किन्हें नामंजूर है राहुल गांधी का अध्यक्ष पद छोड़ना
17 वीं लोकसभा के चुनाव में करारी शिकस्त मिलने के बाद ही मात्र दिखावे भर के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने पद से इस्तीफे की पेशकश करने का नाटक किया। पर जैसी कि कांग्रेस में वंशवाद की संस्कृति बनी हुई है, उनके इस्तीफे को अस्वीकार करने का नाटक भी किया जा रहा है। कम से कम ऐसा मीडिया को कहा जा रहा है। उन्हें कांग्रेस के वयोवृद्ध होते नेताओं जैसे मनमोहन सिंह और ए.के.एंटनी से पद पर बने रहने के लिए आग्रह करवाने का ढोंग कृत्य संपन्न किया जा रहा है । हारे हुए सेनापति राहुल को कांग्रेस के लिए अपरिहार्य बताया जा रहा है। सच में राहुल गांधी को अपने इस्तीफे को वापस लेने का दबाव डालने वालों ने या ढोंग करने वालों ने 125 बरस पुरानी कही जाने वाली पार्टी को तबाह करके ही रख दिया है। इन्हीं लोगों ने कांग्रेस के भीतर चमचागिरी की हद करते हुए जवाबदेही की संस्कृति को कभी भी पनपने ही नहीं दिया। दुर्भाग्यव...









