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नई तकनीक से बन सकेंगे किफायती नैनो-इलेक्ट्रॉनिक उपकरण

नई तकनीक से बन सकेंगे किफायती नैनो-इलेक्ट्रॉनिक उपकरण

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इलेक्ट्रॉनिक सर्किट निर्माण में उपयोग होने वाली विद्युत की संवाहक स्याही से लेकर टचस्क्रीन और इन्फ्रारेड शील्ड्स तक विभिन्न नैनो-इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के विकास में नैनोवायर का महत्व लगातार बढ़ रहा है। राष्ट्रीय रासायनिक प्रयोगशाला (एनसीएल), पुणे के शोधकर्ताओं ने सिल्वर नैनोवायर के निर्माण की किफायती तकनीक विकसित की है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस नई तकनीक की मदद से बड़े पैमाने पर भविष्य के नैनो-इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाए जा सकते हैं।  इन्सान के बालों से सैकड़ों गुना पतले नैनोवायर की सतह इलेक्ट्रॉन्स की स्टोरेज और ट्रांसफर के अनुकूल होती है, जिसका उत्पादन एक जटिल प्रक्रिया है। वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के महानिदेश डॉ शेखर सी. मांडे ने हाल में पुणे स्थित एनसीएल परिसर में नैनोवायर उत्पादन के लिए एक पायलट प्लांट स्थापित किया है। इस प्लांट के बारे में कहा जा रहा है कि यह ...
Researchers identify two new bio-agents for crop protection 

Researchers identify two new bio-agents for crop protection 

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  Scientists have discovered two actinomycetes bacterial strains to fight against a fungal plant pathogen called Colletotrichum gloeosporioides. The pathogen poses a major threat to large cardamom plants, which are a major source of income for the farmers of Sikkim. The lead scientists behind this discovery are from Department of Biotechnology’s Imphal-based Institute of Bioresources and Sustainable Development (IBSD). The strains called Streptomyces vinaceus RCS260 and Kitasatospora  aburavienis RCS252 were discovered when researchers were investigating antimicrobial potential of actinomycetes isolated from rhizosphere soil (soil near roots of plants) from Lachung area of northern Sikkim. Actinomycetes are a heterogeneous group of anaerobic Gram positive bacteria well-known for...
Way paved for a new treatment for Alzheimer like conditions

Way paved for a new treatment for Alzheimer like conditions

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The immune system in the body has an important component called the `complement system’. This is involved in immune surveillance. It is important that it is regulated properly. Otherwise, it can damage the cells of the host’s body itself. This problem is linked to several diseases, including Alzheimer’s, stroke, age-related macular degeneration, asthma, rheumatoid arthritis and cancer.  A series of protein molecules present on the surface of cells in the body tightly regulate the activation of the system. These proteins primarily belong to a family called the `regulators of complement activation’ (RCA) family. The members of the family work to prevent damage to cells of the host by its own complement system through two mechanisms called decay accelerating activity (DAA) and cofactor ac...
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट

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अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के 9 नवंबर के फैसले के 88 दिन बाद सरकार ने राम मंदिर बनाने के लिए ट्रस्ट की घोषणा कर दी। इसमें 15 सदस्य होंगे। लोकसभा में उन्होंने प्रश्नकाल से पहले ट्रस्ट बनाए जाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का नाम ‘श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र’ होगा। इसी के साथ केंद्र सरकार ने अपने कब्जे की 67.703 एकड़ जमीन भी ट्रस्ट को सौंप दी है। यह पूरा इलाका मंदिर क्षेत्र होगा। रामलला मंदिर ट्रस्ट की घोषणा खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की है। इसके 4 घंटे बाद ट्रस्ट के 15 सदस्यों की जानकारी सामने आई ट्रस्ट के 10 नाम तय, ये लोग बाकी 5 सदस्यों को नामित करेंगे अगर अयोध्या के कलेक्टर हिंदू नहीं हुए तो कोई हिंदू एडिशनल कलेक्टर इस ट्रस्ट में सदस्य होगा अयोध्या विवाद में हिंदू पक्ष के मुख्य वकील रहे 92 वर्षीय के. पाराशरण को ट्रस्टी बनाया गया है। उनके अलावा एक शंकराचार्य समेत 5 सदस...
गुजराती भाषा में गिरधर रामायण तथा अल्पज्ञात प्रसंग

गुजराती भाषा में गिरधर रामायण तथा अल्पज्ञात प्रसंग

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श्रीरामकथा के अल्पज्ञात दुर्लभ प्रसंग गुजराती भाषा में गिरधर रामायण तथा अल्पज्ञात प्रसंग जब तक हमारी भारत भूमि में गंगा और कावेरी प्रवाहमान है, तब तक सीताराम की कथा भी आबाल, स्त्री, पुरुष सबमें प्रचलित रहेगी, माता की तरह हमारी जनता की रक्षा करती रहेगी। (चक्रवर्ती श्री राजगोपालाचार्य जी) भारत में अनेक भाषाएँ, बोली और लिखी जाती हैं। इन भाषा और बोलियों में हमारी विभिन्नता न होकर राष्ट्रीय एकता परिलक्षित होती है। हमारी यह भारतीयता का निर्माण मातृभूमि प्रेम, हमारे रीतिरिवाज, हमारी संस्कृति, हमारी कलाओं, हमारे साहित्य आदि से हुआ है। भारतीय भाषाओं में वर्णित श्रीरामकथा में अनेक अनमोल रत्न छुपे पड़े हुए हैं। श्री गिरधरदासजी द्वारा विरचित गुजराती रामायण गुजराती भाषा का सर्वोत्तम श्रीराम कथा काव्य है। गिरधरदासजी का जन्म लाड़ वैश्य परिवार में बड़ौदा (वड़ोदरा) गुजरात के ग्राम मासर में ई. १७८५ मे...

