आंधे की माक्खी राम उड़ावै
हमारी बोलचाल, प्यार, उलाहनों और कहावतों में रचे बसे है श्रीराम
-- डॉo सत्यवान सौरभ,
राम-राम जी। हरियाणा में किसी राह चलते अनजान को भी ये ‘देसी नमस्ते’ करने का चलन है। यह दिखाता है कि गीता और महाभारत की धरती माने जाने वाले हरियाणा के जनमानस में श्रीकृष्ण से ज्यादा श्रीराम रचे-बसे हैं। हरियाणवियों में रामफल, रामभज, रामप्यारी, रामभतेरी जैसे कितने ही नाम सुनने को मिल जाएंगे। रामनगरी अयोध्या में 5 अगस्त रामकथा का नया अध्याय है, यह 492 वर्ष तक चली संघर्ष-कथा का अपना 'उत्तरकांड' है। अपनी माटी, अपने ही आंगन में ठीहा पाने को रामलला पांच सदी तक प्रतीक्षा करते रहे तो रामभक्तों की 'अग्निपरीक्षा' भी अब पूरी हुई ।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर डॉ हिम्मत सिंह के अनुसार हरियाणा के आम जनमानस में बरसात होने पर रामजी खूब बरस्या या बरसात न होने पर रामजी बरस्या कोनी का...
