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Author: Dialogue India

तबलीग जमात और भारत सरकार से ज्वलंत प्रश्न – मौलिक भारत

तबलीग जमात और भारत सरकार से ज्वलंत प्रश्न – मौलिक भारत

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  १) क्यूँ इतने वर्षों से एक उदार इस्लाम विरोधी, जाहिल, गंवार, मूर्ख , अराजक, झूठी, लंपट, अवेज्ञानिक, कट्टरपंथी, आतंक समर्थक व देशद्रोही तबलीग जमात को देश में अपनी गतिविधियों को चलाने की अनुमति दो गयी ? २) ऐसे में जबकि इस जमात के अनेक आतंकी गतिविधियों में शामिल होने की जानकारी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आती रही हे , उसके बाद भी इससे संबंधित लोगों को निर्बाध देशभर में घूमने व प्रचार करने की अनुमति क्यों दी जाती रही ? ३) क्यों लगातार इस जमात के लोग पर्यटन वीज़ा पर कई वर्षों से देश में आकार आतंक व कट्टरपंथी इस्लाम का प्रचार करते रहे और ख़ुफ़िया एज़ेंसी सोयी रहीं? क्या जमात के लोग एक साज़िश के तहत भारत में कोरोना वायरस का संक्रमण फ़ेलाने के लिए भेजे गए हे ? ४) जमात के विदेश से आने वाले लोगों के आपराधिक रिकार्ड व आतंकी और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की जाँच की क्या व्यवस्था की जा...
अकेले चीन ही नहीं पश्चिमी देशों के कुकर्मों का परिणाम भी है कोरोना वायरस का संकट

अकेले चीन ही नहीं पश्चिमी देशों के कुकर्मों का परिणाम भी है कोरोना वायरस का संकट

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दुनिया को बाज़ार बना कर लूटने के पश्चिमी देशों के षड्यंत्रों का पिछले 500 बर्षो से दुनिया गवाह रही है। तीसरी दुनिया का हर नागरिक इस दर्द की पीड़ा की जानता है। आज कोरोना वायरस का प्रकोप दुनिया के 200 देशों तक फैल चुका है। दुनिया इसके लिए चीन को दोषी ठहरा रही है मगर उसके साथ पश्चिमी देश भी उतने ही दोषी है। इसके लिए पिछले कुछ दशकों के दुनिया के घटनाक्रमो को समझना होगा। 1) इसमें पहला चरण एशिया, अफ्रीका व लेटिन अमेरिकी देशों को गुलाम बनाकर लूटने का रहा जो इन देशो में पिछले 100 सालों में आयी जनजागृति के कारण आजादी के आंदोलनों में बदल गया और अंततः इन देशों को मुक्त करना पड़ा। मगर आजादी देने से पूर्व " ड्रेन ऑफ वेल्थ" की रणनीति पर अमल करते हुए 400 बर्षो तक इन देशों का यथासंभव शोषण व लूट के खेल चलते रहे। विकसित देशों की प्रचुर दौलत व शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर के पीछे यही लूट का माल है। जितने भी पि...
शिवराज सिंह की उड़ान के नये पंख

शिवराज सिंह की उड़ान के नये पंख

BREAKING NEWS, राज्य
भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेताओं में शुमार शिवराज सिंह चैहान ने चैथी बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी पारी शुरु करने जा रहे हैं। भले ही उनकी यह पारी अनेक चुनौतियों का ताज हो, लेकिन उनके कद एवं राजनीतिक कौशल से संभावनाएं की जा रही है कि वे इस पारी में भी सफल होंगे और एक नया इतिहास रचेंगे। उन्होंने अपने चैथे कार्यकाल के लिए मध्यप्रदेश विधानसभा में सर्वसम्मति से विश्वास प्रस्ताव हासिल कर अपने हौसलों की उड़ान को पंख दिये हैं। उनकी यह उड़ान न केवल मध्यप्रदेश में भाजपा की स्थिति को मजबूत करेंगी बल्कि राष्ट्रव्यापी स्तर पर इसके सकारात्मक परिदृश्य निर्मित होंगे। शिवराज सिंह चैहान लंबी पारी, विलक्षण पारी खेलने वाले मुख्यमंत्रियों में से हैं। वे शांत एवं शालीन होकर भी आक्रामक राजनीति करने में माहिर हैं। जिस तरह येदियुरप्पा ने सवा साल में ही कांग्रेस-जेडीएस की सरकार के मुख्यमंत्री एचडी...
कोरोना से मुक्ति का निःशुल्क इलाज

