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Author: Dialogue India

संसद की नई बिल्डिंग में अशोक स्तंभ का पीएम ने किया अनावरण

संसद की नई बिल्डिंग में अशोक स्तंभ का पीएम ने किया अनावरण

Today News
  संसद की नई बिल्डिंग में अशोक स्तंभ का पीएम ने किया अनावरण नए संसद भवन का काम तेजी से जारी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नए संसद भवन के निर्माणकार्यों का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने नए संसद भवन की छत पर लगे 20 फीट ऊंचा अशोक स्तंभ का अनावरण भी किया. इस दौरान उनके साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी मौजूद थे. बता दें कि आजतक से खास बातचीत में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला नए संसद भवन को लेकर काफी उत्साहित दिखे थे. उन्होंने बताया था कि अगला शीतकालीन सत्र नए संसद भवन में करवाने का लक्ष्य रखा गया है. उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए संसद भवन के निर्माण कार्यों का जायजा लेने के दौरान काम में जुटे श्रमिकों से बातचीत भी की और उनका हालचाल जाना. अशोक स्तंभ चिन्ह का वजन 9500 किलोग्राम है जो कांस्य से बनाया गया है. इसके सपोर्ट के लिए करीब 6500 किलोग्राम वजन वाले स्टील की एक सहायक संरचना क...
भवसागर पार कराने वाले गुरु ईश्वर-तुल्य हैं

भवसागर पार कराने वाले गुरु ईश्वर-तुल्य हैं

BREAKING NEWS, संस्कृति और अध्यात्म, सामाजिक
गुरु पूर्णिमा- 13 जुलाई 2022 पर विशेष भवसागर पार कराने वाले गुरु ईश्वर-तुल्य हैं -ललित गर्ग- भारतीय संस्कृति में गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व है, यह अध्यात्म-जगत विशेषतः सनातन धर्म का महत्वपूर्ण उत्सव है, इसे अध्यात्म जगत की बड़ी घटना के रूप में जाना जाता है। आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा कहा जाता है, हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार इस दिन महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था, इसलिये इसे व्यास पूर्णिमा भी कहते है। इस दिन से ऋतु परिवर्तन भी होता है। इसदिन शिष्य अपने गुरु की पूजा करते हैं और अपने गुरु को यथाशक्ति दक्षिणा, पुष्प, वस्त्र, उपहार आदि भेंट करते हैं। ज्योतिषी कहते हैं कि इस दिन गुरु के आशीर्वाद से धन-सम्पत्ति, सुख-शांति, वैभव एवं समस्त इच्छाओं की पूर्ति का वरदान पाया जा सकता है। इस वर्ष गुरु पूर्णिमा खास इसलिये है कि रुचक, भद्र, हंस एवं शश नाम के चार विशेष योग बन रहे...
भारत और शिंजो आबे

भारत और शिंजो आबे

TOP STORIES, राज्य
भारत और शिंजो आबे (आबे प्रत्येक माध्यम से भारत के साथ खड़े थे। डोकलाम संकट और मौजूदा गतिरोध के दौरान जापान ने यथास्थिति को बदलने के लिए चीन के खिलाफ बयान दिए। 2021 में, भारत सरकार ने श्री आबे को देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया।) -सत्यवान 'सौरभ' संसदीय चुनाव के लिए एक अभियान कार्यक्रम के दौरान एक हमलावर द्वारा गोली मारे जाने के बाद शुक्रवार को आबे के असामयिक निधन ने एक ऐसे नेता के करियर पर पर्दा डाल दिया, जिसने जापानी राजनीति और कूटनीति को फिर से परिभाषित किया। अपने 2013 के भाषण में, उन्होंने तीन विदेश नीति प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। पहला वह चाहते थे कि जापान "वैश्विक कॉमन्स का संरक्षक" बनने के लिए कदम बढ़ाए। दूसरी देश के युद्ध के बाद के संविधान का संशोधन और तीसरा रूस के साथ शांति संधि। 2021 में, भारत सरकार ने श्री आबे को देश के दूसरे सर्वोच्च न...
चारित्रिक अवमूल्यन जॉनसन को ले डूबा