LIC का निजीकरण क्यों?

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भारतीय जीवन बीमा निगम का राष्ट्रीयकरण 1956 में हुआ था । उससे पहले देश मे 200 से अधिक निजी कंपनियां कार्यरत थी । तब होता यह था कि जैसे ही किसी निजी कंपनी पर कोई भारी देनदारी आती, वह दिवालिया हो जाती । यानि जनता द्वारा जमा किया गया पैसा डूब जाता । ऐसी स्थिति में आजादी के बाद देश मे यह भावना विकसित हुई कि हमें अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करना चाहिए, जिसमें जनता की कमाई भी सुरक्षित रखी जा सके । तो इसलिए LIC का राष्ट्रीयकरण किया गया । उस समय सरकार ने निगम को 5 करोड़ की मूल पूंजी उपलब्ध कराई । और साथ मे सावरेन गारंटी भी । जिसका मतलब यह था कि LIC के दिवालिया होने की स्थिति में जनता के पैसे को वापस लौटाने की गारंटी सरकार लेगी । साथ ही साथ सरकार ने LIC द्बारा जमा किये पैसे को अपने निर्देशन में निवेश के लिए उपयोग करने का फैसला भी किया । इसके बाद LIC ने फिर कभी पीछे मुड़कर नही देखा । उस 5 करोड़ की ...
दिल्ली मांगे मोर

दिल्ली मांगे मोर

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  लोकतांत्रिक पिरामिड को सही कोण पर खड़ा करने के पांच सूत्र हैं, लोक-उम्मीदवार, लोक-घोषणापत्र, लोक-अंकेक्षण, लोक-निगरानी और लोक-अनुशासन। लोक-घोषणापत्र का सही मतलब है, लोगों  की नीतिगत तथा कार्य संबंधी जरूरत व सपने की पूर्ति के लिए स्वयं लोगों द्वारा तैयार किया गया दस्तावेज। प्रत्येक ग्रामसभा व नगरीय वार्ड सभाओं को चाहिए कि वे मौजूद संसाधन, सरकारी-गैरसरकारी सहयोग, आवंटित राशि तथा जनजरूरत के मुताबिक अपने इलाके के लिए अगले पांच साल के सपने का नियोजन करें। इसे लोकसभावार, विधानसभावार, मोहल्लावार व मुद्देवार तैयार करने का विकल्प खुला रखना चाहिए। इसमें हर वर्ष सुधारने का विकल्प भी खोलकर रखना अच्छा होगा। इस लोक एजेंडे या लोक नियोजन दस्तावेज को लोक-घोषणापत्र का नाम दिया जा सकता है। इस लोक-घोषणापत्र को किसी बैनर या फ्लेक्स पर छपवाकर अथवा सार्वजनिक मीटिंग स्थलों की दीवार पर लिखकर चुनाव प्रचार...
किसके हाथ लगेगी दिल्ली की बाजी?

किसके हाथ लगेगी दिल्ली की बाजी?

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जिस समय ये पंक्तियां लिखी जा रही हैं, उस वक्त दिल्ली का दंगल धीरे-धीरे परवान चढ़ रहा है। मुकाबले में दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी आगे दिख रही है। लेकिन भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि माहौल धीरे-धीरे बदलेगा। इस पूरी लड़ाई में निश्चित रूप से आम आदमी पार्टी आगे दिख रही है। इसकी बड़ी वजह यह है कि पिछले विधानसभा में उसने 67 सीटें हासिल की थीं। बेशक उसमें से कपिल मिश्र जैसे कुछ एक लोग बागी हुए। लेकिन आम आदमी पार्टी को भरोसा रहा कि इतना प्रचंड बहुमत कितना भी कम होगा तो वह दिल्ली के बहुमत से आगे ही होगा। इसी आत्मविश्वास के साथ आम आदमी पार्टी ने तैयारियां की और इस खेल में वह आगे रही। उसने अपने पंद्रह विधायकों के टिकट काटे और सबसे पहले उसने अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की। जबकि दिल्ली में लोकसभा की लगातार दो बार सभी सीटें और लगातार दो बार नगर निगम जीतने वाली भारतीय जनता प...
कांग्रेस की हताशा है या फिर सुनियोजित रणनीति?

कांग्रेस की हताशा है या फिर सुनियोजित रणनीति?

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दिल्ली के चुनाव आज देश का सबसे चर्चित मुद्दा है। इसेभारतीय राजनीति का दुर्भाग्य कहें या लोकतंत्र का,कि चुनाव दर चुनाव राजनैतिक दलों द्वारा वोट हासिल करने के लिए वोटरों को विभिन्न प्रकार के प्रलोभन देना तो जैसे चुनाव प्रचार का एक आवश्यक हिस्सा बन गया है। कुछ समयपहले तक चुनावों के दौरान चोरी छुपे शराब और साड़ी अथवा कंबल जैसी वस्तुओं के दम पर अपने पक्ष में मतदान करवाने की दबी छुपी सी अपुष्ट खबरें सामने आती थीं लेकिन अब तो राजनैतिक दल खुल कर अपने संकल्प पत्रों में ही डंके की चोट पर इस काम को अंजाम दे रहे हैं। मुफ्त बिजली पानी की घोषणा के बल पर पिछले विधानसभा चुनावों में अपनी बम्पर जीत से उत्साहित आम आदमी पार्टी अपने उसी पुराने फॉर्मूले को इस बार फिर दोहरा रही है। मध्यप्रदेश राजिस्थान और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के कर्जमाफी की घोषणा के कारण सत्ता से बाहर हुई बीजेपी भी इस बार कोई...