कोरोना से मुक्ति का निःशुल्क इलाज

BREAKING NEWS, विश्लेषण
चीन की धरती से उत्पन्न होने वाला कोरोना वायरस धरती के लगभग सभी देशों को एक महामारी का शिकार बनाने में सक्षम हो चुका है, ऐसी कल्पना शायद कभी किसी ने नहीं की होगी। तथ्य बताते हैं कि किसी विश्व युद्ध में भी इतनी बड़ी संख्या में देश प्रभावित नहीं हुए। आज इण्टरनेट पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 194 देशों में यह वायरस पहुँच चुका है। चीन, इटली और अमेरिका इस वायरस से प्रभावित होने वाले प्रथम, द्वितीय व तृतीय देश हैं। इसके अतिरिक्त 25 देश ऐसे हैं जहाँ कोरोना प्रभावित मरीजों की संख्या एक हजार से अधिक पहुँच चुकी है। भारत में कोरोना मरीजों की संख्या लेख लिखने तक 600 से कम ही है। सरकार का प्रयास है कि यह गति रूक जानी चाहिए। जनसंख्या की दृष्टि से भारत चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा देश है और चीन का पड़ोसी भी है। चीन में 81 हजार से अधिक लोग प्रभावित हो चुके हैं और 3 हजार से अधिक लोग मृत्यु को प्राप्त हुए हैं। इटली ...
सबकी सुख समृद्धि के लिए होता है नवसंवत्सर

सबकी सुख समृद्धि के लिए होता है नवसंवत्सर

BREAKING NEWS, संस्कृति और अध्यात्म
जो सभ्यता अपने इतिहास पर गर्व करती है, अपनी संस्कृति को सहेज कर रखती है और अपनी परंपराओं का श्रद्धा से पालन करके पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाती है वो गुज़रते वक्त के साथ बिखरती नहीं बल्कि और ज्यादा निखरती जाती है। जब चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा के सूर्योदय के साथ सम्पूर्ण भारत के घर घर में लोग अपने इष्टदेवी देवता का अपनी अपनी परंपरा अनुसार पूजन करके नवसंवत्सर का स्वागत कर रहे होते हैं, तो विश्व इस सनातन संस्कृति की ओर कौतूहल से देख रहा होता है। क्योंकि कश्मीर से कन्याकुमारी और गुजरात से पूर्वोत्तर तक लोग इस दिन को उगादि, नवरेह, नवरात्र, गुढ़ी पड़वा, जैसे त्योहारों के रूप में मना रहे होते हैं, पावन नदियों की पूजा कर रहे होते हैं, मंदिरों में मंत्रोच्चार के साथ शंखनाद और घंटनाद चल रहा होता है, तो यह पूजन अपने लिए नहीं होता। क्योंकि अपने लिए जब मनुष्य पूजा करता है तो अकेले कर लेता है कभी भी कर लेता ह...
संयम और समझदारी ही ईलाज है इस महामारी का

संयम और समझदारी ही ईलाज है इस महामारी का

EXCLUSIVE NEWS, विश्लेषण
आज आप सबों ने टेलीविज़न पर और दैनिक समाचार पत्रों में वे फोटोग्राफस देखे ही होंगे, जिनमें पटना और कलकत्ता में यात्री बसों में ठसाठस भरकर और छतों  पर चढ़कर अपने गाँव को जाने के लिए आतुर दिख रहे थे। अब इनकों कौन समझाये कि इनकी इस लापरवाही से कितनों की जान जा सकती है । एक बस यात्री को जब कोई चेतावनी दे रहा है तो वह बड़ी  ढीठाईपूर्वक कह भी रहा है कि मज़बूरी का नाम ही महात्मा गाँधी है । लेकिन, वह जिसे अपनी मज़बूरी बता रहा है, उससे वह न केवल अपने पूरे गाँव वालों को खतरे में डाल रहा है, बल्कि उन तमाम गावों की पूरी आबादी को भी, जिसके नागरिक उस बस में ठूंसकर भरे हैं । अपनी लापरवाही को मज़बूरी का नाम देने वाले ऐसे वेबकूफों को तो सिर्फ यही कहा जा सकता है कि वे अपने साथ यदि इस जानलेवा बीमारी को लेकर अपने गाँव जा रहे हैं तो भगवान ही उनका रक्षक बन सकता है । आज इस सम्बन्ध में भारत के स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर...
Moderation and rationality is the cure for this epidemic

Moderation and rationality is the cure for this epidemic

TOP STORIES, विश्लेषण
Today, all of you must have seen the photographs on television and in the dailies, in which passengers in Patna and Kolkata were eager to go to their villages by chilling in buses and even adjusting them on bus roofs, quite unconcerned about the fatality that could be caused due to their such attitude. Even as someone giving warning, one imprudent passenger lashes out shamelessly, saying, "kya karen, majboori ka naam mahatma gandhi hai." The fact, however, is that by describing his so called “majboori”, he is not only putting his entire village in danger, but also the entire population. It can only be said that if they are going to their villages with this deadly disease, then only God can save them. In this regard, Health Minister Dr. Harsh Vardhan has also admitted that till now there a...
मुख्यमंत्री बने, उपचुनाव और मुख्य सचिव के बयाने शुरू

