Shadow

TOP STORIES

कोरोना: असली संकट बीमारी जाने के बाद

कोरोना: असली संकट बीमारी जाने के बाद

addtop, BREAKING NEWS, TOP STORIES, विश्लेषण
जो सरकारें, मीडिया, बुद्धिजीवी, अनुसंधानकर्ता,ज्योतिषी, डॉक्टर व अन्य कोई भी यह दावा करे कि कोरोना वायरस का संकट बस ख़त्म होने जा रहा है वह सबसे बड़ा झूठा है। सच तो यह है की इस बीमारी का न कोई निश्चित लक्षण है, न दवा और न ही वैक्सीन। जो वायरस हज़ारों म्यूटेशन कर चुका हो उसकी कोई एक वैक्सीन हो ही नहीं सकती। १) जो लोग यह सोच रहे हैं कि अगले कुछ महीनो में कोरोना वायरस अपने आप चला जाएगा, वे बड़ी ग़लतफ़हमी में हैं। क्या दुनिया से स्वाइन फ़्लू, टीवी, एड्स, डेंगू, चिकनगुनिया, सोर्स आदि बीमारी चली गयी? चेचक , पोलियो जेसी वर्षों बरस में गयी बीमारियाँ भी आज तक वैक्सीन के रूप में हमारा खून चूस रही हैं और हमारी या हमारी सरकार से मोटा माल वसूल ही लेती हैं। बहुराष्ट्रीय फ़ार्मा कम्पनियों ने अभी तो इस बीमारी का खेल खड़ा किया है व मोटा निवेश किया है । दुनिया सरि बीमारियों को छोड़ बस एक ही बीमारी का इलाज ...
समस्याओं के अंधेरों में आत्म-निर्भरता का उजाला

समस्याओं के अंधेरों में आत्म-निर्भरता का उजाला

addtop, Today News, TOP STORIES, राष्ट्रीय
भारत इस समय न केवल कोरोना महासंकट से जूझ रहा है, बल्कि सीमाओं पर बढ़ रही युद्ध की आशंकाओं, बढ़ती बेरोजगारी, अस्त-व्यस्त व्यापार, आसमान छूती महंगाई आदि चैतरफा समस्याओं से संघर्षरत है। इन्हीं समस्याओं का पूर्वानुमान लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत की योजना प्रस्तुत की है, यही एक रास्ता है जो हमें इन और ऐसी तमाम समस्याओं से बचा सकता है। भारत जितना आर्थिक दृष्टि से ताकतवर बनेगा, उतना ही चीन, पाकिस्तान, नेपाल आदि आंख दिखाने एवं दादागिरी करने वाले राष्ट्रों को माकूल जबाव मिलेगा, वे निस्तेज होंगे और भारत की ओर आंख उठाने का दुस्साहस नहीं कर पायेंगे। बड़ी सचाई है कि भारत मजबूत है, संकटों से लड़ने की ताकत उसमें हैं। पाकिस्तान की नासमझी को छोड़ दे तो कोरोना महामारी से कराह रही मानवता को चीन एवं भारत से इस समय सर्वश्रेष्ठ अक्लमंदी की उम्मीद है। दोनों देश इस अपेक्षा को महसूस भी ...
अतुल चंद्रा को क्यों बचा रहा है एअर इंडिया?

अतुल चंद्रा को क्यों बचा रहा है एअर इंडिया?

addtop, BREAKING NEWS, TOP STORIES, घोटाला
_कैप्टन अतुल चंद्रा के खिलाफ केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (सीवीसी) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच चल रही है फिर भी एअर इंडिया पर दबाव है कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) में चीफ फ्लाइट ऑपरेसंस इंस्पेक्टर (सीएफओआई) के रूप में उनके सेवा विस्तार के लिए उन्हें अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी कर दिया जाए। वहां वे प्रतिनियुक्ति पर हैं।_ यह आम व्यवहार है कि जिसके खिलाफ किसी आरोप की जांच चल रही हो उसे निलंबित कर दिया जाता है। पर यह चिन्ता वाली बात है कि राष्ट्रीय विमानसेवा एअर इंडिया कैप्टन अतुल चंद्रा को अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी करने के लिए तकरीबन तैयार है। इस समय वे नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के तहत चीफ फ्लाइट ऑपरेशंस इंस्पेक्टर (सीएफओआई) के रूप में तैनात हैं और उनकी इस प्रतिनियुक्ति का विस्तार होना है। कैप्टन चंद्रा पर सरकारी धन के गबन / दुरुपयोग का आरोप है। एफईएम...
मनरेगा योजना बनी रोजी-रोटी का सहारा

