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Author: Dialogue India

साइबर धोखाधड़ी – कुछ ऐसे मुक़ाबला करें

साइबर धोखाधड़ी – कुछ ऐसे मुक़ाबला करें

BREAKING NEWS, EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, विश्लेषण
हमारा देश भारत भी ऑनलाइन बैंकिंग प्रणाली व ई-कॉमर्स की ओर बढ़ रहा है, इसके साथ साइबर हमले भी बढ़ रहे हैं। अध्ययन तथा सर्वेक्षण बताते हैं कि भारत में 2022 की पहली छमाही में फिरौती व ठगी की घटनाओं और हमलों में 51 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। एम्स, नई दिल्ली ने पाया कि उसकी इन्टरनेट में सेंध लगा कर सेवाओं से समझौता किया गया और अनुचित नेटवर्क विभाजन के कारण एम्स के पांच सर्वर प्रभावित हुए। 2023 में प्राइस वाटर हाउस कूपर्स प्राइवेट लिमिटेड की महत्वपूर्ण रिपोर्ट में यह पाया गया कि भारत में आधे से अधिक धोखाधड़ी की घटनाएं ‘प्लेटफॉर्म’ धोखाधड़ी थीं, जो आर्थिक अपराध का एक नया रूप है, जिसमें सोशल मीडिया, ई-कॉमर्स, उद्यम और फिनटेक प्लेटफॉर्म से जुड़ी धोखाधड़ी गतिविधियां शामिल हैं। बीती 11 मई को जारी रिपोर्ट ‘इंडिया डिजिटल वेलनेस रिपोर्ट’ के अनुसार ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन करने वाले उपभोक्ताओं में से...
Fake game of NAAC & NIRF

Fake game of NAAC & NIRF

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय
India is an academic powerhouse. At least, that is the picture you get from the records of the National Assessment and Accreditation Council (NAAC). Of India’s accredited universities, 140 or one of every three has a top A grade. Of these, 42 are at pole position with an impressive A++. When it comes to colleges, 546 have an A grade, 319 an A+ and 87 an A++.The stakes are high because such ratings allow a college to open its doors to foreign students, seek grants or even acquire autonomy to grant degrees. Eight universities, largely private and deemed, have so far been accorded scores by this body of evaluators that are even higher than those for the Indian Institute of Science, which is India’s pre-eminent institute, according to National Institutional Ranking Framework (NIRF) rankin...
हिरोशिमा में मोदी ने सुझाया अमन का रास्ता

हिरोशिमा में मोदी ने सुझाया अमन का रास्ता

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, समाचार
-ललित गर्ग - भारत समूची दुनिया में एक महाशक्ति के रूप में उभर रहा हैं, महाशक्तिशाली राष्ट्र भी भारत की ओर आशाभरी निगाहों से देख रहे हैं। हिरोशिमा में जी-7 सम्मेलन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी मानवतावादी सोच एवं युद्ध-हिंसामुक्त नयी दुनिया को निर्मित करने के संकल्प के लिये सबकी आंखों के तारे बने हैं, जापान के समाचार-पत्रों में उन्होंने सुर्खियां बटोरी हैं, यह भारत के लिये गर्व एवं गौरव का विषय है। मोदी ने अपने वक्तव्य में यूक्रेन में युद्ध दुनिया के लिए एक बड़ी चिंता है कहकर न केवल पूरे विश्व को प्रभावित किया है, बल्कि सभी का ध्यान अपनी ओर खिंचा। हिरोशिमा में युद्ध, हिंसा, आतंकवाद, पर्यावरण, बढ़ती जनसंख्या, आपसी सहयोग जैसे विषयों पर साफ-साफ चर्चा करते हुए मोदी ने भारत की धरती से घोषित हुए ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ एवं ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ मंत्रों को दुनिया के लिये उपयोगी सा...
जी-20 देशों ने कश्मीर की बदलती तस्वीर को देखा

जी-20 देशों ने कश्मीर की बदलती तस्वीर को देखा

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय
-ललित गर्ग - श्रीनगर में जी-20 के पर्यटन कार्यसमूह के तीन दिवसीय सम्मेलन से जम्मू-कश्मीर के बदलते सुखद एवं लोकतांत्रिक स्वरूप, पर्यटन को नई दिशा मिलने एवं बॉलिवुड के साथ रिश्ते मजबूत होने का आधार मजबूत हुआ है। बीते 75 साल से जो हालात रहें, जिनमें विदेशी ताकतों का भी हाथ रहा है, उसमें एक पनपी सामाजिक शोषण, आतंक, अन्याय, अशांति एवं पक्षपात की व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिये जाने की तस्वीर सामने आयी है। वैश्विक और टिकाऊ पर्यटन को प्रोेत्साहन देने की दृष्टि से सम्मेलन का कश्मीर में आयोजन जम्मू कश्मीर की 1.30 करोड़ की आबादी के लिए गौरव की बात है।श्रीनगर में डल झील के किनारे शेर-ए-कश्मीर इंटरनैशनल कन्वैंशन सेंटर में भारत सरकार ने जी-20 से जुड़े इस आयोजन को भव्य एवं सुरक्षित परिवेश देने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। चीन एवं पाकिस्तान के विरोध के बावजूद भारत ने अपने आंतरिक मामलों में किसी अन्...
शोर प्रदूषण आज के समय की एक बहुत बड़ी समस्या है।

