीं है। अगर एसआरओ(स्व नियामक संगठनों) को यह पता चलता है कि किसी ऑनलाइन गेम में दांव लगाया जाता है तो वह उसे मंजूरी नहीं देगा। दूसरे शब्दों में, यह बात कही जा सकती है कि सरकार ने सट्टेबाजी और बेटिंग से जुड़े विभिन्न एप्स को हाल ही में प्रतिबंधित करने की बात कही है और साथ ही सट्टेबाजी और जुए से जुड़े विज्ञापनों से बचने की भी चेतावनी या यूं कहें कि एडवायजरी जारी की गई है। वास्तव में, न ई एडवायजरी या इन संशोधनों को जारी करने के पीछे मकसद इंटरनेट को खुला, सुरक्षित और वि...
भारत का राष्ट्रीय पशु(जानवर) बाघ है।

भारत का राष्ट्रीय पशु(जानवर) बाघ है।

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, समाचार
भारत का राष्ट्रीय पशु(जानवर) बाघ है। समय के साथ मानवीय हस्तक्षेप के कारण बाघों पर भी खतरा मंडराया और यह बात हमें आंकड़ों से पता चलती है। एक समय था जब बाघों की तेजी से कम होती संख्या को लेकर चिंता जताई जाने लगी थी, लेकिन अब धीरे-धीरे इसमें प्रोजेक्ट टाइगर व अन्य बाघ संरक्षण कार्यक्रमों से इसमें कुछ सुधार आ रहा है। समय के साथ ही वन्य जीवों के शिकार के संबंध में कानून को भी सख्त बनाया गया है। बहरहाल, एक अनुमान के अनुसार, विश्व भर के बाघों ने अपने प्राकृतिक निवास स्थान का तकरीबन 93 प्रतिशत हिस्सा खो दिया है। यह बहुत ही गंभीर व संवेदनशील है कि इन निवास स्थानों(अधिवासों) को अधिकांशतः मानव गतिविधियों द्वारा नष्ट किया गया है। वनों और घास के मैदानों को कृषि ज़रूरतों के लिये परिवर्तित किया जा रहा है। बाघों से मानव को कथित खतरे को देखते हुए और मौद्रिक लाभ कमाने के उद्देश्य से बाघों का शिकार मानव ...
बहुत याद आएंगे सलीम दुर्रानी

बहुत याद आएंगे सलीम दुर्रानी

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, सामाजिक
आर.के. सिन्हा सलीम दुर्रानी के बीते रविवार को निधन से भारत ने अपना 1960 और 1970 के दशकों के एक बेहद लोकप्रिय और लाजवाब क्रिकेटर को खो दिया। सलीम दुर्रानी ने गुजरात के जामनगर में आखिरी सांस ली।   सलीम दुर्रानी जब मैदान में होते थे, तो कोई भी लम्हा नीरस नहीं होता था। सलीम दुर्रानी के लिए मशहूर था कि वे दर्शकों की मांग पर छक्का मारते थे। उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल हरफनमौला क्रिकेटर माना जाता था। दर्शकों की छक्के की मांग को वे फौरन पूरा करते थे। वे राजधानी में सालों राजस्थान की तरफ से रणजी ट्रॉफी के मैच खेलने के लिए करनैल सिंह स्टेडियम में आया करते थे। राजस्थान की उस दौर की टीम में हनुमंत सिंह, लक्ष्मण सिंह तथा कैलाश गट्टानी जैसे स्टार प्लेयर होते थे। हनुमंत सिंह तो सेंट स्टीफंस कॉलेज के स्टुडेंट रहे थे। पर सलीम दुर्रानी की लोकप्रियता के सामने बाकी...
यूपीआई लेनदेन पर शुल्क का ब्रेन गेम

यूपीआई लेनदेन पर शुल्क का ब्रेन गेम

BREAKING NEWS, TOP STORIES, आर्थिक, समाचार
यह सलाह दी जाती है कि "मदर थेरेसा" न बनें और अपने बैंक के साथ-साथ अपने यूपीआई भुगतान प्रणाली का बुद्धिमानी से उपयोग करें। हमेशा ध्यान रखें कि राजस्व विभाग आपसे अधिक से अधिक धन वसूलने का इच्छुक है, क्योंकि इसके लिए उन्हें भुगतान किया जाता है और आपकी दया या सहानुभूति आपको परेशानी में डाल सकती है। अत्यधिक यूपीआई  का उपयोग करने से नकद छूट/छूट/प्रोत्साहन प्राप्त करने का आपका लालच आपको परेशानी में डाल सकता है, जिसकी कीमत आपको भविष्य में बहुत अधिक चुकानी पड़ेगी। -डॉ सत्यवान सौरभ एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई )एक ऐसी तकनीक है जो विभिन्न बैंक खातों को एक ही मोबाइल ऐप (किसी भी भाग लेने वाले बैंक के) में समेकित करती है - तत्काल रीयल-टाइम भुगतान प्रणाली प्रदान करती है; उपयोगकर्ताओं को दूसरे पक्ष को अपने बैंक खाते का विवरण प्रकट किए बिना कई बैंक खातों में धन हस्तांतरित करने की अनुमति देती है। यह...
राष्ट्रपति ने गज उत्सव-2023 का उद्घाटन किया