मनरेगा योजना बनी रोजी-रोटी का सहारा

addtop, BREAKING NEWS, TOP STORIES, आर्थिक
कोरोना के चलते पूरे भारत में ग्रामीण संकट गहरा रहा है काम की मांग बढ़ती जा रही है, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना मांग को पूरा करने के लिए आगामी बजट में जोर-शोर से देखी जा रही हैं। ग्रामीण गरीबी से लड़ने के लिए सरकार के शस्त्रागार में यह एकमात्र गोला-बारूद हो सकता है। हालांकि, योजना को कर्कश, बेकार और अप्रभावी रूप हमने भूतकाल में देखे हैं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत ग्रामीण नौकरियों की मासिक मांग 20 मई तक 3.95 करोड़ पर एक नई ऊंचाई को छू गई थी, और महीने के अंत तक 4 करोड़ को पार कर गई। इस साल मई में चारों ओर बड़े पैमाने पर नौकरी के नुकसान का संकेत आया, विशेष रूप से अनौपचारिक क्षेत्र में, जहां लाखों कर्मचारी अचानक तालाबंदी के कारण बेरोजगार हो गए हैं। मनरेगा के तहत काम मांगने वालों की अधिक संख्या हताशा के कारण है। शहरी श्रमिकों में से अधि...
मत बांटों सेना को प्रांत या मजहब के नाम पर

मत बांटों सेना को प्रांत या मजहब के नाम पर

addtop, Today News, TOP STORIES, राष्ट्रीय
भारत-चीन के बीच हालिया निहत्थे संघर्ष में हमारे शूरवीरों ने दुश्मन सेना की कमर तोड़ी। उनके पराक्रम को पूरी दुनिया ने देखा। लद्दाख की गलवान घाटी में तक़रीबन 14 हजार फुट की ऊंचाई पर हुए संघर्ष में शहीद हुए भारतीय फ़ौजी बिहार रेजिमेंट के 16वीं बटालियन के थे। उनमें से ज्यादातर बिहार और झारखण्ड से थे। पर वे सभी देश की सीमाओं की रक्षा के लिए लड़ रहे थे। पर देखने में यह आ रहा है कि कुछ संकुचित मानसिकता के लोग बिहार रेजिमेंट का मतलब बिहार समझ रहे हैं। उन शूरवीरों पर तो सारे भारतवासियों को गर्व है। शहीद हुए योद्धा तो वैसे भी देश के अलग-अलग राज्यों से थे। बिहार रेजीमेंट को जो लोग बिहार से जोड़ रहे हैं, वे भारतीय सेना के अखिल भारतीय चरित्र के साथ घोर अन्याय कर रहे हैं। भारतीय सेना को धर्म,जातिया प्रांत से बांटने वालों को करारा जवाब देने की जरूरत है। इन्हें कौन बताए कि बिहार रेजीमेंट में सिर्फ बिहारी ...
सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए सरकारी सेवाएँ क्यों हैं ज़रूरी?

सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए सरकारी सेवाएँ क्यों हैं ज़रूरी?

addtop, Today News, TOP STORIES, विश्लेषण
दुनियाभर में कोरोनावायरस रोग (कोविड-19) महामारी ने हम सबको यह स्पष्ट समझा दिया है कि सरकारी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में पर्याप्त निवेश न करने और उलट निजीकरण को बढ़ावा देने के कितने भीषण परिणाम हो सकते हैं. इसीलिए इस साल के संयुक्त राष्ट्र के सरकारी सेवाओं के लिए समर्पित दिवस पर यह मांग पुरजोर उठ रही है कि सरकारी सेवाओं को पर्याप्त निवेश मिले और हर व्यक्ति को सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा मिले. पब्लिक सर्विसेज इंटरनेशनल की एशिया पसिफ़िक सचिव केट लेप्पिन ने कहा कि यदि सरकारी स्वास्थ्य प्रणाली पूर्ण रूप से सशक्त होती तो कोविड-19 महामारी के समय यह सबसे बड़े सुरक्षा कवच के रूप में काम आती. आर्थिक मंदी से बचाने में भी कारगर सिर्फ पूर्ण रूप से पोषित सरकारी सेवाएँ ही हैं जिनको पिछले 40 सालों से नज़र अन्दाज़ किया गया है. केट लेप्पिन ने सही कहा है कि जिन देशों में सशक्त सरकारी आकस्मि...
चीन भारत से युद्ध क्यों चाहता है?

चीन भारत से युद्ध क्यों चाहता है?

addtop, BREAKING NEWS, Today News, TOP STORIES, विश्लेषण
चीन पर अमरिका सहित कई देशों का दबाव है। उधर दूसरे पड़ोसी देशों से उसके संबंध पहले से ही खराब चल रहे हैं। कोरोना को लेकर चीन की नकारात्मक इमेज पूरी दुनिया में बन चुकी है। चीन की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा रही है। फिर वह भारत से युद्ध क्यों चाहता है? जबकि भारत उसके व्यापार के लिए बड़ा केंद्र है?? विदेशी कम्पनियां चीन छोड़कर जा रही हैं। कई कम्पनियों ने भारत में मैन्युफैक्चरिंग की बात की है। सालाना 30 लाख फुटवेयर बनाने वाली कम्पनी वॉन वेल्क्स चीन छोड़ रही है। वह भारत में 110 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश करने जा रही है। यही नहीं मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल डिवाइसेज, टेक्सटाइल्स, लेदर, ऑटो पार्ट्स और सिंथेटिक फैब्रिक्स बनाने वाली लगभग 300 कम्पनियां चीन छोड़ सकती हैं। इनमें से बहुत सी कम्पनियां भारत का रुख कर सकती हैं। राजनीतिक परिदृश्य से चीन की स्थिति इस समय 1962 जैसे ही है। चीन की ज...
चीन छेड़ेगा तो भारत इसबार छोड़ेगा नहीं

