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विश्व स्वास्थ्य दिवस, 7 अप्रैल)

विश्व स्वास्थ्य दिवस, 7 अप्रैल)

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय
डॉक्टर और दवाइयों की कमी से जूझता देश का स्वास्थ्य प्रत्येक 10,000 लोगों के लिए केवल एक एलोपैथिक डॉक्टर उपलब्ध है और 90,000 लोगों के लिए एक सरकारी अस्पताल उपलब्ध है। मासूम और अनपढ़ मरीजों या उनके रिश्तेदारों का शोषण किया जाता है। अधिकांश केंद्र अकुशल या अर्ध-कुशल पैरामेडिक्स द्वारा चलाए जाते हैं और ग्रामीण सेटअप में डॉक्टर शायद ही कभी उपलब्ध होते हैं। मरीजों को जब आपात स्थिति में तृतीयक देखभाल अस्पताल में भेजा जाता है जहां वे अधिक भ्रमित हो जाते हैं और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और बिचौलियों के एक समूह द्वारा आसानी से धोखा खा जाते हैं। बुनियादी दवाओं की अनुपलब्धता भारत की ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा की एक सतत समस्या है। कई ग्रामीण अस्पतालों में नर्सों की संख्या जरूरत से काफी कम है. -डॉ सत्यवान सौरभ विश्व स्वास्थ्य दिवस, 7 अप्रैल, स्वास्थ्य समस्या या विशेष ध्यान देने योग्य मुद्दे पर विश्व ...
रेपो दर में वृद्धि को रोकना, भारतीय रिजर्व बैंक का साहसिक निर्णय

रेपो दर में वृद्धि को रोकना, भारतीय रिजर्व बैंक का साहसिक निर्णय

BREAKING NEWS, आर्थिक, विश्लेषण
पिछले एक वर्ष से भी अधिक समय से पूरे विश्व में लगभग सभी देश लगातार बढ़ती मुद्रा स्फीति की दर को नियंत्रित करने के उद्देश्य से ब्याज दरों में वृद्धि करते जा रहे हैं। अभी हाल ही में अमेरिका ने यूएस फेड दर में 25 आधार अंकों की एवं ब्रिटेन ने केंद्रीय ब्याज दर में 50 आधार अंको की वृद्धि की है। यही स्थिति लगभग सभी विकसित देशों की है। इन देशों में हालांकि ब्याज दरों में लगातार वृद्धि करने से मुद्रा स्फीति पूर्णतः नियंत्रण में आती दिखाई नहीं दे रही है, हां कुछ देशों में मुद्रा स्फीति में कुछ कमी जरूर आई है। सामान्यतः विश्व के कई देश, विशेष रूप से विकसित देश, यदि ब्याज दरों में वृद्धि करते हैं तो अन्य देशों को अपनी मुद्रा के बाजार मूल्य को बचाने के उद्देश्य से ब्याज दरों में वृद्धि करना एक मजबूरी बन जाता है। परंतु, दिनांक 06 अप्रेल 2023 को सम्पन्न हुई भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की ब...
श्रीराम नवमी उत्सव मनाना भी अपराध

श्रीराम नवमी उत्सव मनाना भी अपराध

BREAKING NEWS, धर्म, विश्लेषण
प्रशांत पोळ दिनांक 1 अप्रैल को भोपाल में हुतात्मा हेमू कालानी जन्मशताब्दी समारोह संपन्न हुआ. इस समारोह में विदेशों से भी अनेक सिंधी भाषिक भाई – बहन आए थे. इन में से, कराची से आए हुए नारायणदास ने बताया की ‘पाकिस्तान में हिन्दू अपना कोई भी त्यौहार / उत्सव सार्वजनिक रूप से, खुले में नहीं मना सकते. मंदिर में या किसी के घर पर ही मनाना पड़ता हैं.‘ इस रामनवमी को बंगाल, बिहार आदि स्थानों पर जो कुछ हुआ, उसे देखकर लगता हैं, की ‘क्या, भारत के कुछ स्थानों पर भी हिन्दू अपना उत्सव सार्वजनिक रूप से नहीं मना सकते?’ इस वर्ष गुरुवार, 30 मार्च को रामनवमी थी. वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार, देश के लगभग सभी गांवों में, शहरों में इस दिन भगवान राम की शोभायात्रा निकलती हैं. इस वर्ष भी निकली. किन्तु बंगाल के हावड़ा में, उत्तर दिनाजपुर जिले के डालखोला में, इस्लामपुर में, वडोदरा में, छत्रपती संभाजी न...
बल, बुद्धि और सिद्धि के सागर हैं हनुमान

