
ईवीएम मशीन का झूठ सबसे पहले दैनिक भास्कर ने फैलाया! यूपीए शासन में कोल आवंटन का ऋण चुका रहा था शायद!
यह लिंक एक वामपंथी वेब स्क्राल का ही है। ठीक से पूरी खबर पढ़िये, एक-एक मीडिया और पत्रकार के झूठ का पर्दाफाश किया गया है। मप्र के
भिंड में ईवीएम का झूठ फैलाने वाले पत्रकारों और उनके संपादकों से भी बात की गयी है, और सबकी झूठ उनके मुंह पर पकड़ी गयी है। इस झूठ को सबसे पहले दैनिक भास्कर ने फैलाया। आपको यह बता दूं कि कांग्रेस की यूपीए सरकार ने भास्कर के मालिकों को अवैध रूप से कोयला
खदान आवंटित किया था, जिसे बाद में अदालत ने रद्द कर दिया था। लगता है भास्कर के मालिकान और पत्रकार अभी तक कांग्रेस की नमक का हक
अदा कर रहे हैं। पत्रिका भी इस झूठ को फैलाने वालों में शामिल था, जो आजकल कैच वेब के जरिये भी लगातार झूठ फैलाने में जुटा है।इन दोनों अखबार के आधार पर दिल्ली में वामपंथी इंडियन एक्सप्रेस व एनडीटीवी ने, फिर एबीपी न्यूज और कोयला घोटाले में फंसी एक कंपनी की
बड़ी शेयर वाली आजतक ने इस झूठ को फैला...