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Author: Dialogue India

प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था मौलिक भारत को किया गया “जेपी अवार्ड” से सम्मानित

प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था मौलिक भारत को किया गया “जेपी अवार्ड” से सम्मानित

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  देश की प्रतिष्ठित व जयप्रकाश नारायण जी के कार्यों को आगे बढ़ाने में कार्यरत एकमात्र विश्वसनीय संस्था " लोकनायक जयप्रकाश अंतरराष्ट्रीय अध्ययन विकास केंद्र" दिल्ली ने 11 अक्टूबर को लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर सामाजिक क्षेत्र में कार्यरत संस्था " मौलिक भारत "को उसके सुशासन, चुनाव सुधार, विकेंद्रीकरण, ग्राम स्वराज व सामाजिक सेवा के क्षेत्र में अमूल्य योगदान के लिए  " जयप्रकाश सम्मान - 2019"  से सम्मानित किया।  यह सम्मान श्री महेंद्र नाथ पांडेय ,माननीय कौशल विकास मंत्री भारत सरकार   डॉ मृदुला सिन्हा, राज्यपाल गोवा ,केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले,वाल्मिकी प्रसाद (पूर्व राज्यपाल सिक्किम), भाजपा उपाध्यक्ष श्याम जाजू, संसद मनोज तिवारी,सांसद हँसराज हंस, सांसद संजय सिंह, सांसद अजय निषाद,  ने  दिया। संस्था की ओर से अध्यक्ष गजेंद्र सोलंकी, महासचिव अनुज अग्रवाल, ...
सुपरबग : कहीं हार न जाए एलोपैथिक चिकित्सा

सुपरबग : कहीं हार न जाए एलोपैथिक चिकित्सा

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आपने कभी सोचा है कि जब आपकी दवाई काम करना बंद कर देगी तब क्या होगा? नहीं न। तो जरूर सोचिए। आज पूरी दुनिया सोच रही है। आज के समय में एंटीबायोटिक का काम न करना आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए सबसे बड़ी चुनौती के रूप में सामने आया है। पूरी दुनिया इससे बचने के उपाय में जुटी है। इसी कड़ी में भारत में भी एंटीबायोटिक्स के दुरुपयोग को रोकने के लिए सरकारी एवं गैर-सरकारी स्तर पर तमाम उपाय किए जा रहे हैं। एंटीबायोटिक्स पर बैक्टीरिया की जीत की स्थिति को वैज्ञानिकों ने 'सुपरबग’ का नाम दिया है। यानी एक ऐसा जीवाणु जिस पर अबतक उपलब्ध कोई भी एंटीबायोटिक्स काम नहीं करता है सामान्यत:  'सुपरबग’ कहलाता है। एंटीबायोटिक्स के बनने से लेकर जीवाणुओं के 'सुपरबग’ बनने की कहानी को इस आलेख में बता रहे हैं वरिष्ठ स्वास्थ्य पत्रकार आशुतोष कुमार सिंह   आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था आज खतरे में है। उसकी पहचान संकट म...
घुसपैठियों के सवाल को पीछे छोड़ दिया एनआरसी ने

घुसपैठियों के सवाल को पीछे छोड़ दिया एनआरसी ने

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असम की राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर की अंतिम सूची जारी होते ही विवादों में आ गई है। वहीं इसे लेकर कुछ राज्य उत्साह में भी हैं। असम में एक कार्यक्रम में गृहमंत्री अमित शाह ने कह दिया कि पूरे देश में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर यानी एनआरसी की व्यवस्था लागू की जाएगी। अमित शाह ने जैसे ही यह बयान दिया, भारतीय जनता पार्टी शासित राज्यों हरियाणा, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात के मुख्यमंत्रियों ने अपने राज्यों में इसे लेकर ना सिर्फ समर्थन दे दिया, बल्कि इसे अपने राज्यों में लागू करने की बात भी कर दी। झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास भी ऐसी घोषणा कर चुके हैं। माना जा रहा है कि मणिपुर और मेघालय में भी इसे समर्थन मिल सकता है। क्योंकि इन दोनों राज्यों के भी मुख्यमंत्री अपने-अपने राज्यों में एनआरसी की मांग करते रहे हैं। वैसे दिल्ली, तेलंगाना, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में भी एनआरसी की मांग उठती रही है। भाजप...
राम मंदिर पर नियमित सुनवाई निर्णय की ओर उच्चतम न्यायालय