चारित्रिक अवमूल्यन जॉनसन को ले डूबा

Current Affaires, EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, विश्लेषण, सामाजिक
चारित्रिक अवमूल्यन जॉनसन को ले डूबा-ललित गर्ग-ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की विदाई का कारण स्वच्छन्द, भ्रष्ट एवं अनैतिक राजनीति बना। समूची दुनिया के शासनकर्त्ताओं को एक सन्देश है बोरिस की इस बेकद्री से बेआबरु होकर विदा होना। किस तरह कांड-दर-कांड का सिलसिला चला और जॉनसन ने 2019 के चुनावों में जो राजनीतिक प्रतिष्ठा अर्जित की थी, वह धीरे-धीरे  राजनीतिक अहंकार एवं अनैतिक कृत्यों के कारण गायब होती गई। उन्हें जो व्यापक जनादेश मिला था, उसका फायदा वह नहीं उठा पाए, क्योंकि जो अनुशासन, चरित्र की प्रतिष्ठा, संयम एवं मूल्यों का सृजन उनके प्रशासन में होना चाहिए था, वह कमोबेश नदारद रहा। जिस तेजतर्रार तेवर के साथ जॉनसन ने ब्रेग्जिट अभियान को अपने हाथों में लिया था और उसके बाद 2019 के आम चुनाव में जीत हासिल की थी, उस तेवर को वह बरकरार नहीं रख पाए। इसी वजह से विगत कुछ महीनों से उनकी कंजर्वेटिव पार्...
आईटी पेशेवरों के नौकरी छोड़ते रहने की वजह समझिए

आईटी पेशेवरों के नौकरी छोड़ते रहने की वजह समझिए

TOP STORIES, राष्ट्रीय, विश्लेषण
आईटी पेशेवरों के नौकरी छोड़ते रहने की वजह समझिए आर.के. सिन्हा अब देश की सभी प्रमुख आईटी कंपनियां अपने मार्च-जून तिमाही के नतीजों का ऐलान करना चालू कर देंगी। यह भी तय है कि करीब-करीब सभी के मुनाफे और कुल जमा कारोबार में निश्चित वृद्धि होगी। कोरोना काल के बाद सभी भारतीय आईटी कंपनियां अब अपनी  पूरी क्षमताओं के साथ काम कर रही हैं। उन्हें देश-विदेश से नए-नए आर्डर भी मिल रहे हैं। ये सभी भारतीय आई.टी. कम्पनियां कोरोना काल में आई सुस्ती की भरपाई करने में लगी हुई हैं। कोरोना के दौर में सभी क्षेत्रों में काम की रफ्तार प्रभावित हुई थी। पर अब कोरोना के भय को कारोबारी दुनिया पीछे छोड़ते हुए तेजी से आगे बढ़ रही है। अब ठोस संकेत मिल रहे हैं कि भारत की चार सबसे प्रमुख आई टी सेक्टर की कंपनियां क्रमश: टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (टीसीएस), इंफोसिस, विप्रो और एचसीएल  टेक्नोलॉजी जब अ...
क्यों वेतनभोगी दुधारू गाय कर के लिए बार-बार दूध दुही जाती है?

क्यों वेतनभोगी दुधारू गाय कर के लिए बार-बार दूध दुही जाती है?

Current Affaires, TOP STORIES, आर्थिक, समाचार
क्यों वेतनभोगी दुधारू गाय कर के लिए बार-बार दूध दुही जाती है? (आखिर एक तनख्वाह से, कितनी बार टेक्स दें और क्यों ? आयकर दाताओं को स्वच्छ पानी, सांस लेने योग्य हवा, निजी सुरक्षा और अब तेजी से टोल के रूप में सड़क उपयोग के लिए भुगतान करने के लिए मजबूर किया जाता है। देश के सांसद विशेषाधिकारों का आनंद लेते हैं जो कोई कर दान नहीं करता है; वे अपना वेतन खुद तय करते हैं, और उनकी आय पर कर स्रोत पर नहीं काटा जाता है।)-प्रियंका 'सौरभ' वेतन पाने वाले आय का उच्चतम प्रतिशत करों में देते हैं, बदले में कम मिलता है और उनके कर का रुपया वोटों के लिए उपयोग किया जाता है। भारत में सामाजिक समानता का मतलब है कि मुंबई में हर महीने 6,000 रुपये कमाने वाले एक क्लर्क को आयकर का भुगतान करना होगा, लेकिन पंजाब के गुरदासपुर में एक स्ट्रॉबेरी किसान को जिसकी हर महीने 1.5 लाख रुपये की कमाई है, उसे कर-मुक्त स्थिति क...
एक मजबूत, शक्तिशाली और विकासशील भारत।

एक मजबूत, शक्तिशाली और विकासशील भारत।

आर्थिक, सामाजिक
एक मजबूत, शक्तिशाली और विकासशील भारत। (उदीयमान प्रबल शक्ति के बावजूद भारत अक्सर वैचारिक ऊहापोह में घिरा रहता है. यही कारण है कि देश के उज्ज्वल भविष्य और वास्तविकता में अंतर दिखाई देता है. हालांकि भारत महाशक्ति बनने की प्रक्रिया में प्रमुख बिंदुओं पर खरा उतरता है, लेकिन व्यापक अंतर्राष्ट्रीय संदर्भ में घरेलू मुद्दों के कारण वह कमजोर पड़ जाता है) -सत्यवान 'सौरभ' भारत ने वैश्विक पहचान हासिल करने के लिए ढेर सारी चुनौतियों को पार करते हुए दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्रों में से एक बनने के लिए छोटे कदम उठाए। भारत ने आजादी के बाद से एक लंबा सफर तय किया है, कई सही और गलत फैसलों से परहेज किया है, जो कई ऐसे स्थलों को पीछे छोड़ता है जो विभाजन की पीड़ा से एक मजबूत, शक्तिशाली और विकासशील राष्ट्र की यात्रा को परिभाषित करते हैं। हाल ही के दशकों में भारत धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय स्थान पर ऊपर चढ़ता...
अवसादों भरा हफ़्ता