बल, बुद्धि और सिद्धि के सागर हैं हनुमान

BREAKING NEWS, TOP STORIES, धर्म, राष्ट्रीय
हनुमान जयन्ती- 6 अप्रैल 2023 पर विशेष- ललित गर्ग - आधुनिक समय के सबसे जागृत, सिद्ध, चमत्कार घटित करने वाले एवं अपने भक्तों के दुःखों को हरने वाले भगवान हनुमान हैं, उनका चरित्र अतुलित पराक्रम, ज्ञान और शक्ति के बाद भी अहंकार से विहीन था। यही आदर्श आज हमारे लिये प्रकाश स्तंभ हैं, जो विषमताओं से भरे हुए संसार सागर में हमारा मार्गदर्शन करते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि असंभव लगने वाले कार्यों में भी जब हनुमानजी ने विजय प्राप्त की तब भी उन्होंने प्रत्येक सफलता का श्रेय ‘सो सब तव प्रताप रघुराई’ कहकर अपने स्वामी को समर्पित कर दिया। पूरी मेहनत करना पर श्रेय प्राप्ति की इच्छा न रखना सेवक का देव दुर्लभ गुण होता है, जो उसे अन्य सभी सद्गुणों का उपहार दे देता है। यहीं हनुमानजी के व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विशेषता है। वे शौर्य, साहस और नेतृत्व के भी प्रतीक हैं। समर्पण एवं भक्ति उनका सर्वाधिक लोकप्रिय ग...
बैंकिंग क्षेत्र में बढ़ता तनाव और वित्तीय बाजार में अनिश्चितता

बैंकिंग क्षेत्र में बढ़ता तनाव और वित्तीय बाजार में अनिश्चितता

BREAKING NEWS, आर्थिक, विश्लेषण
भारत के सरकारी अर्थ शास्त्रियों के अनुमान विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक के अनुमानों से मेल नहीं खा रहे हैं। इन बैंकों के नए अनुमान इस बात को रेखांकित करते हैं कि 2023-24 में भारतीय अर्थव्यवस्था में मंदी आएगी। बहुपक्षीय एजेंसियों के अनुमान भी इस दायरे के इर्दगिर्द ही हैं। बहरहाल, उभरते वैश्विक और घरेलू वृहद आर्थिक हालात को देखते हुए ये अनुमान दबाव में आ सकते हैं और वास्तविक वृद्धि आर्थिक समीक्षा में उल्लिखित दायरे के निचले स्तर के आसपास रह सकती है। विश्व बैंक के अनुमानों के मुताबिक भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत होगी जबकि एडीबी का अनुमान है कि यह दर 6.4 प्रतिशत रहेगी। ये अनुमान जनवरी में आर्थिक समीक्षा में पेश किए गए आंकड़ों के करीब हैं। उसमें कहा गया था कि वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहेगी जो वास्तव में 6 से 6.8 प्रतिशत के बीच रह सकती है। विश्व बैंक का अनुमान है कि 202...
नया उपकरण बताएगा आँतों में कैसे काम करते हैं सूक्ष्मजीव

नया उपकरण बताएगा आँतों में कैसे काम करते हैं सूक्ष्मजीव

BREAKING NEWS, TOP STORIES, समाचार
नया उपकरण बताएगा आँतों में कैसे काम करते हैं सूक्ष्मजीव सूक्ष्मजीवों का मनुष्य के जीवन से गहरा संबंध है। रोगजनक सूक्ष्मजीव हमें बीमार करने के लिए जाने जाते हैं, तो दूसरी ओर बहुत से सूक्ष्मजीव बेहतर स्वास्थ्य की एक महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। सूक्ष्मजीवों का यह समुदाय माइक्रोबायोम कहलाता है, जो चयापचय और रोगों से बचाव में अपनी भूमिका निभाते हैं। मानव आँत माइक्रोबायोम की एक हजार से अधिक प्रजातियों से मिलकर बना है, जिनमें 33 लाख से अधिक विशिष्ट जीन्स हैं। आँतों में सूक्ष्मजीव भोजन को संसाधित करने के लिए एंजाइमों का स्राव करते हैं और शरीर को विभिन्न मेटाबोलाइट प्रदान करते हैं, जो शरीर की आंतरिक कार्यप्रणाली के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक हैं। भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर) भोपाल के शोधकर्ताओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित एक नया उपकरण विकसित किया है, ज...
हनुमान जी – साहस, शौर्य और समर्पण के प्रतीक

हनुमान जी – साहस, शौर्य और समर्पण के प्रतीक

BREAKING NEWS, TOP STORIES, धर्म, राष्ट्रीय
हनुमान, जिन्होंने सीता देवी को दिखाने के लिए अपना हृदय खोल दिया कि भगवान राम और वह उनके हृदय में निवास करते हैं और उन्हें उनसे उपहार के रूप में मोतियों के हार की आवश्यकता नहीं है, ऐसे अद्भुत समर्पण और बलिदान की आज कल्पना भी नहीं की जा सकती . लेकिन भगवान अपने अनुयायियों की भक्ति के लिए ही पीछे हटते हैं। हनुमान की पूजा सभी लोग विशेष रूप से करते हैं जो खेल और कठिन योगाभ्यास में लगे हुए हैं। हनुमान की तरह, हमें अपने मन, बुद्धि को अपनी आत्मा के नियंत्रण में लाकर, अपने स्वामी (हमारे सच्चे स्व, आत्मान) की सेवा करने का प्रयास करना चाहिए। -प्रियंका सौरभ हनुमान सबसे लोकप्रिय हिंदू देवताओं में से एक हैं। वह सेवा (सेवा), भक्ति (भक्ति) और समर्पण (समर्पण, अहंकारहीनता) का अवतार है। वह शिव के अवतार हैं। उन्हें अंजनी देवी के पुत्र पवन-देवता (मरुता) का पुत्र भी माना जाता है। उनकी ठुड्डी ऊंची है (इसलि...
विश्व स्वास्थ्य दिवस और भारत की भूमिका