राम मंदिर पर नियमित सुनवाई निर्णय की ओर उच्चतम न्यायालय

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राम मंदिर विषय पर चल रही नियमित सुनवाई के बीच मामला तेज़ी से निर्णय की तरफ बढ़ रहा है। बीच बीच में आने वाली बाधाओं को दूर करने में उच्चतम न्यायालय लगातार कामयाब भी हो रहा है। सुनवाई के दौरान कुछ लोगों ने फिर से प्रक्रिया को विलंबित करने के उद्देश्य से मध्यस्थता का विषय उठा दिया जिसे स्वयं न्यायालय ने खारिज कर दिया। नियमित सुनवाई के पहले न्यायालय स्वयं मध्यस्थता का प्रयास कर चुका था जिस पर बात कहीं नहीं पहुंच पायी। अब जब न्यायालय ने मामले की सुनवाई की अंतिम तिथि 18 अक्तूबर तय कर दी है तब फैसले की किरण दिखाई देने लगी है। शायद 17 नवंबर 2019 को मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की सेवा निवृत्ति के पहले इस विषय पर फैसला भी आ जाये। अमित त्यागी राम मंदिर के विषय पर उच्चतम न्यायालय में चल रही नियमित सुनवाई के बीच उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का आचरण इस बात का संकेत दे रहा है कि शायद वह अपनी स...
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प.पू. सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी का विजयादशमी के अवसर पर नागपुर में दिया उद्बोधन

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प.पू. सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी का विजयादशमी के अवसर पर नागपुर में दिया उद्बोधन

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  इस विजयादशमी के पहले बीता हुआ वर्षभर का कालखंड श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश वर्ष के रूप में तथा स्वर्गीय महात्मा गांधी के जन्म के डेढ़ सौ वे वर्ष के रूप में विशेष रहा। उस उपलक्ष्य में किए जाने वाले कार्यक्रम आगे और कुछ समय, उनकी अवधि समाप्त होने तक, चलने वाले हैं। इस बीच 10 नवंबर से स्वर्गीय दत्तोपंत जी ठेंगड़ी का भी शताब्दि वर्ष शुरू होना है। परंतु बीते हुए वर्ष में घटी हुई कुछ महत्त्वपूर्ण घटनाओं ने, उसको हमारे लिए और स्मरणीय बना दिया है। मई मास में लोकसभा चुनावों के परिणाम प्राप्त हुए। इन चुनावों की ओर संपूर्ण विश्व का ध्यान आकर्षित हुआ था। भारत जैसे विविधताओं से भरे विशाल देश में, चुनाव का यह कार्य समय से और व्यवस्थित कैसे संपन्न होता है, यह देखना दुनिया के लिए आकर्षण का पहला विषय था। वैसे ही 2014 में आया परिवर्तन केवल 2014 के पहले के सरकार के प्रति मोहभंग से उत्पन...
Discontinue minting of two-rupee coins at least till old same-sized one-rupee coins disappear from circulation

Discontinue minting of two-rupee coins at least till old same-sized one-rupee coins disappear from circulation

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Even though later-introduced smaller-sized coins in denominations of rupees one and two were introduced several years back, yet old one-rupee coins exactly in same size of later introduced two-rupee coins are still in circulation in large quantity. Fact is that old one-rupee coins outnumber later introduced smaller-sized one-rupee coins. But number of old bigger-sized two-rupee coins has diluted very much in circulation in comparison to later introduced smaller-sized two-rupee coins. Department of Economic Affairs and Reserve Bank of India RBI in larger public-interest should stop minting two-rupee coins at least till old one-rupee coins almost disappear from normal circulation. Since coins are usually recognized by hand-feel of their shape and size even by normal people what to talk of...
Make card-payment machines compulsory for all registered under GST

Make card-payment machines compulsory for all registered under GST

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Make card-payment machines compulsory for all registered under GST and whose accounts are auditable under Income Tax Act with compulsion to issue GST-invoices without being asked for To further promote digital-payments, installation of card-payment machines to accept payments must be made compulsory by retailers registered under GST or who have their account-books auditable under Income Tax Act to begin with in urban areas. It is surprising that such machines are not there even with many big renowned retailers in unorganised sector even in metro-cities like Delhi. There is large-scale GST-evasion by such renowned retailers selling their own manufactured products because they very hesitantly issue GST-invoices that too on specifically being asked for though they include GST in cost of th...
नारी-चेतना से आपूरित है ‘रंग पिया का सोहना’: मृदुला सिन्हा