मुख्यमंत्री बने, उपचुनाव और मुख्य सचिव के बयाने शुरू

TOP STORIES, राज्य
और मध्यप्रदेश में पन्द्रह महीने बाद फिर भाजपा सरकार बन गई | ३ मिनिट के समारोह में शिवराज सिंह चौहान ने चौथी बार मुख्यमंत्री की शपथ ली | यह एक रिकार्ड है | आज एक दूसरा भी रिकार्ड बना, नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा देने वाले इस विधानसभा के सबसे वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव अपने इस्तीफे में चूक कर गये और उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष के स्थान पर प्रमुख सचिव विधानसभा को त्यागपत्र भेज दिया, वायरल हुआ यह त्यागपत्र प्रमुख सचिव विधानसभा को ही सम्बोधित है | भाजपा ने सरकार तो बना ली है, पर उसे विधानसभा में फ्लोर टेस्ट से गुजरना होगा| गत वर्ष महाराष्ट्र, २०१८ में कर्नाटक में फ्लोर टेस्ट जैसी कवायद हुई थी, इसी तरह  मध्यप्रदेश में भाजपा को भी फ्लोर टेस्ट से गुजरना होगा|  इस समय भाजपा और कांग्रेस एक दूसरे के दोष खोजने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है | कल गोपाल भार्गव के त्यागपत्र की तकनीकी त्रुटि बहस का विषय हो स...
वैदिक जीवन पद्धति की ओर ढकेलेगा ‘करोना’

वैदिक जीवन पद्धति की ओर ढकेलेगा ‘करोना’

EXCLUSIVE NEWS, राष्ट्रीय
-विनीत नारायण जब प्रधानमंत्री ने 22 मार्च को थाली या ताली बजाने का आवाह्न किया, तो मैंने सोशल मीडिया पर अपील जारी की कि ‘‘जिन घरों, मंदिरों, आश्रमों और संस्थाओं के पास शंख है वे 22 मार्च की शाम 5 बजे से, 5 मिनट तक, घर के बाहर आकर लगातार जोर से शंख ध्वनि करें। ऐसा वैज्ञानिक प्रयोगों से सिद्ध हो चुका है कि शंख ध्वनि करने से वातावरण में उपस्थित नकरात्मक ऊर्जा और बैक्टीरिया का नाश होता है। इसीलिए वैदिक संस्कृति में हर घर में सुबह शाम, पवित्रता के साथ, शंख ध्वनि करने की व्यवस्था हजारों वर्षों से चली आ रही है। जिसका हम, अपने घर में, आज भी पालन करते हैं। अगर देश की कुछ मेडिकल रीसर्च यूनिट्स चाहें तो तय्यारी कर लें। इस प्रस्तावित शंख ध्वनि के पहले और बाद में ये संस्थान अपने क्षेत्र में ‘करोना’ वाइरस पर इस ध्वनि के प्रभाव का अध्ययन भी कर सकते हैं। जिस तरह विश्व समुदाय ने मोदी जी की अपील पर योग द...
जीवन-संकटों के बीच उजालों की खोज

जीवन-संकटों के बीच उजालों की खोज

TOP STORIES, सामाजिक
बड़ा सत्य है कि जीवन कहीं ठहरता नहीं है और सब कुछ कभी खत्म नहीं होता। जबकि कोरोना वायरस जैसे संकटों से जीवन में कभी-कभी ऐसे क्षण आते हैं, जब लगता है मानो सब खत्म हो रहा है। डाॅ. फ्रैंकल यह गहराई से जान सके कि जीवन कितना भी निरर्थक क्यांे न लगे, उसमें अंतर्निहित अर्थ को खोज कर मनुष्य सारे कष्टों को सहन कर बाहर निकल सकता है। विपरीत परिस्थितियों में यह जानना महत्वपूर्ण नहीं है कि हमें जीवन से क्या अपेक्षा है, बल्कि यह जानना महत्वपूर्ण है कि इस समय जीवन को हमसे क्या अपेक्षा है। जो समस्या हमें दी गई है, उसका सही जवाब पाने की जिम्मेदारी हमारी ही है। मानवता ने बड़े-बड़े जीवन अस्तित्व के संकटों के बीच उजालों को खोजा है, यही मानव इतिहास की विलक्षणता भी है। जब संकट बड़ा हो तो संघर्ष भी बड़ा अपेक्षित होता है। इस संघर्ष में जन-जन की मुट्ठियां तन जाने का अर्थ है कि आपके अंदर किसी लक्ष्य को हासिल करने का पू...