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Author: Dialogue India

नीतीश ‘सुशासन बाबू’ से ‘पलटू राम’ कैसे हो गये?

नीतीश ‘सुशासन बाबू’ से ‘पलटू राम’ कैसे हो गये?

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नीतीश ‘सुशासन बाबू’ से ‘पलटू राम’ कैसे हो गये?-ललित गर्ग -बिहार में ‘सुशासन बाबू’ कहलाने वाले नीतीश कुमार अब पक्के तौर पर ‘पलटू राम’ हो गये हैं। दो दिन की गहमागहमी के बाद उन्होंने पहले इस्तिफा देकर आखिर राज्यपाल से मुलाकात कर 160 विधायकों के समर्थन से सरकार बनाने का दावा भी पेश कर दिया। इसे अस्तित्व की लड़ाई कहें या राजनीतिक महत्त्वाकांक्षा लेकिन यह सच है कि सत्ता की खातिर पाला बदलने में कोई दल पीछे नहीं रहता। लोकतांत्रिक मूल्य, प्रामाणिकता, राजनीतिक सिद्धान्त तो शायद राजनीतिक दलों के शब्दकोश से गायब ही हो गए लगते हैं। भले ही गठबंधन राजनीति में टूट-फूट नई बात न हो, और न ही जनादेश की अनदेखी किया जाना, लेकिन यह एक तथ्य है कि बार-बार पाला बदलने वाले दल अपनी साख गंवाते हैं। भारतीय राजनीति से नैतिकता इतनी जल्दी भाग रही है कि उसे थामकर रोक पाना किसी के लिए सम्भव नहीं है।आज राष्ट्र पंजों के बल खड़ा...
डायलॉग इंडिया एकेडमिया कांक्लेव व अवार्ड की धूम

डायलॉग इंडिया एकेडमिया कांक्लेव व अवार्ड की धूम

Today News
दिल्ली में डायलॉग इंडिया एकेडमिया कांक्लेव व अवार्ड की धूम - जारी की गई बर्ष 2022 के लिए निजी उच्च शिक्षा संस्थानों की रैंकिंग केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे ने किया कॉन्क्लेव का उद्घाटन तो समापन सत्र व अवार्ड समारोह में मुख्य अतिथि रहे केंद्रीय मंत्री जनरल वी॰के॰ सिंह एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा बनी देश की सर्वश्रेष्ठ निजी क्षेत्र की यूनिवर्सिटी नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में 6 अगस्त, 2022 को शांगरी-ला होटल में छठा डायलॉग इंडिया एकेडेमिया कॉन्क्लेव और आठवां डायलॉग इंडिया इंटरनेशनल एकेडमी अवार्ड फंक्शन - 2022 आयोजित किया गया। इस अवसर पर भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों, व्यावसायिक समूहों,विभिन्न शैक्षणिक विशेषज्ञों और निर्णयकर्ताओं को अपने मन की बात कहने और विचारोत्तेजक चर्चाओं में भाग लेने का अवसर मिला। भारत के विभिन्न हिस्सों से आए सैकड़ों गणमान्य व्यक्तियों ने "नई शिक्षा नी...
विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस- 8 अगस्त 2022 पर विशेष

विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस- 8 अगस्त 2022 पर विशेष

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विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस- 8 अगस्त 2022 पर विशेष वृद्ध वार्धक्य को ओढ़े नहीं, बल्कि जीएं - ललित गर्ग - यह सत्य है कि आज भारत में बुजुर्गों की उपेक्षा हो रही है। इसके लिए कई कारण हैं। बढ़ती हुई महंगाई, पश्चिमी सभ्यता का अनुकरण, संसाधनों की कमी, संकुचित विचारधारा आदि आदि। आज की पीढ़ी बुजुर्गों के त्याग को समझना ही नहीं चाहती। इसीलिये संसार के बुजुर्ग लोगों को सम्मान देने के लिये विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस मनाया जाता है। संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन द्वारा इसका शुभारंभ किया गया था। इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य वृद्धों की वर्तमान समस्याओं, उपेक्षाओं एवं संवेदनहीनता के बारे में जनमानस में जागरूकता बढ़ाना है। वृद्धजनों की उपेक्षा का अर्थ है जीवन में विविध ज्ञान और अनुभवों से वंचित होना। वृद्ध साक्षात देवता हैं। वृद्ध हमारी सभ्यता और संस्कृति की धरोहर व समाज के मेरुदं...
आतंक के खिलाफ एक अहम जीत