शोर प्रदूषण आज के समय की एक बहुत बड़ी समस्या है।

BREAKING NEWS, TOP STORIES, विश्लेषण, सामाजिक
शोर प्रदूषण आज के समय की एक बहुत बड़ी समस्या है। और आजकल हमारे देश के बड़े शहरों में बहुत अधिक शोर प्रदूषण हो रहा है। यहां यह जानना जरूरी है कि आखिर शोर प्रदूषण है क्या ? और इसके दुष्प्रभाव क्या हैं ? वास्तव में, शोर प्रदूषण अनुपयोगी ध्वनि होती है जिससे मानव तो मानव यहां तक कि जीव-जंतुओं तक को भी परेशानी होती है। वास्तव में,जब शोर की तीव्रता पर्यावरण में अत्यधिक हो जाती है तब उसे ध्वनि प्रदूषण कहते हैं। आज हमारे देश की लगातार जनसंख्या बढ़ रही है और जनसंख्या वृद्धि के साथ ही यातायात के साधनों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। विकास के साथ ही विभिन्न औधोगिक कल-कारखानों में भी अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी हुई है और यही कारण भी है कि शोर(ध्वनि) प्रदूषण में भी इजाफा हुआ है। ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌इसके अलावा बिजली कड़कना, बिजली गिरना आदि जैसी कई प्राकृतिक घटनाएं, जो शोर उत्पन्न करतीं हैं, भी म...
आम के बहाने पसमांदा मुसलमानों के साथ योगी

आम के बहाने पसमांदा मुसलमानों के साथ योगी

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राज्य, सामाजिक
आर.के. सिन्हा मिर्जा ग़ालिब मीठे आम के लिए जान देते थे। वे अपने दोस्तों-यारों के साथ आम खाना पसंद करते थे। उनकी आम की पार्टियाँ मशहूर हैं I वे वर्ष 1827 में दिल्ली से कोलकाता गए थे। वे दिल्ली से कोलकाता जाते वक्त कानपुर, लखनऊ, बाँदा, इलाहाबाद होते हुए बनारस पहुँचे। वे बनारस में छह महीने ठहरे थे। उन्होंने अपने सफर के दौरान उत्तर प्रदेश के मशहूर दशहरी या लंगड़ा आम का जमकर स्वाद स्वाद चखा । आम की अलग-अलग प्रजातियां सारे देश में मिलेंगी पर उत्तर प्रदेश में मिलने वाले मिश्री जैसे रसीले आमों की बात ही अलग है। अजीब सा संयोग है कि राज्य में आम की खेती और व्यापार में मुसलमानों की अच्छी-खासी भूमिका है। आपको सारे प्रदेश में आम की खेती करते हुए ज्यादातर मुसलमान ही मिलेंगे। कुछ समय पहले राज्य के कुछ इलाकों में बेमौसमी बारिश तथा ओला वृष्टि से आम किसानों के स...
चीन, भारत का सिरदर्द

चीन, भारत का सिरदर्द

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, विश्लेषण
हमारे बुजुर्गो द्वारा अपने अनुभवों के आधार पर कहीं बातों ने कहावतों का रूप ले लिया, जो आज भी प्रासांगिक है, यथा - हाथी के दाँत खाने के और, दिखाने के और, मुँह में राम, बगल में छुरी आदि। इसी प्रकार वर्ष 1962 में भारत-चीनी, भाई-भाई का नारा लगाते-लगाते चीन ने हमारी जमीन पर शक्ति के बल पर कब्जा कर लिया। चीन के द्वारा तिब्बत पर बलपूर्वक अधिकार कर लिया गया, परन्तु यह तो उसकी महत्वाकांक्षा का एक छोटा सा ही उदाहरण था। अब उसका लक्ष्य हमारा अरुणाचंल प्रदेश एवं अन्य स्थानों को कब्जाने का प्रयास निरन्तर चल रहा है। चीन के साथ गलवान घाटी में हुए युद्ध की घटना, जिसमें हमारे अनेकों जवानों को बलिदान देना पड़ा था, हमारी स्मृति से अभी विस्मृत भी नहीं हो पायी थी कि चीन के द्वारा अनेको छोटी-छोटी झड़पे अन्य स्थानों पर होनी प्रारम्भ हो गईं। गलवान में टकराव के पश्चात 18 बार चीन व भारत के मध्य कमाण्डर स्तर की ...
किरण रिजूजू को हटाया गया या उनका टास्क पूरा हो गया..??

