Shadow

Author: Dialogue India

खड़गे – कांग्रेस का लोकतंत्र*

खड़गे – कांग्रेस का लोकतंत्र*

BREAKING NEWS, EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES
खड़गे - कांग्रेस का लोकतंत्र* कांग्रेस पार्टी में 24 वर्षो के पश्चात अब पुनः लोकतंत्र की स्थापना हुई है। अब परिवारवाद का मजबूत किला ध्वस्त हो गया है। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव सम्पन्न हुआ और मल्लिकार्जुन खरगे का राज्याभिषेक हुआ। खरगे जो कर्नाटक के निवासी हैं और गांधी परिवार के निकटस्थ माने जाते हैं। यदि हम उनके अतीत पर दृष्टिपात करें तो उनका बाल्यकाल अत्यधिक संघर्षपूर्ण रहा। उन्होंने 7 वर्ष की अल्प आयु में एक दुर्घटना में अपनी माता को खो दिया था। तत्पश्चात खरगे ने अपने राजनीतिक जीवन का शुभारम्भ छात्रसंघ नेता के रूप में किया। वर्ष 1969 में वे एमएसके मिल्स कर्मचारी संघ के कानूनी सलाहकार बने, वे संयुक्त मजदूर संघ के प्रभावशाली श्रमिक नेता भी थे एवं उन्होंने मजदूरों के हितार्थ अनेको आन्दोलनों का नेतृत्व भी किया। वर्ष 1969 में ही वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी में स...

एक भारत श्रेष्ठ भारत के प्रणेता – लौहपुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल

BREAKING NEWS, TOP STORIES
31 अक्टूबर पर विशेष :-एक भारत श्रेष्ठ भारत के प्रणेता - लौहपुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेलमृत्युंजय दीक्षितस्वतंत्रता के पश्चात भारतीय एकता के प्रतीक, प्रखर देषभक्त जो ब्रिटिष राज के अंत के बाद 562 रियासतों को जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध थे, आजादी के बाद एक महान प्रशासक जिन्होनें स्वतंत्र देश की अस्थिर स्थिति को स्थिर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी ऐसे महान लौहपुरूष सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को ग्राम करमसद में हुआ था। इनके पिता झबेरभाई पटेल थे जिन्होंने 1857 में रानी झांसी के समर्थन में युद्ध किया था। इनकी मां का नाम लाडोबाई था। इनके माता पिता बहुत ही आध्यात्मिक प्रवृत्ति के थे।बालक वल्लभ की प्रारम्भिक पढ़ाई गांव के ही एक स्कूल में हुई यहां पर कक्षा चार तक की पढ़ाई होती थी। आगे की पढ़ाई के लिए वे पेटलाद गांव के स्कूल में भर्ती हुए जो उनके मूल गांव से छह से सात किमी की दूरी पर था । वल्ल...

परदेस में कितने देसी नेता

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, विश्लेषण
परदेस में कितने देसी नेता*विनीत नारायणक्या आप जानते हैं कि इंग्लैंड के अलावा भी कई देशों में भारतीय मूल के प्रधान मंत्री हैं? दीपावली के दिन जैसे हीये खबर आई कि ऋषि सौनक निर्विरोध ब्रिटेन के प्रधान मंत्री चुन लिए गये हैं, तो विश्व भर के हिंदुओं में ख़ुशी कीलहर दौड़ पड़ी, विशेषकर भारत में। लोग बल्लियों उछलने लगा। मानो भारत ने इंग्लैंड को जीत लिया हो।औपनिवेशिक मानसिकता से ग्रस्त रहे भारतीयों के लिए निश्चय ही ये एक गर्व का विषय है कि ऋषि सौनक उनगोरों के प्रधान मंत्री हैं जो कभी भारतीयों को शासन करने में नाकारा बताते थे। यह भी सही है की ऋषि सौनक केपूर्वजों की जड़ें पूर्वी पाकिस्तान और भारत से जुड़ी हैं और वे इंफ़ोसिस के संस्थापक नारायणमूर्ति के दामाद हैं।इससे भी ज़्यादा यह कि वे स्वयं को हिंदू घोषित कर चुके हैं और उन्होंने अपनी सांसदीय शपथ भी भगवद् गीतापर हाथ रख कर ली थी। इससे आगे ऐसा कुछ नही...

परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की आशंकाएं से बढ़ी चिन्ताएं

TOP STORIES, विश्लेषण
परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की आशंकाएं से बढ़ी चिन्ताएं-ललित गर्ग- रूस एवं यूक्रेन के बीच लम्बे समय से चल रहा युद्ध भीषणतम तबाही एवं सर्वनाश का कारण बनता दिख रहा है। रूस द्वारा परमाणु हथियारों के इस्तेमाल किये जाने एवं यूक्रेन के द्वारा ‘डर्टी बम’ का इस्तेमाल किये जाने की धमकियां, दुनिया के लिये डर का कारण बन रही है। भयंकर विनाश की आशंकाओं के बीच समूची दुनिया सहमी हुई है। यदि परमाणु हथियारों का उपयोग होता है तो यह मानवता के मूलभूत सिद्धांतों के खिलाफ होगा एवं दुनिया को अशांति की ओर अग्रसर करने वाला होगा। इस मसले का हल कूटनीति और आपसी बातचीत से ही निकालने के प्रयास किये जाने की आवश्यकता भारत लगातार व्यक्त करता रहा है। शांति का उजला एवं अहिंसा-सहजीवन की कामना ही भारत का लक्ष्य रहा है। इसीलिये भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार युद्ध विराम की कोशिश करते हुए दोनों ही देशों को दिशा-द...

क्या गर्भपात नैतिक रूप से उचित है?

BREAKING NEWS, TOP STORIES, सामाजिक
क्या गर्भपात नैतिक रूप से उचित है? लैंगिक समानता के लिए गर्भपात का अधिकार महत्वपूर्ण है। अलग-अलग महिलाओं के लिए अपनी पूरी क्षमता हासिल करने के लिए गर्भपात का अधिकार महत्वपूर्ण है। गर्भपात पर प्रतिबंध लगाने से महिलाओं को उन अवैध तरीकों का उपयोग करने के लिए मजबूर किया जाता है जो अधिक हानिकारक हो सकते हैं। लेकिन दूसरी ओर जीवन के अधिकार को हमेशा किसी व्यक्ति के समानता के अधिकार या खुद को नियंत्रित करने के अधिकार से अधिक महत्वपूर्ण होना चाहिए। इसका दुरुपयोग किया जा सकता है।> -डॉ सत्यवान सौरभ>>> गर्भावस्था की समाप्ति या भ्रूण हत्या नैतिक और नैतिक रूप से चुनौतीपूर्ण है और शायद प्रतिबंधात्मक गर्भपात कानूनों वाले देशों में इसे अवैध माना जाता है। नैतिक दुविधाएं जैसे कि महिलाओं की स्वायत्तता के अधिकार, भ्रूण के व्यक्तित्व के अधिकार और समाज के लिए डॉक्टर के नैतिक दायित्वों के साथ संघर्ष कर सकते हैं। ...

कश्मीर की सच्ची आजादी?

BREAKING NEWS, TOP STORIES
*कश्मीर की सच्ची आजादी?* *डॉ. वेदप्रताप वैदिक* भारत के रक्षामंत्री राजनाथसिंह ने पाकिस्तान के कब्जाए हुए कश्मीर और बल्तिस्तान को आजाद करने का नारा काफी जोर-शोर से लगाया है। उन्होंने 26 अक्टूबर को मनाए जा रहे शौर्य दिवस के अवसर पर कहा है कि तथाकथित ‘आजाद कश्मीर’ के लोगों पर थोपी जा रही गुलामी को देखकर तरस आता है। उन्हें सच्ची आजादी दिलाना बहुत जरुरी है। भारत इस मामले में चुप नहीं बैठेगा। राजनाथसिंह के पहले हमारी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने उस कश्मीर को आजाद करने की बात काफी जोरदार ढंग से कही थी। उनके पहले तथाकथित पाकिस्तानी कश्मीर के बारे में हमारे प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री प्रायः कुछ बोलते ही नहीं थे लेकिन मेरी पाकिस्तान-यात्रा के दौरान जब-जब वहां मेरे भाषण और पत्रकार-परिषदें हुईं, मैंने ‘आजाद कश्मीर’ के सवाल को उठाया। पाकिस्तान के राष्ट्रपतियों और प्रधानमंत्रियों से जब-जब मेरी ...

केजरीवाल की माँग नोटो पर हो लक्ष्मी – गणेश का चित्र, क्या एक राजनीतिक दांव है ?

