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दिल्ली मांगे मोर
लोकतांत्रिक पिरामिड को सही कोण पर खड़ा करने के पांच सूत्र हैं, लोक-उम्मीदवार, लोक-घोषणापत्र, लोक-अंकेक्षण, लोक-निगरानी और लोक-अनुशासन। लोक-घोषणापत्र का सही मतलब है, लोगों की नीतिगत तथा कार्य संबंधी जरूरत व सपने की पूर्ति के लिए स्वयं लोगों द्वारा तैयार किया गया दस्तावेज। प्रत्येक ग्रामसभा व नगरीय वार्ड सभाओं को चाहिए कि वे मौजूद संसाधन, सरकारी-गैरसरकारी सहयोग, आवंटित राशि तथा जनजरूरत के मुताबिक अपने इलाके के लिए अगले पांच साल के सपने का नियोजन करें। इसे लोकसभावार, विधानसभावार, मोहल्लावार व मुद्देवार तैयार करने का विकल्प खुला रखना चाहिए। इसमें हर वर्ष सुधारने का विकल्प भी खोलकर रखना अच्छा होगा। इस लोक एजेंडे या लोक नियोजन दस्तावेज को लोक-घोषणापत्र का नाम दिया जा सकता है। इस लोक-घोषणापत्र को किसी बैनर या फ्लेक्स पर छपवाकर अथवा सार्वजनिक मीटिंग स्थलों की दीवार पर लिखकर चुनाव प्रचार...
किसके हाथ लगेगी दिल्ली की बाजी?
जिस समय ये पंक्तियां लिखी जा रही हैं, उस वक्त दिल्ली का दंगल धीरे-धीरे परवान चढ़ रहा है। मुकाबले में दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी आगे दिख रही है। लेकिन भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि माहौल धीरे-धीरे बदलेगा। इस पूरी लड़ाई में निश्चित रूप से आम आदमी पार्टी आगे दिख रही है। इसकी बड़ी वजह यह है कि पिछले विधानसभा में उसने 67 सीटें हासिल की थीं। बेशक उसमें से कपिल मिश्र जैसे कुछ एक लोग बागी हुए। लेकिन आम आदमी पार्टी को भरोसा रहा कि इतना प्रचंड बहुमत कितना भी कम होगा तो वह दिल्ली के बहुमत से आगे ही होगा। इसी आत्मविश्वास के साथ आम आदमी पार्टी ने तैयारियां की और इस खेल में वह आगे रही। उसने अपने पंद्रह विधायकों के टिकट काटे और सबसे पहले उसने अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की। जबकि दिल्ली में लोकसभा की लगातार दो बार सभी सीटें और लगातार दो बार नगर निगम जीतने वाली भारतीय जनता प...
कांग्रेस की हताशा है या फिर सुनियोजित रणनीति?
दिल्ली के चुनाव आज देश का सबसे चर्चित मुद्दा है। इसेभारतीय राजनीति का दुर्भाग्य कहें या लोकतंत्र का,कि चुनाव दर चुनाव राजनैतिक दलों द्वारा वोट हासिल करने के लिए वोटरों को विभिन्न प्रकार के प्रलोभन देना तो जैसे चुनाव प्रचार का एक आवश्यक हिस्सा बन गया है। कुछ समयपहले तक चुनावों के दौरान चोरी छुपे शराब और साड़ी अथवा कंबल जैसी वस्तुओं के दम पर अपने पक्ष में मतदान करवाने की दबी छुपी सी अपुष्ट खबरें सामने आती थीं लेकिन अब तो राजनैतिक दल खुल कर अपने संकल्प पत्रों में ही डंके की चोट पर इस काम को अंजाम दे रहे हैं। मुफ्त बिजली पानी की घोषणा के बल पर पिछले विधानसभा चुनावों में अपनी बम्पर जीत से उत्साहित आम आदमी पार्टी अपने उसी पुराने फॉर्मूले को इस बार फिर दोहरा रही है। मध्यप्रदेश राजिस्थान और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के कर्जमाफी की घोषणा के कारण सत्ता से बाहर हुई बीजेपी भी इस बार कोई...
शाहीन बाग वाला कपिल गुर्जर और वो स्याही फेंकने वाला
कपिल गुर्जर का सच अब तो अब सबके सामने है। वही कपिल जिसने राजधानी के शाहीन बाग में गोली चलाकर तहलका मचा दिया था। दिल्ली पुलिस ने अपनीसघन जांच के बाद दावा किया है कि कपिल और उसके पिता का सम्बन्ध अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) से रहा है। पुलिस की जांच से यह भी पताचला है कि कपिल आप की सभाओं में आता-जाता था। उसके आप के नेताओँ के साथ फोटो भी सामने आ चुके हैं। हालांकि कपिल के परिवार ने उसके आप से संबंधोंपर सवाल तो खड़े किए पर वे तब चुप हो गए जब उन्हें कपिल की आप नेताओं के साथ फोटो दिखाई गई। अब कहा जा रहा है कि कपिल अपने पिता के साथ आप केकार्यालय में गया था तो आप के एक सांसद महोदय ने उसे टोपी पहना दी लेकिन वह आप का सदस्य नहीं है। कपिल के शाहीन बाग में फायरिंग करने से केजरीवालका एक फिर से चेहरा बेनकाब हो गया है। अब सबको समझ आ रहा है कि उसके साथ किस तरह के उपद्रवी तत्व जुड़े हुए हैं। क...
