कोरोना: असली संकट बीमारी जाने के बाद
जो सरकारें, मीडिया, बुद्धिजीवी, अनुसंधानकर्ता,ज्योतिषी, डॉक्टर व अन्य कोई भी यह दावा करे कि कोरोना वायरस का संकट बस ख़त्म होने जा रहा है वह सबसे बड़ा झूठा है। सच तो यह है की इस बीमारी का न कोई निश्चित लक्षण है, न दवा और न ही वैक्सीन। जो वायरस हज़ारों म्यूटेशन कर चुका हो उसकी कोई एक वैक्सीन हो ही नहीं सकती।
१) जो लोग यह सोच रहे हैं कि अगले कुछ महीनो में कोरोना वायरस अपने आप चला जाएगा, वे बड़ी ग़लतफ़हमी में हैं। क्या दुनिया से स्वाइन फ़्लू, टीवी, एड्स, डेंगू, चिकनगुनिया, सोर्स आदि बीमारी चली गयी? चेचक , पोलियो जेसी वर्षों बरस में गयी बीमारियाँ भी आज तक वैक्सीन के रूप में हमारा खून चूस रही हैं और हमारी या हमारी सरकार से मोटा माल वसूल ही लेती हैं। बहुराष्ट्रीय फ़ार्मा कम्पनियों ने अभी तो इस बीमारी का खेल खड़ा किया है व मोटा निवेश किया है । दुनिया सरि बीमारियों को छोड़ बस एक ही बीमारी का इलाज ...









