उपजाऊ भूमि को मरुस्थल होने से बचाना होगा
उपजाऊ भूमि को मरुस्थल होने से बचाना होगा-ः ललित गर्ग:-
मानव एवं जीव-जंतुओं का जीवन भूमि पर निर्भर है। फिर भी, पूरी दुनिया में प्रदूषण, भूमि का दोहन, जलवायु अराजकता और जैव विविधता विनाश का एक जहरीला मिश्रण स्वस्थ भूमि को रेगिस्तान में बदल रहा है और संपन्न पारिस्थितिकी तंत्र मृत क्षेत्रों में बदल रहा है। ‘हमारी भूमि’ नारे के तहत भूमि बहाली, मरुस्थलीकरण और सूखा निवारण आज की जलवायु समस्याओं का सटीक समाधान हो सकता है, इसी को ध्यान में रखते हुए विश्व मरुस्थलीकरण एवं सूखा निवारण दिवस 17 जून को मनाया जाता है। यह दिन मरुस्थलीकरण और सूखे से निपटने के लिए जागरूकता बढ़ाने और लोगों को एकजुट करने के लिए मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम है ‘भूमि के लिए एकजुट। हमारी विरासत। हमारा भविष्य’ है, संयुक्त राष्ट्र के अनुसार यह दिवस पर भूमि के महत्व और इसे भावी पीढ़ियों के लिए संरक्षित करने की आवश्यकता पर प्रका...
