राष्ट्र नायक डा. आम्बेडकर
आम्बेडकर की पुण्यतिथि 06 दिसम्बर पर राष्ट्र नायक डा. आम्बेडकर
डा. आम्बेडकर के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता - बृजनन्दन राजू
एक बालक स्कूल जाता है वहां उसे कक्षा से बाहर बैठकर पढ़ना पड़ता है। मध्यान्ह में उन्हें दीवार की ओर मुंह करके बैठना पड़ता है। स्कूल से पैदल आते समय गाड़ीवान बैठाने के बाद कुछ दूर ले जाकर अनुसूचित जाति से मालूम होने पर बैलगाड़ी से नीचे ढ़केल देता है। प्यास लगने पर कुंए पर रखी बाल्टी से पानी नहीं ले सकते। वर्षा से बचने के लिए जब रास्ते के किनारे बने एक घर की दीवार की ओट में खड़े हो जाने पर घर की मालकिन खींच कर उन्हें बरसात के दौरान बाहर कीचड़ में धकेल देती है। बालक भीगी पुस्तकें लेकर रोते हुए मां भीमाबाई के पास पहुंचता है। माँ उसे धीरज बंधाती है। आपको पढ़कर आगे बढ़ना है। बचपन की इन घटनाओं का बालक भीम के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा। आगे चलकर वह बाबा साहब डा. भीमराव...









