मायावती ले सकती हैं आजम-ओवैसी का साथ
मायावती ले सकती हैं आजम-ओवैसी का साथअजय कुमार,वरिष्ठ पत्रकार
उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 का विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही समीकरण बदल रहे हैं। मायावती, जो लंबे समय से दलित वोट बैंक की धुरी रही हैं, अब मुस्लिम वोटों को साधने की रणनीति पर काम कर रही हैं। दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी (सपा) के कद्दावर नेता आजम खान के बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के करीब आने की चर्चाएं तेज हैं। यह घटनाक्रम सपा प्रमुख अखिलेश यादव के लिए सियासी चुनौती बन सकता है, क्योंकि उनकी पार्टी का आधार मुस्लिम और यादव वोटरों पर टिका है।
मायावती ने 2024 के लोकसभा चुनावों में बसपा की कमजोर स्थिति को देखते हुए अपनी रणनीति बदली है। उनकी पार्टी, जो कभी दलितों की एकमात्र आवाज थी, अब केवल एक विधायक तक सिमट गई है। ऐसे में, मुस्लिम वोटरों को लुभाने के लिए मायावती पुराने गठजोड़ को फिर से तलाश रही हैं। आजम खान, जो सपा के वरिष्ठ नेता औ...