नारी-चेतना से आपूरित है ‘रंग पिया का सोहना’: मृदुला सिन्हा

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"'रंग पिया का सोहना' नारी-चेतना से आपूरित है। विजया भारती ने इस पुस्तक में नारी-संघर्ष की तो बात की ही है, साथ ही नारी-मन की भी बात की है। इसमें ममता, करुणा, दया आदि मनोभाव हैं, जो हमारी चेतना को जागृत करते हैं।" ये बातें गोवा की महामहिम राज्यपाल व वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. मृदुला सिन्हा ने विश्व-प्रसिद्ध लोकगायिका श्रीमती विजया भारती के प्रथम काव्य संग्रह 'रंग पिया का सोहना' के लोकार्पण के अवसर पर कही। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में खास तौर पर गोवा से पधारीं डॉ. मृदुला सिन्हा ने नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित भव्य लोकार्पण-समारोह में बेहद विद्वतापूर्ण, आत्मीय और सरस वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि मैंने अपनी दादी-नानी से लेकर नातिन-पोतियों तक नारी की पाँच-पाँच पीढ़ियों को देखा है, उनमें बाहरी साज-श्रृंगार, पहनावे आदि में भले ही कुछ परिवर्तन हो गए हैं, किंतु नारी की भीतरी संवेद...
बुराईरूपी रावण का अंत जरूरी

बुराईरूपी रावण का अंत जरूरी

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दशहरा बुराइयों से संघर्ष का प्रतीक पर्व है, आज भी अंधेरों से संघर्ष करने के लिये इस प्रेरक एवं प्रेरणादायी पर्व की संस्कृति को जीवंत बनाने की जरूरत है। प्रश्न है कौन इस संस्कृति को सुरक्षा दे? कौन आदर्शो के अभ्युदय की अगवानी करे? कौन जीवन-मूल्यों की प्रतिष्ठापना मे अपना पहला नाम लिखवाये? बहुत कठिन है यह बुराइयों से संघर्ष करने का सफर। बहुत कठिन है तेजस्विता की यह साधना। आखिर कैसे संघर्ष करें घर में छिपी बुराइयों से, जब घर आंगण में रावण-ही-रावण पैदा हो रहे हो, चाहे भ्रष्टाचार के रूप में हो, चाहे राजनीतिक अपराधीकरण के रूप में, चाहे साम्प्रदायिक विद्वेष फैलाने वालों के रूप में हो, चाहे शिक्षा, चिकित्सा एवं न्याय को व्यापार बनाने वालों के रूप में। विजयादशमी-दशहरा आश्विन शुक्ल दशमी को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। यह हर साल दिपावली के पर्व से 20 दिन पहले आता है। लंका के असुर राजा ...
प्रधानमंत्री के ‘जल शक्ति अभियान’ को कैसे सफल बनाये?

प्रधानमंत्री के ‘जल शक्ति अभियान’ को कैसे सफल बनाये?

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देश में बढ़ते जल संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री जी के अति महत्वपूर्ण ‘जल शक्ति अभियान’ की शुरूआत जुलाई 2019 में की भी। जिसका उद्देश्य जल संरक्षण और सबके लिए स्वच्छ पेयजल की आपूत्र्ति करना है। ‘स्वच्छता अभियान’ व ‘प्लास्टिक मुक्त भारत’  की ही तरह यह भी एक अति महत्वपूर्णं कदम है। जिसका क्रियान्वयन करने में देश के हर नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, प्रशासनिक अधिकारी और राजनेताओं को ईमानदारी और निष्ठा से सहयोग करना चाहिए। जिससे बढ़ते जल संकट से निजात पा सके। आजादी के बाद से आजतक यही होता आया है कि बड़ी-बड़ी योजनाऐं सद्इच्छा से और देश को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से घोषित की जाती है। पर जैसा 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने कहा था कि, ‘‘दिल्ली से चले 100 रूपये में से केवल 14 रूपये ही खर्च होते हैं, शेष रास्ते में भ्रष्टाचार की बलि ...