राष्ट्रपति ने गज उत्सव-2023 का उद्घाटन किया

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज (07 अप्रैल, 2023) असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में गज उत्सव-2023 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर, राष्ट्रपति ने कहा कि प्रकृति और मानवता के बीच एक बहुत ही पवित्र रिश्ता है। प्रकृति का सम्मान करने वाली संस्कृति हमारे देश की पहचान हमेशा सेरही है। भारत में प्रकृति और संस्कृति आपस में जुड़े हुए हैं और एक-दूसरे का पोषण करते हैं। हमारी परंपरा में हाथियों का बहुत सम्मान किया जाता है। भारत में इसे समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। यह देश का राष्ट्रीय धरोहर पशु है, इसलिए हाथियों की रक्षा करना हमारे लिएअपनी राष्ट्रीय धरोहर को संरक्षित करने वाली हमारी राष्ट्रीय जिम्मेदारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। राष्ट्रपति ने कहा कि जो काम प्रकृति और पशु-पक्षियों के हित में हैं, वही मानवता और धरती माता के हित में भी हैं। हाथी अभ्यारण वाले जंगल और हर...
पवार का पंच

पवार का पंच

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राज्य
राजनीति के धुरंधर खिलाड़ी शरद पवार ने एक सच्ची बात कहकर विपक्ष के होश उड़ा दिए हैं !हालांकि सकते में पड़ी कांग्रेस के प्रवक्ता यह कहते हुए झेंप मिटा रहे हैं कि शरद के बयान से विपक्षी एकजुटता पर कोई असर नहीं पड़ता !परंतु कांग्रेस जानती है कि पहले ममता , फिर केजरीवाल , फिर केसीआर और फिर अखिलेश के कांग्रेस से कन्नी काट लेने के बाद अब शरद पवार जैसे आधुनिक चाणक्य की इस झन्नाटेदार चपत का मतलब क्या है ? शरद बाबू ने न केवल अडानी अंबानी को देश की तरक्की में सहयोगी बताया , अपितु इस बात पर भी अफसोस जताया कि अपनी युवावस्था में वे भी टाटा बिड़ला जैसे उद्यमियों पर तौहामत लगाते थे !बाद में उनकी समझ आया कि उद्योगपतियों का देश की तरक्की में कितना बड़ा योगदान है , और वे कितने गलत थे !उन्होंने कहा कि अडानी ने अनेक प्रोजेक्ट्स और पावर सैक्टर के माध्यम से देश की प्रगति यात्रा को बहुत आगे बढ़ाया है ! शरद...
इमरान खान – आज के पाकिस्तान का शेर

इमरान खान – आज के पाकिस्तान का शेर

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने खेल जगत में अपनी एक अलग पहचान बनाई हुई है। आज भी सम्पूर्ण विश्व इमरान खान को उनकी पूर्व की छवि से ही याद करते है। वे 80 के दशक के एक लोकप्रिय क्रिकेटर रहे हैं, उनके असंख्य प्रशंसक ना केवल पाकिस्तान में अपितु भारत देश में भी हैं। उन्होंने खेल जगत में क्रिकेट को आकाश की ऊँचाईयों तक पहुँचाया है, इसलिए उनके प्रशंसक उनका दिल से सम्मान करते हैं।आज सम्पूर्ण पाकिस्तान राजनीतिक, आर्थिक एवं सामाजिक क्षेत्रों में नित्प्रतिदिन पतन की ओर अग्रसर हो रहा है, ऐसी परिस्थिति में जनता त्राही-त्राही कर रही है। वर्ष 1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन के समय में भी वहाँ की जनता ने हिन्दुओं को लूटकर अपने घर भरे और समय का लाभ उठाया, परन्तु वर्तमान में उनके किए हुए कुकर्मो का फल उन्हें बहुतायत में मिल रहा है। यदि हम पाकिस्तान के अस्तित्व से लेकर अब तक की स्थिति का आंकलन करे...
सुप्रसिद्ध क्राँतिकारी मंगल पाण्डेय का बलिदान

