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Author: Dialogue India

बढ़ती जनसंख्याः क्या-क्या करें ?

बढ़ती जनसंख्याः क्या-क्या करें ?

TOP STORIES, राष्ट्रीय, सामाजिक
*डॉ. वेदप्रताप वैदिक* संयुक्तराष्ट्र संघ की ताजा रपट के मुताबिक दुनिया की आबादी 8 अरब से भी ज्यादा हो गई है। पिछले 50 साल में दुनिया की जनसंख्या जितनी तेजी से बढ़ी है, पहले कभी नहीं बढ़ी। अभी तक यही समझा जा रहा था कि चीन दुनिया का सबसे बड़ी आबादीवाला देश है लेकिन भारत उसको भी मात करनेवाला है। भारत में इधर बढ़े 17 करोड़ लोग उसे दुनिया का सबसे बड़ा देश बना देंगे। ऐसा नहीं है कि भारत जनसंख्या के हिसाब से ही बहुत आगे बढ़ गया है। इस देश ने कई मामलों में सारी दुनिया से बेहतर उपलब्धियां भी हासिल की हैं। इस समय डिजिटल व्यवहार में वह दुनिया में सबसे आगे हैं। जहां तक प्रवासी भारतीयों का सवाल है, दुनिया के जितने अन्य देशों में भारतीय मूल के लेाग शीर्ष स्थानों पर पहुंचे हैं, दुनिया के किसी मुल्क के लोग नहीं पहुंच सके हैं। भारतीय मूल के लोग जिस देश में भी जाकर बसते हैं, वे हर क्षेत्र में आगे निकल ज...
भारतीय सशस्त्र बलों के बड़े पैमाने पर आधुनिकीकरण की आवश्यकता

भारतीय सशस्त्र बलों के बड़े पैमाने पर आधुनिकीकरण की आवश्यकता

Current Affaires, EXCLUSIVE NEWS, समाचार
भारत के पास रक्षा उपकरणों के विनिर्माण के लिये एक उचित औद्योगिक आधार का अभाव है। हालाँकि तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में दो रक्षा क्षेत्र स्थापित किये गए हैं जो निजी क्षेत्र को परिचालन के लिये आधार प्रदान करेंगे। इन क्षेत्रों की स्थापना और विनिर्माण कार्य शुरू किये जाने के बाद पूरी रक्षा अर्थव्यवस्था को मज़बूती मिलेगी। रक्षा उद्योग में अनुसंधान एवं विकास की आवश्यकता के साथ सामरिक स्वायत्तता सुनिश्चित करना जरूरी हो गया है, भू-राजनीति के बढ़ते चरण और विवैश्वीकरण के साथ, अनुसंधान एवं विकास में सुधार के माध्यम से रक्षा निर्माण में सुधार करना अनिवार्य हो जाता है। उभरते सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास के साथ, सीमा पार साइबर हमले, ड्रोन हमले, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने के लिए कृत्रिम तकनीक का उपयोग जैसे नए खतरे उभर रहे हैं जिन्हें अनुसंधान एवं विकास...
पंजाब में बंदूकवाद का यह कैसा उपचार?

पंजाब में बंदूकवाद का यह कैसा उपचार?

BREAKING NEWS, राज्य, सामाजिक
बलबीर पुंज कितनी बड़ी विडंबना है कि जब 13 नवंबर को पंजाब में 'आप' सरकार ने शस्त्रों/हिंसा के सार्वजनिक प्रदर्शन/महिमामंडन पर प्रतिबंध लगाया, तब उसी कालखंड में दो ऐसी घटनाएं सामने आई— जिसने इस आदेश की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया। 12 नवंबर को हिंदू नेता सुधीर सूरी की हत्या मामले में कट्टरपंथी सिख संगठनों ने अमृतसर स्थित अदालत परिसर में पेशी के दौरान आरोपी संदीप सिंह 'सन्नी' पर फूल बरसाएं और उसके पक्ष में नारेबाजी भी की। 4 नवंबर को पुलिस सुरक्षा के बीच सुधीर की खुलेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह घृणा प्रेरित कृत्य था। यही नहीं, जिस दिन मान सरकार ने उपरोक्त फैसला लिया, उसी समय जालंधर में माता के जागरण पर तलवारों से हमला हो गया। यहां दो लोग तलवार लेकर घुसे और प्रसाद बांट रहे लोगों से अभद्रता करते हुए श्रद्धालुओं के साथ पूजा के मंच पर हमला कर दिया। इसमे...
आर्थिक विकास की दृष्टि से एक दशक ही नहीं बल्कि अगली पूरी सदी ही भारत की होगी

