युद्धघोष : आतंक पर आर-पार
पुलवामा में हुये हमले के बाद देश में विमर्श की दिशा बदल गयी है। इस बार स्थिति आतंकवाद के खिलाफ आर-पार की बन गयी है। काफी समय से संयम रखने और अपने सैनिकों की शहादत देने के बाद भारत का रुख इस बार काफी कड़ा है। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के बालाकोट हिस्से में सेना द्वारा अंदर घुसकर जैश-ए-मोह मद के सैंकड़ों आतंकवादियों को उनके अंजाम तक पहुंचा दिया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्र प का यह बयान कि भारत इस बार कुछ बड़ा करने वाला है इस बात का संकेत है कि भारतीय संप्रभुता पर हमला इस बार सिर्फ कड़ी निंदा तक सीमित नहीं होगा। पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस लेना इस क्रम में एक कड़ा कूटनीतिक संदेश है। सिंधु नदी के पानी पर बांध बनाना उसका वृहद स्वरूप है। चूंकि, पुलवामा में स्थानीय आतंकवादी शामिल थे इसलिए आंतरिक स्तर पर भी कड़े संदेश की आवश्यकता थी। हुर्रियत नेताओं की सुरक्षा हटाकर वह संदेश भी दे दि...