चीन छेड़ेगा तो भारत इसबार छोड़ेगा नहीं

addtop, BREAKING NEWS, Today News, TOP STORIES, राष्ट्रीय
भारत-चीन के बीच गलवान घाटी में हुई तीखी खूनी झड़प के बाद चीन को अब समझ में आ गया है कि अब उसका पाला 2020 के नये भारत से पड़ा है। भारत अपनी एक-एक इंच भूमि के लिए कोई भी बलिदान देने के लिए तैयार है। भारत के 20 शूरवीर शहीद अवश्य हुए पर चीनी सैनिकों के हमले के बाद तत्काल जवाबी कारवाई में उन्होंने चीन को भारी क्षति पहुंचाई। 43 से अधिक चीनी जवान उनके कमांडिंग ऑफिसर समेत मारे गए। झड़प के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रतिक्रिया को ध्यान से देखने और समझने की जरूरत है । बड़े ठंढे दिमाग से नपे-तुले शब्दों में उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिकों की शहादत बेकार नहीं जाएगी। भारतीय सैनिक मारते हुए मरे हैं। यानी प्रधानमंत्री का कहना था कि केवल भारतीय सैनिकों का ही नुक़सान नहीं हुआ है। उनके वक्तव्य को समझने की जरूरत है। संदेश साफ दे दिया गया है कि अब भारत किसी हालत में 1962 की तरह पीछे नहीं हटेगा। चीन की द...
तीसरा विश्वयुद्ध : प्रत्यक्ष युद्ध का तीसरा चरण

तीसरा विश्वयुद्ध : प्रत्यक्ष युद्ध का तीसरा चरण

addtop, Today News, TOP STORIES, विश्लेषण
प्रथम चरण में जैविक युद्ध के रूप में प्रारंभ हुआ अमेरिका व चीन के गुटों के बीच का विश्व युद्ध अब तीसरे चरण में प्रवेश करने जा रहा है। पहले चरण में ही चीन ने जो ब्रह्मास्त्र चला उससे दुनिया के थाने का एसएचओ अमेरिका अपने ही मातहत सब इंस्पेक्टर चीन के हाथों चारों खाने चित्त हो गया। अमेरिका सहित पूरी दुनिया कोरोना संक्रमण से फैली महामारी के कारण एक ओर जहाँ अपने अपने नागरिकों की लाशें गिन रही है वहीं लॉकडॉउन के कारण बर्बाद हुई अर्थव्यवस्था से बिगड़ते हालातों को देख रही है। पिछले कुछ बर्षों में चीन ने कब अमेरिकी व अन्य देशों की बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के शेयर भारी मात्रा में खरीदे व उन पर नियंत्रण स्थापित करता गया यह किसी को भी न पता और अभी भी पूरी दुनिया में उसका यह खेल जारी है। चीन ने पूरी दुनिया को कर्ज बांटकर भी उनको अपने नियंत्रण में ले रखा है तो दुनिया की उत्पाद फेक्ट्री होने के कारण भी दुनि...
क्या समाप्त होने वाला है मोदी युग?

क्या समाप्त होने वाला है मोदी युग?

addtop, BREAKING NEWS, TOP STORIES, विश्लेषण
  कोरोना संकट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चक्रव्यूह में फंसा दिया है। वे आज के अभिमन्यु बनते जा रहे हैं। यह भी सत्य है कि वे विपरीत परिस्थितियों में भी बड़े साहस से डटे हुए हैं और लगभग चक्रवर्ती सम्राट की तरह ही भारत की सत्ता का संचालन कर रहे हैं और वैश्विक स्तर पर भी प्रभावी भूमिका निभा रहे हैं। मगर परिस्थिति दिन व दिन जटिल होती जा रही हैं। हर बदलते दिन के साथ उन पर आरोप लगते जा रहे हैं व उनके कई निर्णयों के उल्टा असर पड़ने से देश की जनता में असंतोष बढ़ता जा रहा है। एनडीए सरकार के सन 2019 में वापसी के बाद कश्मीर, अयोधया व तीन तलाक आदि के मुद्दों पर जीत के साथ वे लोकप्रियता के शिखर पर पहुंच गए थे और इसीलिए कोरोना संकट के समय उनके सम्पूर्ण लॉक डॉउन के निर्णय का पूरे देश ने एक स्वर में साथ दिया बिना किसी चर्चा व गहराई में गए बिना। मगर लॉक डॉउन के चौथे चरण तक आते आते चीजें बिखरने लगी...