सुप्रसिद्ध क्राँतिकारी मंगल पाण्डेय का बलिदान

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, सामाजिक
8 अप्रैल 1857 सुप्रसिद्ध क्राँतिकारी मंगल पाण्डेय का बलिदान इन्ही के स्वाभिमान की चिंगारी क्राँति का दावानल बनी- रमेश शर्मा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में 1857 की क्रान्ति को सब जानते हैं। यह एक ऐसा सशस्त्र संघर्ष था जो पूरे देश में एक साथ हुआ । इसमें सैनिकों और स्वाभिमान सम्पन्न रियासतों ने हिस्सा लिया । असंख्य प्राणों की आहूतियाँ हुईं थी । इस संघर्ष का सूत्रपात करने वाले स्वाभिमानी सिपाही मंगल पाण्डेय थे । अपने स्वत्व और स्वाभिमान की रक्षा के लिये न केवल गाय की चर्बी वाले कारतूस लेने से इंकार किया अपितु दो अंग्रेज सैन्य अघिकारियों को गोली भी मार दी ।ऐसे इतिहास प्रसिद्ध क्राँतिकारी मंगल पाण्डेय का जन्म उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के अंतर्गत नगवा नामक गांव में 19 जुलाई 1827 को हुआ था। इनके पिता दिवाकर पांडे था भारतीय परंपराओ से जुड़े थे । घर में पूजा पाठ का वातावरण था । मंगल पाण्डेय ...
मीडिया पर प्रतिबंध, अभिव्यक्ति की आज़ादी पर प्रतिबंध

मीडिया पर प्रतिबंध, अभिव्यक्ति की आज़ादी पर प्रतिबंध

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय
देश की शीर्ष अदालत ने सत्ताधीशों को आईना दिखाया है। शीर्ष अदालत ने मलयालम चैनल मीडिया वन पर लगे प्रतिबंध को हटाते हुए सरकार को यह नसीहत दी है। याद कीजिए, केंद्रीय सूचना व प्रसारण और गृह मंत्रालय ने इस मलयालम चैनल मीडिया वन को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिये खतरा बताते हुए बीती 31 जनवरी को इस पर रोक लगायी थी। याद कीजिए, उस कहावत को कि “मजबूत लोकतंत्र के लिये मीडिया की आजादी ज़रूरी है।“ इसी तथ्य को एक बार फिर दोहराकर देश की शीर्ष अदालत ने सत्ताधीशों को आईना दिखाने का ही प्रयास किया है। शीर्ष अदालत की पीठ ने यह भी कहा कि चैनल के शेयरधारकों का जमात-ए-इस्लामी हिंद से जुड़ाव का दावा चैनल के अधिकारों को प्रतिबंधित करने का वैध आधार भी नहीं है। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डी.वाई़ चंद्रचूड़ और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने बीते बुधवार कहा कि सरकार मीडिया की आजादी पर अनुचित प्रतिबंध नहीं लगा सकती। ऐसा करने...
क्यों झूठ बोल रहे हैं केंद्रीय खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ?

क्यों झूठ बोल रहे हैं केंद्रीय खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ?

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राज्य, समाचार
अनुज अग्रवाल , अध्यक्ष, मौलिक भारतबेमौसम आँधी , तूफ़ान , बर्फ़बारी और बरसात से सब्ज़ी, फलों, गेहूं व तिलहन आदि की फसल का देश के आधे से ज़्यादा जिलो में दस से पचास प्रतिशत तक नुक़सान हुआ है।औसत रूप से बीस प्रतिशत तक रबी की फ़सलों की कम पैदावार होने का आँकलन स्वतंत्र समीक्षक व कृषि विशेषज्ञ कर रहे हैं।लगभग हर प्रभावित ज़िले से दो - चार किसानों के आत्महत्या अथवा सदमे से मौत के समाचार आ रहे हैं किंतु केंद्रीय कृषि मंत्रालय व खाद्य सचिव झूठ पर झूठ बोल रहे हैं व देश के किसानों व जनता को धोखा दे रहे हैं। वे नहीं बता पा रहे हैं कि - 1) किसी राज्य में अगर ज़्यादा पैदावार भी जाती है तो क्या उसका फ़ायदा किस तरह उन राज्यो के किसानों को होगा जिनकी फसल बर्बाद हो गई है ? 2) मंत्रालय यह क्यों नहीं बता रहा है कि बेमौसम बरसात व बर्फ़बारी से फ़सलों की गुणवत्ता बुरी तरह प्रभावित हुई है। बिना गुण...