एयर इंडिया कl निजीकरण
पहले प्रयास की विफलता के पश्चात् एक बार पुनः लगातार घाटे और कर्ज के बोझ से दबी एयर इंडिया के रणनीतिक विनिवेश अथवा निजीकरण की प्रक्रिया को शुरू कर रही है। इससे पूर्व वर्ष 2018 में भी सरकार ने एयर इंडिया के विनिवेश का प्रयास किया था, किंतु विभिन्न कारणों से एयर इंडिया की खरीद के लिये सरकार को कोई भी खरीदार नहीं मिलl l एक बार पुनः सरकार कुछ बदलावों के साथ नए प्रस्ताव को लेकर आई है, उम्मीद है कि नए प्रस्ताव के माध्यम से सरकार को एयर इंडिया का खरीदार मिल सकेगाl
एयर इंडिया
1. एयर इंडिया की शुरुआत 15 अक्तूबर, 1932 को जहाँगीर रतनजी दादाभाई टाटा (JRD Tata) द्वारा की गई थी। जे.आर.डी. टाटा की अगुवाई वाली टाटा संस (Tata Sons) की विमानन शाखा ने हवाई मेल भेजने के लिये इंपीरियल एयरवेज़ से कॉन्ट्रैक्ट लेने के पश्चात् टाटा एयर सर्विसेज़ (Tata Air Services) की स्थापना की थी।
2. वर्ष 1938 में टाटा एय...
*Quick Reactions on Union Budget 2020-21*
*“Budget 2020 : Wealth Generating, building Trust in Human Capital and inducing Consumption ensuring more than 6.5% GDP Growth says IIF Prof Aman Agarwal”*
The Budget 2020 is a developmental growth oriented Budget ensuring more than 6.5% GDP Growth with Fiscal Deficit of less than 3.5% in FY 2020-21 to pave way for 5 trillion dollar economy by 2024 says IIF Prof. Aman Agarwal.
Finance Minister Nirmala Sitharaman has laid foundation for Holistic Growth for energysed India, wealthy human capital and an Healthy Indian. The Budget is progressive, farsighted, has a long-term vision keeping Sabh ka Saath, Sabh ka Vikaas, Sabh ka Vishwash to eradicate poverty and lay foundation of Bharat as Sone ki Chidya in the Hearts of every Indian.
FM has provisioned adequately to handle distress f...
बजट अपडेट
स्वच्छ भारत के लिए 12300 करोड का बजट
2025 तक टीवी को खत्म करने का लक्ष्य
किसानों के लिए 16 बड़े ऐलान
किसान रेल और उड़ान सेवा शुरू होगी पीएम कुसुम स्कीम के जरिए सोलर पंप किसानों को दिए जाएंगे 2025 तक किसानों की आमदनी डबल करने की योजना
भारत विश्व की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था है
जीएसटी का आसान वर्जन आएगा
हर जिले में मेडिकल कॉलेज होगा
6000 किलोमीटर हाईवे 2024 तक बनेंगे
100 से ज्यादा नए एयरपोर्ट की योजना
जिला निर्यात की दृष्टि से एक्सपोर्ट हब बनेंगे 27000 करोड़ इसके लिए दिए गए
इंफ्रास्ट्रक्चर पर 5 साल में 100 लाख करोड़ निवेश होगा इसमें हाउसिंग स्वच्छ पानी हेल्थ केयर शिक्षण संस्थान रेलवे स्टेशन एयरपोर्ट आदि शामिल है
मानव रहित रेलवे लाइन पूरी तरह खत्म हो चुकी है 27000 किलोमीटर रेल लाइन का इलेक्ट्रॉनिकेशन होगा
मुंबई से अहमदाबाद के लिए हाई स्पीड रेल लाइन का ...
Court gives week’s time to come up with a proposal.
The Supreme Court on Friday agreed to examine a proposition made by the Election Commission (EC) to ask political parties to not give ticket to those with criminal antecedents.
Appearing before a Bench led by Justice Rohinton F. Nariman, senior advocate Vikas Singh said 46% of Members of Parliament have criminal records.
The Supreme Court’s long string of judgments against criminalisation of politics had hardly scratched the surface of the deep rot.
The Bench, also comprising Justice Ravindra S. Bhat, asked Mr. Singh and petitioner Ashwini Kumar Upadhyay’s lawyer, senior advocate Gopal Sankaranarayanan, to put their heads together and come up with a joint proposal detailing how it can be ensured that parties did not fall in with criminal politicians.
Justice Nariman, speaking f...
Limit number of pages in court-verdicts or issue a precise-version of court-verdicts simultaneously
Courts especially Supreme Court are giving very lengthy judgements at times running into hundreds or thousands of pages like Supreme Court verdict of 09.11.2019 on Ram Jambhoomi, which are practically not read by common persons including even litigants themselves and are even beyond understanding of commoners. Such lengthy court-verdicts are show-pieces for libraries and are read only by researchers and select lawyers. Need is that commoners including litigants may find short and precise court-verdicts so that they may not have to depend on lawyers to know salient features of the lengthy court-verdicts. Such an improved system will prevent media and commentators to twist court-findings according to their needs.
Things can improve a lot if India also adopts practice of countries where th...