आतंक के खिलाफ एक अहम जीत

विश्लेषण
आतंक के खिलाफ एक अहम जीत -ः ललित गर्ग :-अल कायदा नेता अयमन अल-जवाहिरी का मारा जाना आतंकवाद के खिलाफ विश्वस्तरीय अभियानों के इतिहास में एक बड़ी कामयाबी इसलिये है कि आतंकवाद ने दुनिया में भय, क्रूरता, हिंसा एवं अशांति को पनपाया है। जवाहिरी जैसे हिंसक, क्रूर, उन्मादी एवं आतंकी लोगों ने शांति का उजाला छीनकर अशांति का अंधेरा फैलाया है। दरअसल, वह इतना खुंखार एवं बर्बर इंसान था कि उसको मार गिराना अंसभव-जैसा ही था।  ऐसे अंतरराष्ट्रीय आतंकी गिरोह के शीर्ष नेताओं तक पहुंचना और दूसरे देश की सीमा में उन्हें मार गिराना साहस एवं शौर्य का काम है। इससे पहले दुनिया भर में अन्य आतंकवादी संगठनों के मामले में भी इस तरह की जटिलताओं का अनुभव दुनिया की महाशक्तियां करती रही है।, इसलिए जवाहिरी को उसके घर में घूस कर मारना अमेरिका की एक बड़ी उपलब्धि है। दुनिया में अब आतंकवाद पर काबू पाने की दृष्टि ...
खेलों में भारत के बढ़ते कदम, 61 पदकों के साथ बना खेल महाशक्ति

खेलों में भारत के बढ़ते कदम, 61 पदकों के साथ बना खेल महाशक्ति

CURRENT ISSUE, राष्ट्रीय, विश्लेषण, सामाजिक
खेलों में भारत के बढ़ते कदम, 61 पदकों के साथ बना खेल महाशक्ति आर.के. सिन्हा यह कोई बहुत पुरानी बात नहीं हैं जब अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों में भारत की लगभग सांकेतिक उपस्थिति ही रहा करती थी। हम हॉकी में तो कभी-कभार बेहतर प्रदर्शन कर लिया करते थे, पर शेष खेलों में हमारा प्रदर्शन औसत से नीचे या खराब ही रहता था। हमारे खिलाड़ियों- अधिकरियों की टोलियां वहां पर जाकर मौज-मस्ती करके वापस आ जाया करती थी। हिन्दुस्तानी खेल प्रेमियों की निगाहें तरस जाती थीं कि एक अदद पदक को देखने के लिए। पर गुजरे दशक से स्थितियां तेजी से बदल रही हैं खासकर मोदी सरकार के आने के बाद। सबसे बड़ी बात ये है कि हम बैडमिंटन में विश्व चैंपियन बनने लगे हैं, हमारा धावक ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतता है और क्रिकेट में तो हम विश्व की सबस बड़ी शक्ति हैं ही। इस कामनवेल्थ गेम में 22 स्वर्ण पदकों सहित कुल 61 पदकों...
स्तनपान से हटता ध्यान, हो कैसे अमृत का पान ?

स्तनपान से हटता ध्यान, हो कैसे अमृत का पान ?

EXCLUSIVE NEWS, समाचार
स्तनपान से हटता ध्यान, हो कैसे अमृत का पान ? बदलते दौर में नई और आधुनिक माताओं में स्तनपान की बहुत सी भ्रांतियां है। आधुनिकता के दौर में माताएं नवजात बच्चों को अपना दूध पिलाने से परहेज कर रहीं हैं।  इस कारण बच्चे न केवल कमजोर हो रहे हैं, बल्कि उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो रही है। आहार की बात होती है तो पौष्टिक और संपूर्ण आहार केवल और केवल मां का दूध होता है। जिसे अमृत का भी नाम दिया गया है। अगर बच्चा अपनी मां का दूध आहार के रूप में लेता है तो वह स्वस्थ ,बलवान ,तीव्र बुद्धि का और उसकी प्रतिरोधक क्षमता अपने आप बढ़ जाती है। -प्रियंका 'सौरभ' 1 से 7 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया गया। इस वर्ष 'स्टेप अप फॉर ब्रेस्टफीडिंग: एजुकेट एंड सपोर्ट', सरकारों, समुदायों और व्यक्तियों को शामिल कर स्तनपान के संरक्षण, संवर्धन और समर्थन पर ध्यान केंद्रित किया गया। सरकारों, स्वास्थ्य प्रणाल...
नयी सभ्यता और  संस्कृति में रक्षाबंधन का महत्व