आर्थिक विकास की दृष्टि से एक दशक ही नहीं बल्कि अगली पूरी सदी ही भारत की होगी

Current Affaires, TOP STORIES, आर्थिक
अभी हाल ही में अमेरिका के निवेश के सम्बंध में सलाह देने वाले एक प्रतिष्ठित संस्थान मोर्गन स्टैनली ने अपने एक अनुसंधान प्रतिवेदन में यह बताया है कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक विकास की दृष्टि से अगला दशक भारत का होने जा रहा है। इस सम्बंध में उक्त प्रतिवेदन में कई कारण गिनाए गए हैं। भारत में केंद्र सरकार ने विनिर्माण के क्षेत्र में बड़े आकार की कई नई इकाईयों को स्थापित करने के उद्देश्य से हाल ही के समय में कई निर्णय लिए हैं, जिनका उचित परिणाम अब दिखाई देने लगा है। इनमे शामिल हैं, उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना, कम्पनियों द्वारा अदा की जाने वाली कर की राशि को 25 प्रतिशत तक कम करना और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना, ईज आफ डूइंग बिजिनेस के क्षेत्र में कई निर्णय लेना, आदि, शामिल हैं। इसके चलते चीन से विनिर्माण के क्षेत्र में कई इकाईयां भारत में अपना कार्य प्रारम्भ करने जा रही हैं। ...
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का बाली में जी-20 शिखर सम्मेलन के समापन सत्र में संबोधन

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का बाली में जी-20 शिखर सम्मेलन के समापन सत्र में संबोधन

Today News, विश्लेषण
Excellencies, Friends,मैं एक बार फिर अपने मित्र राष्ट्रपति जोकोवी का अभिनन्दन करना चाहता हूँ। उन्होंने इस कठिन समय मे जी-20 को कुशल नेतृत्व दिया है। और मैं आज जी-20 समुदाय को बाली डिक्लेरेशन के अनुमोदन के लिए भी बधाई देता हूँ। भारत अपनी जी-20 अध्यक्षता के दौरान इंडोनेशिया के सराहनीय initiatives को आगे बढ़ाने का प्रयत्न करेगा। भारत के लिए यह अत्यंत शुभ संयोग है कि हम जी-20 अध्यक्षता का दायित्व इस पवित्र द्वीप बाली मे ग्रहण कर रहे हैं। भारत और बाली का बहुत ही प्राचीन रिश्ता है।Excellencies,भारत जी-20 का जिम्मा ऐसे समय ले रहा है जब विश्व geopolitical तनावों, आर्थिक मंदी, खाद्यान्न और ऊर्जा की बढ़ी हुई कीमतों, और महामारी के दीर्घकालीन दुष्प्रभावों से एक साथ जूझ रहा है। ऐसे समय, विश्व जी-20 की तरफ आशा की नजर से देख रहा है। आज मैं यह आश्वासन देना चाहता हूँ कि भारत की जी-20 अध्यक्षता inclusive, ...
जबरन धर्मांतरण की आजादी कदापि नहीं

जबरन धर्मांतरण की आजादी कदापि नहीं

BREAKING NEWS, Current Affaires, EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES
अब तो समझिये,देश की शीर्ष अदालत भी जबरन धर्मांतरण को चुनौतीपूर्ण मुद्दा मानती है , उसका स्पष्ट मत है कि इस तरह की कोशिशें जहां राष्ट्रीय सुरक्षा के लिये चुनौती हैं, वहीं नागरिकों की धर्म और अंत:करण की स्वतंत्रता को भी बाधित करती हैं। जब शीर्ष अदालत केंद्र सरकार से कदम उठाने को कहती है तो विषय की गंभीरता का अहसास होता है। अदालत का मानना है कि देश में धार्मिक आजादी है, लेकिन इसका मतलब जबरन धर्मांतरण की आजादी होना कदापि नहीं है। शीर्ष अदालत ने इस बाबत केंद्र सरकार को तुरंत कदम उठाने को कहा है और बाईस नवंबर तक जवाब दाखिल करने को कहा है ताकि मामले में माह के अंतिम सप्ताह में सुनवाई हो सके। देश में लंबे समय से आरोप लगते रहे हैं कि देशी-विदेशी एजेंसियां धर्मांतरण के जरिये देश का सांस्कृतिक चरित्र बदलने की कोशिशों में लगी हैं। खासकर आदिवासी व पिछड़े इलाकों में छलबल व धनबल के जरिये ऐसी कोशिशों ...
Mission ‘LiFE’ for combating climate change

Mission ‘LiFE’ for combating climate change

BREAKING NEWS, EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES
Currently, the world is amidst intense dialogue with one another on the defining global challenge humanity faces- climate change. This year, the ongoing 27th session of the Conference of the Parties (COP 27) of the United Nations Framework Convention on Climate Change (UNFCCC) is hosted by the Government of Egypt at Sharm-el-Sheikh from 06th-18th November 2022. On this global platform, countries Party to the Convention have gathered to make concrete decisions and discuss further courses of action toward achieving the world's collective climate goals as agreed under the Paris Agreement and the Convention. Aligning with the Theme of COP27- 'Delivering for people and the planet' the conference brings together the countries and reinstates and delivers on the commitments made under the Par...
धर्म के नाम पर जारी है अधर्म

