चुनावी चंदा न्यायालय की मार,पार्टियां बेक़रार
भारत में होने वाले हर चुनाव की तरह इस चुनाव में भी धन की आवक एक बड़ा प्रश्न बनकर उभर रहा है। उच्चतम न्यायालय ने भी इस विषय में हस्तक्षेप किया है। एक याचिका पर विचार करते हुये न्यायालय का कहना है कि चुनावी बॉन्ड के जरिये हासिल किए गए चुनावी चंदे का हिसाब अब सीलबंद लिफाफे में निर्वाचन आयोग को सौंपा जाएगा। चुनावी चंदे में पारदर्शिता का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। राजनीति में शुद्धता की चाहने वाले लोगों के लिए गत वर्ष की दो खबर और उनका संयोजन भी एक चौकाने वाला समीकरण प्रस्तुत करता है। पहली खबर के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा उच्चतम न्यायालय में दिये गए शपथ पत्र के अनुसार देश में कुल 1765 सांसद एवं विधायक हैं जिनके ऊपर विभिन्न अदालतों में 3045 आपराधिक मामले दर्ज़ हैं। यदि इसका औसत निकाला जाता है तो यह प्रत्येक पर दो मुक़दमे का बैठता है। दूसरी खबर में 1976 के बाद से राजनैतिक दलों को मिलने वाले विदेशी ...









