
आंकड़ों की हेराफेरी से जनधन योजना की नाकामी छिप नहीं सकती
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने चार साल के कार्यकाल में एक से एक योजना और अभियान चलाए। चार साल के बाद ये जानना तो लाजिमी हो जाता है कि आखिर केन्द्र की मोदी सरकार के द्वारा चलाए गए अभियानों और योजनाओं का लाभ अवाम को कितना मिला है। आदर्श ग्राम योजना, स्वच्छता अभियान, स्मार्टसिटी के साथ ही ऐसी तमाम योजनाएं है जिनका सरोकार सीधे जनता है। आज हम उस जनधन योजना की यथा स्थिति के बारे में जानने का प्रयास करते है जिसका आम गरीब की आर्थिक बेहतरी से सीधे-सीधे नाता रहा है। बता दे कि मोदी सरकार की जन धन योजना और स्वच्छ भारत जैसी कुछेक योजनाएं ही देश के मन को लुभाने में कामयाब रही है जबकि इसी दौरान पेश अन्य योजनाएं लोगों के दिलो दिमाग में खास जगह नहीं बना पायी हैं। लेकिन व्यवहारिकता के धरातल पर देखा जाए तो ये योजनाएं भी प्रचार-प्रसार का ही एक माध्यम बन कर रह गई है। इसकी सफलता को लेकर जितने ढ़ोल पीटे गए व...