धर्म के नाम पर जारी है अधर्म

धर्म
*डॉ. वेदप्रताप वैदिक* भारत में कोई स्वेच्छा से अपना धर्म बदलना चाहे तो यह उसका मौलिक अधिकार है लेकिन मैं पूछता हूं कि ऐसे कितने लोगों को आपने कोई नया धर्म अपनाते हुए देखा है, जिन्होंने उस धर्म के मर्म को समझा है और उसे शुद्ध भाव से स्वीकार किया है? ऐसे लोगों की आप गणना करना चाहें तो उनमें महावीर, बुद्ध, ईसा, मुहम्मद, शंकराचार्य, गुरु नानक, महर्षि दयानंद जैसे महापुरूषों के नाम सर्वाधिक अग्रगण्य होंगे लेकिन दुनिया के लगभग 90 प्रतिशत लोग तो इसीलिए किसी पंथ या धर्म के अनुयायी बन जाते हैं, क्योंकि उनके माता-पिता उसे मानते थे। सारी दुनिया में ऐसे 5-7 प्रतिशत लोग ढूंढना भी मुश्किल हैं, जो वेद, जिंदावस्ता, आगम ग्रंथ, त्रिपिटक, बाइबिल, कुरान या गुरूग्रंथ पढ़कर हिंदू या पारसी या जैन या बौद्ध या ईसाई या मुसलमान या सिख बने हों। जो थोक में धर्म-परिवर्तन होता है, उसके लिए या तो विशेष परिस्थितियां उत...
आज दुनिया को सहनशीलता की ज्यादा जरूरत है

आज दुनिया को सहनशीलता की ज्यादा जरूरत है

TOP STORIES, राष्ट्रीय, सामाजिक
विश्व सहनशीलता दिवस - 16 नवम्बर 2022आज दुनिया को सहनशीलता की ज्यादा जरूरत है-ललित गर्ग- शांति, लोकतंत्र-व्यवस्था और सतत विकास प्राप्त करने के लिए सहनशीलता एक आवश्यक शर्त है। इंसान विशेषतः युवा पीढ़ी में जल्द उत्तेजित हो जाने की समस्या तेजी से बढ़ रही है। ‘गर्म खून’ और ‘लड़कपन’ कह कर युवाओं में बढ़ रही इस दुष्प्रवृत्ति को हम नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन जल्द उत्तेजित होने वाले ये लोग खुद के साथ-साथ दूसरे को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। न केवल युवापीढ़ी बल्कि आज की नेतृत्व शक्तियां भी असहनशील होती जा रही है। लम्बे समय से चल रहा रूस-यूक्रेन युद्ध इसी असहनशीलता का परिणाम है। दरअसल राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं, बदलते लाइफस्टाइल और सामाजिक माहौल की वजह से लोगों के अंदर सहनशीलता लगातार घटती जा रही है। सामाजिक माहौल ना बिगड़े और दुनिया के लोग एक दूसरे के साथ मिल-जुलकर रहें, इसी संकल्प के साथ...
पंजाब में हिंसा की उग्रता फिर नियति न बन जाये

पंजाब में हिंसा की उग्रता फिर नियति न बन जाये

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-ललित गर्ग- देश की कृषि एवं महापुरुषों की शांति भूमि राजनीतिक कारणों से हिंसा, आतंकवाद एवं नशे की भूमि बन गयी है। जबसे आम आदमी पार्टी की सरकार बनी है, हिंसा, हथियारों एवं नशे की उर्वरा भूमि बनकर जीवन की शांति पर कहर ढहा रही  है। राज्य में तेजी से पनप रही बंदूक एवं नशे की संस्कृति चिन्ता का सबब बन रही है। निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं और अधिकांश लोग नशे में डूब रहे हैं। हथियारों का खुला प्रदर्शन, खूनखराबा आम बात हो गयी है। इस प्रकार यह हथियारों की शृंखला, नशे का नंगा नाच, अमानवीय कृत्य अनेक सवाल पैदा कर रहे हैं। कुछ सवाल लाशों के साथ सो गये। कुछ समय को मालूम है, जो भविष्य में उद्घाटित होंगे। इसके पीछे किसका दिमाग और किसका हाथ है? आज करोड़ों देशवासियों के दिल और दिमाग में यह सवाल है। क्या हो गया है हमारे पंजाब को? पिछले लम्बे दौर से हिंसा रूप बदल-बदल कर अपना करतब दिखाती है- विनाश और न...