विश्व स्वास्थ्य दिवस और भारत की भूमिका

BREAKING NEWS, TOP STORIES, समाचार, सामाजिक
मृत्युंजय दीक्षितविश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्‍ल्‍यूएचओ), के स्थापना दिवस 7 अप्रैल को ही विश्व स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन, संयुक्त राष्ट्र संघ की एक अनुषांगिक इकाई है जो विश्व के देशों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर वैश्विक सहयोग तथा स्वास्थ्य सम्बन्धी विविध एवं मानक विकसित और स्थापित करती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के 193 सदस्य देश तथा दो संबद्ध सदस्य देश हैं इसकी स्थापना 7 अप्रैल 1948 को की गयी थी जबकि विश्व स्वास्थ्य दिवस वर्ष 1950 से मनाया जा रहा है।इस वर्ष विश्व स्वास्थ्य संगठन अपनी 75 वर्षगाँठ मना रहा है इसलिए इस बार का विश्व स्वास्थ्य दिवस विशेष उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य दिवस लोगों के स्वास्थ्य स्तर में सुधार करने हेतु उनमें स्वास्थ्य सम्बन्धी विषयों पर जागरुकता लाने के लिए मनाया जाता है। भारत भी विश्व स्वास्थ्‍य संगठन का एक सदस...
बिहार से बंगाल तक हिंसा – हिंदू विरोधी टूलकिट का अभियान

बिहार से बंगाल तक हिंसा – हिंदू विरोधी टूलकिट का अभियान

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बिहार से बंगाल तक हिंसा - हिंदू विरोधी टूलकिट का अभियानबिहार से बंगाल तक रामनवमी को फिर बनाया गया निशानातथाकथित धर्मनिरपेक्ष दलों की विकृत राजनीति का दौर प्रारम्भमृत्युंजय दीक्षितजिस समय देश उल्लास और उत्साह के साथ रामभक्ति के रंग में डूबकर रामनवमी का पर्व मना रहा था उस समय कुछ शरारती तत्व अपने राजनैतिक आकाओं के बल पर हिंसा का तांडव रच रहे थे। रामनवमी के पावन अवसर पर बंगाल से बिहार, झारखंड और महाराष्ट्र तक जिस प्रकार से चुन चुन कर रामनवमी झांकियों, यात्राओं और भक्तों पर पथराव तथा हिंसा की गई वह निंदनीय नहीं घृणित है और उससे भी अधिक घृणित है उस हिंसा को सही ठहराने वाले छद्म धर्मनिरपेक्ष लोगों का व्यवहार फिर वो चाहे कुछ राज्यों के मुख्यमंत्री ही क्यों न हों।रामनवमी को हिन्दुओं पर हमले के रूप में प्रारम्भ हुयी हिंसा महाराष्ट्र के संभाजीनगर से बंगाल के हावड़ा से होती हुई बिहार के पांच जिलों औ...
वैश्विक बैंकिंग : त्रासदी या प्रहसन

वैश्विक बैंकिंग : त्रासदी या प्रहसन

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अँतत: बीती 27 मार्च को फर्स्ट सिटिजन बैंक (एफसीबी) ने सिलिकन वैली बैंक (एसवीबी) का अधिग्रहण कर ही लिया। जिसके लिए उसे अमेरिकी फेडरल डिपॉजिट इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (एफडीआईसी) से वित्तीय सहायता मिली थी। मे एक मित्र ने पूछा है कि एसवीबी का पतन क्यों हुआ? इसका एक संक्षिप्त उत्तर तो यह है कि बीते कई वर्षों के दौरान अमेरिका में नियामकीय मामलों में खतरे के निशान धुंधले पड़े हैं। जैसे जुलाई 2010 का डॉड-फ्रैंक वॉल स्ट्रीट सुधार और उपभोक्ता संरक्षण कानून को मई 2018 में इकनॉमिक ग्रोथ, रेग्युलेटरी रिलीफ ऐंड कज्यूमर प्रोटेक्शन ऐक्ट पारित करके काफी नरम कर दिया गया। वैसे एसवीबी का पतन लीमन ब्रदर्स की तरह नहीं हुआ, बल्कि एसवीबी के पास लंबी परिपक्वता सीमा वाले बॉन्ड का भारी भरकम भंडार और अल्पावधि की उधारी वाले लोन पोर्टफोलियो थे। एसवीबी की व्यक्तिगत जमा में करीब 90 प्रतिशत एफडीआईसी की 2,50,000 डॉलर की ब...