अवसादों भरा हफ़्ता

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अवसादों भरा हफ़्ता विनीत नारायण पिछला हफ़्ता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसादों से भरा रहा। जो घटनाएँ घटीं उनका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष असर भारत पर भी पड़ेगा। इस क्रम में सबसे ज़्यादा दुखद घटना जापान के पूर्व प्रधान मंत्री शिंजो आबे की नृशंस हत्या है। वे न केवल जापान के सशक्त और लोकप्रिय नेता थे बल्कि विश्व राजनीति में भी उनका सर्वमान्य प्रभावशाली व्यक्तित्व था। इस तरह की हिंसा जापान की संस्कृति में अनहोनी घटना है। कुछ लोगों को अंदेशा है कि इसके पीछे चीन का हाथ हो सकता है। जिसने हत्यारे को मनोवैज्ञानिक रूप से इस हाराकिरी के लिए उकसाया होगा। ऐसे षड्यंत्रों का प्रमाण आसानी से जग-ज़ाहिर नहीं होता, इसलिए दावे से कुछ भी नहीं कहा जा सकता। पर ऐसा अंदेशा लगाने वालों का तार्किक आधार यह है कि ‘साउथ एशिया सी’ में चीन की बढ़ती दादागिरी को रोकने की जो पहल शिंजो आबे ने की उससे चीन जाहिरन बहुत विचलित...
धार्मिक भावनाओं पर दोहरी राजनीति

धार्मिक भावनाओं पर दोहरी राजनीति

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धार्मिक भावनाओं पर दोहरी राजनीति  श्री शंकर शरण (लेखक: राजनीति शास्त्र के प्रोफेसर एवं वरिष्ठ स्तंभकार हैं) काग्रेस नेता शशि थरूर का यह कथन चर्चा में है कि 'हमारा यह हाल हो गया है कि धर्म-मजहब के किसी पक्ष पर कुछ भी कहने पर कोई न कोई भावना आहत होने का दावा कर नाराज होने लगता है।' तृणमूल नेत्री महुआ मोइत्रा द्वारा देवी काली के बारे में दिए गए बयान के संदर्भ में उन्होंने यह भी कहा कि 'ऐसी बातें सहजता से लेनी चाहिए, क्योंकि इसके पीछे किसी को चोट पहुंचाने का भाव नहीं रहता।' थरूर की बात सही है। समस्या यह है कि उन जैसे अधिकांश नेता और बौद्धिक तब चुप रह जाते हैं, जब मामला इस्लामी प्रसंगों का होता है। तब अभिव्यक्ति के सहज अधिकार पर दोहरापन झलकता है, जो सबसे बड़ा संकट है। लोग किसी चोट से अधिक उस पर शासन और बुद्धिजीवियों के दो तरह के रुख दिखाने से अधिक क्षुब्ध होते हैं। महुआ मोइत्रा के पक्ष मे...
डिजिटल दुनिया की मोबाइल-लैपटॉप जैसी डिवाइस तोड़ रही हैं आपके पैरेंट बनना का सपना

डिजिटल दुनिया की मोबाइल-लैपटॉप जैसी डिवाइस तोड़ रही हैं आपके पैरेंट बनना का सपना

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डिजिटल दुनिया की मोबाइल-लैपटॉप जैसी डिवाइस तोड़ रही हैं आपके पैरेंट बनना का सपना डॉ. गुंजन गुप्ता गोविल फाउंडर और चेयरमैन गुंजन आईवीएफ वर्ल्ड ग्रुप शादी के बाद हर कपल का सपना होता है उनकी घर में बेबी आए और घर की रौनकें बढ़ जाएं. लेकिन कई बार शारीरिक समस्याएं उनके इस ख्वाब को पूरा नहीं होने देतीं. फर्टिलिटी (प्रजनन क्षमता) से जुड़ी दिक्कतें हंसते-खेलते परिवारों की चिंता बढ़ा रही है. ऐसे होने क्या कारण हैं और इनसे कैसे बचा जा सकता है, नई-नई टेक्नॉलजी ने आज बहुत सारे काम आसान जरूर कर दिए हैं, लेकिन इन आविष्कारों का इंसान की सेहत पर बुरा असर भी पड़ रहा है. स्मार्टफोन्स का बेतहाशा इस्तेमाल, लैपटॉप, कम्प्यूटर और वायरलेस कनेक्शन जैसी चीजें अब जिंदगी का जरूरी हिस्सा बन गई हैं. लेकिन ये तमाम चीजें न सिर्फ व्यक्ति को खुद पर निर्भर बना रही हैं बल्कि हेल्थ को भी प्रभावित कर रही हैं. कोरोना महामा...