नयी सभ्यता और संस्कृति में रक्षाबंधन का महत्व

BREAKING NEWS, EXCLUSIVE NEWS, राष्ट्रीय, सामाजिक
रक्षाबंधन- 11 अगस्त, 2022 पर विशेष नयी सभ्यता और  संस्कृति में रक्षाबंधन का महत्व -ललित गर्ग - भाई-बहन के पवित्र संबंध के महत्व कसे हमारे देश में कई पर्व-त्योहारों में प्रतिबिंबित किया गया है। उनमें रक्षाबंधन सर्वोपरि है, धार्मिक एवं अलौकिक महत्व का यह त्योहार बहन भाई के स्नेह, अपनत्व एवं प्यार के धागों से जुड़ा है, जो घर-घर में भाई-बहिन के रिश्तों में नवीन ऊर्जा एवं आपसी प्रगाढ़ता का संचार करता है। भाई-बहन का प्रेम बड़ा अनूठा और अद्वितीय माना गया है। बहनों में उमंग और उत्साह को संचरित करता है, वे अपने प्यारे भाइयों के हाथ में राखी बांधने को आतुर होती हैं। बेहद शालीन और सात्विक स्नेह संबंधों का यह पर्व सदियों पुराना है। रक्षाबंधन का गौरव अंतहीन पवित्र प्रेम की कहानी से जुड़ा है। उड़ीसा में पुरी का सुप्रसिद्ध जगन्नाथ मन्दिर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को समर्पित है। जहां सुभद्रा अपने भाई श्रीक...
खतरे में भारत एवं दुनिया के आदिवासी समुदाय

खतरे में भारत एवं दुनिया के आदिवासी समुदाय

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विश्व आदिवासी दिवस- 9 अगस्त, 2022 पर विशेषखतरे में भारत एवं दुनिया के आदिवासी समुदाय-ललित गर्ग -अन्तरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस, विश्व में रहने आदिवासी लोगों के मूलभूत अधिकारों जल, जंगल, जमीन को बढ़ावा देने और उनकी सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और न्यायिक सुरक्षा के लिए प्रत्येक वर्ष 9 अगस्त को मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम “संरक्षण में स्वदेशी महिलाओं की भूमिका और पारंपरिक ज्ञान का प्रसारण” घोषित किया है। यह दिवस उन उपलब्धियों और योगदानों को भी स्वीकार करता है जो वनवासी लोग पर्यावरण संरक्षण, आजादी, महा आंदोलनों, जैसे विश्व के मुद्दों को बेहतर बनाने के लिए करते हैं। यह पहली बार संयुक्त राष्ट्र की महासभा द्वारा दिसंबर 1994 में घोषित किया गया था। आदिवासी महिलाएं आदिवासी समुदाय की रीढ़ है, वे पारंपरिक पैतृक ज्ञान के संरक्षण और प्रसारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्राकृतिक संसा...
अमृत महोत्सव के जश्न में, कहाँ खड़े हैं आज हम?

अमृत महोत्सव के जश्न में, कहाँ खड़े हैं आज हम?

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अमृत महोत्सव के जश्न में, कहाँ खड़े हैं आज हम? (विश्व की उदीयमान प्रबल शक्ति के बावजूद भारत अक्सर वैचारिक ऊहापोह में घिरा रहता है. यही कारण है कि देश के उज्ज्वल भविष्य और वास्तविकता में अंतर दिखाई देता है. हालांकि भारत महाशक्ति बनने की प्रक्रिया में प्रमुख बिंदुओं पर खरा उतरता है, लेकिन व्यापक अंतर्राष्ट्रीय संदर्भ में घरेलू मुद्दों के कारण वह कमजोर पड़ जाता है। बिना साक्षरता के कोई भी देश आगे नहीं बढ़ सकता। ऐसे में सभी शिक्षित हों तभी सारी समस्याओं से आजादी पाई जा सकती है। साक्षरता के साथ-साथ देश भर में बढ़ती बेरोजगारी युवाओं को गुलामी का अहसास देती है, आखिर वो कब इस से आजाद होगा। ) -सत्यवान 'सौरभ' भारत ने वैश्विक पहचान हासिल करने के लिए ढेर सारी चुनौतियों को पार करते हुए दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्रों में से एक बनने के लिए छोटे कदम उठाए। भारत ने आजादी के बाद से...
Conclave inaugurated by Central Minister Ashwani Chobe & in Concluding session award distributed by Central minister Gen. V. K. singh, Delhi Rocked with the Dialogue India Academia Awards -2022

Conclave inaugurated by Central Minister Ashwani Chobe & in Concluding session award distributed by Central minister Gen. V. K. singh, Delhi Rocked with the Dialogue India Academia Awards -2022

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Delhi Rocked with the Dialogue India Academia Awards -2022, Dialogue India released the 2022 ranking of Private Higher Education Institutions of India. Conclave inaugurated by Central Minister Ashwani Chobe & in Concluding session award distributed by Central minister Gen. V. K. singh Amity University emerge as Best private university of India in Dialogue India ranking New Delhi: Witnessing thought provoking discussions and hosting a platform to the Indian Higher Education Institutions, business groups, various academic experts and decision makers for speaking their mind,the 6th Dialogue India Academia Conclave and the 8th Dialogue India International Academia Award Function - 2022 held in national capital New Delhi on 6 August, 2022 at the Shangri-la Hotel. Over a hundred d...