किरण रिजूजू को हटाया गया या उनका टास्क पूरा हो गया..??

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पहले तो समझिए कि किरण रिजूजू बहुत जूनियर मंत्री थे जिन्हें एकाएक कानून मंत्रालय जैसा बड़ा पोर्टफोलियो दिया गया था। जाहिर है जिसने दिया है उसने कुछ टास्क भी दिया था। अब किरण रिजूजू क्या कर रहे थे?अपने टास्क अनुसार लगातार न्यायपालिका पर हमलावर थे।उन्होंने हर उस तरह न्यायपालिका पर हमला किया जो अभी तक आमजन के अंदर था लेकिन कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट के डर से आमजन उसे बोलने से डरता था। उन्होंने अपने टास्क के तहत आमजन को वो ताकत दी कि करो न्यापालिका को एक्सपोज, कंटेम्प्ट होगा तो पहले मेरा होगा। इसके बाद वो खुद भी कोर्ट पर हमलावर हुए।उन्होंने भाई भतीजावाद पर हमला किया कि ये खुद से खुद ही जज चुन लेते हैं।उन्होंने ये भी कहा कि इनके कुछ जज तो रिटायर होने के बाद एन्टी इंडिया फोर्स जॉइन कर लेते हैं।उन्होंने ये भी कहा कि ये 4-5 जज बैठकर भारत का फैसला नही कर सकते हैं।उन्होंने ये भी कहा कि ये जज तो अपन...
कर्नाटक में कांग्रेस की नई कथा शुरू

कर्नाटक में कांग्रेस की नई कथा शुरू

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आख़िर कड़ी मशक़्क़त के बाद कांग्रेस कर्नाटक में सत्तारूढ़ हो गई। भारी बहुमत से जीत के बावजूद मुख्यमंत्री तय करने को लेकर जो गतिरोध कांग्रेस पार्टी में चल रहा था, आखिरकार उसका पटाक्षेप आर हो ही गया। राजयोग सिद्धारमैया के हिस्से में आया डी के शिवकुमार के हिस्से में तपस्या। जहां कुर्सी काँटों का ताज़ा होती है तो तपस्या फ़ौरन फलीभूत होने के उद्देश्य से की जाती है। औपचारिकताओं के निर्वहन के बाद ताजपोशी हो गई। कांग्रेस के नेता कहते रहे हैं कि लोकतांत्रिक पार्टी होने के कारण सहमति पर मंथन जारी रहा ,लेकिन आम विमर्श में यह मुद्दा हावी रहा कि विधानसभा चुनाव में 135 सीटें जीतने के बावजूद दल का नेता चुनने में इतनी देरी क्यों हुई? सब कुछ ठीक नहीं है। कर्नाटक में पार्टी की जीत का नेतृत्व करने वाले डीके शिवकुमार कहते रहे हैं कि ‘उन्होंने पांच साल पार्टी के लिये संघर्ष किया, जेल भी गये। वे वफादार ...
<strong>क्यों भारत को चाहिएं कई सुधा मूर्ति</strong>

क्यों भारत को चाहिएं कई सुधा मूर्ति

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, साहित्य संवाद
क्या पैसे वाले मनुष्यता में नहीं करते यकीन या क्यों भारत को चाहिएं कई सुधा मूर्ति आर.के. सिन्हा श्रीमती सुधा   नारायणमूर्ति की शख्सियत से कोई बिना प्रभावित हुये नहीं रह सकता। उन्होंने अपने पति एन. नारायणमूर्ति को अपनी कंपनी खोलने के लिए अपने प्रिय गहने तक बेच डाले थे। उन्होंने पति को पैसे देकर उन्हें प्रेरित किया कि वे अपने हिस्से के आकाश को छू लें। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की सास सुधा मूर्ति जब कोई बात कहती हैं तो उसके पीछे उनके जीवन भर का अनुभव और दर्शन छिपा होता। उन्होंने कुछ दिन पहले एक टीवी के कार्यक्रम में उन लोगों को प्यार-प्यार में कसा जिनके लिए जीवन में  पैसा ही सब कुछ होता है। इस तरह के लोग पैसे के आगे शेष सभी चीजों को गौण ही मानते हैं। ये उन स्त्रियों को भी दोयम दर्जे का ही मानते हैं जो साड़ी या सवार-कमीज पहनती हैं। सुधा जी ने इस बाबत अपने साथ घटी एक सच्...