Link of debates on various news channel participation by Dialogue India Group Editor Anuj Agarwal
आज शाम 5 PM से जी सलाम न्यूज़ चैनल पर “ केजरीवाल की माँग नोटो पर हो लक्ष्मी - गणेश का चित्र, क्या एक राजनीतिक दांव है ?“ विषय पर आयोजित बहस में शामिल रहा। बहस का लिंक - https://youtu.be/u8-f19knYE4

भारत में जीएम सरसों के फ़ील्ड ट्रायल को स्वीकृति”

BREAKING NEWS, EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय
भारत में जीएम सरसों के फ़ील्ड ट्रायल को स्वीकृति”यह समाचार सुनकर आज बड़े बड़े Hospitals, Doctors और Medical Industry खुशी से नाच रहे होंगे । अब शुरू होगा असली खेल ।दवाईयों का कारोबार बढ़ेगा , Hospitals के भविष्य का इंतेजाम हो गया , Doctors ने अभी अपनी पत्नी बच्चों के लिए Yorkshire में Luxury घर बुक कर दिया होगा । इसी वर्णसंकरता के चलते आज कोई भी वनस्पति औषधि सब्जी फल अपने मूल रूप में नहीं बचे हैं । पहले धनिया बस घर में आ जाता था तो पूरा घर महकता था । बस एक पत्ती डल जाए किसी भी भोजन में तो पता लग जाता था , आज हम धनिया की जगह घास खाते हैं । पहले चने की पत्ती खा लो तो इतनी स्वादिष्ट और खट्टी और आज ऐसे लगता है जैसे घास खा रहे हैं । पहले एक टमाटर भोजन में डाल दो तो स्वाद आ जाता था , आज टमाटर ऐसे ही खा लो या 10 टमाटर भी भोजन में डाल दो वह स्वाद नहीं दे पाता । पहले मूली , पालक , च...

टूटता नाटो

BREAKING NEWS, EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES
शीर्ष फ्रांसीसी नेतृत्व जर्मनी द्वारा अपने घरेलू ऊर्जा उद्योगों को यूरोपियन यूनियन से अनुमति लिए बिना ही अरबों यूरो का एकतरफा बेलआउट पैकेज देने के निर्णय से भन्नाया हुआ है और इसे ब्लॉक के हितों के विरुद्ध मानता है। दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश जर्मनी आज खुद रूस से गैस सप्लाई ठप होने के बाद तंगहाली में दिन काट रहा है, और उसके लिए कोढ़ में खाज पैदा कर रहे हैं हिटलर द्वारा पीड़ित नाटो देश - जिनका कहना है कि द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान उनके देशों पर नाजियों के कब्जे के बदले जर्मनी को उन्हें सैकड़ों अरब यूरो का मुआवजा देना होगा। पहले ग्रीस ने इस आशय का दावा ठोंका, और आज पोलैंड भी ठीक वही कह रहा है। इधर बाइडेन प्रशासन द्वारा लाये गए 'इन्फ्लेशन रिडक्शन एक्ट' के खिलाफ जर्मनी और फ्रांस की सरकारों में गुस्सा है क्योंकि वे इसे अमेरिका के घरेलू उद्योगों के प्रति संरक्षणवादी और...

नये राजनैतिक दल के गठन का प्रश्न: 1

राष्ट्रीय, विश्लेषण
नये राजनैतिक दल के गठन का प्रश्न: 1 -प्रो. रामेश्वर मिश्र पंकज वर्तमान स्थिति से क्षुब्ध होकर भारतीय संस्कृति और भारतीय समाज से आत्मभाव रखने वाले बहुत से लोग व्यग्र होकर नये राजनैतिक दल के गठन की इच्छा पाल लेते हैं। यह इच्छा स्वयं में बहुत ही महत्वपूर्ण और शुभ है परंतु आवश्यक जानकारी और विवेक के बिना यह केवल कष्ट और निराशा की ओर ले जायेगी। सर्वप्रथम तो यह जानना चाहिये कि यह जो आपमें नये राजनैतिक दल के गठन का उत्साह आ रहा है, वह स्वयं में कितना बड़ा वरदान है। कल्पना कीजिये कि भारत में तानाशाही होती और वह तानाशाह मुसलमानों के साथ मैत्री के कारण हिन्दू धर्म का बढ़-चढ़ कर दमन कर रहा होता। क्योंकि इंग्लैंड या अमेरिका को तो किसी भी राष्ट्रराज्य में तानाशाही के होने से कोई अंतर आज तक नहीं पड़ा है। विश्व के अनेक तानाशाहों से और तानाशाहियों से पश्चिमी यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका के लोगों ...