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Author: Dialogue India

भारत की पहचान किनसे है?

भारत की पहचान किनसे है?

BREAKING NEWS, TOP STORIES, विश्लेषण
               -बलबीर पुंज ऐसा कौन सा व्यक्तित्व है, जो भारत की पहचान को परिभाषित कर सकता है?— वह, जिसने इस देश की मूल बहुलतावादी संस्कृति को ध्वस्त किया हो या फिर वे, जिन्होंने उसकी रक्षा में अपने प्राण आहुत कर दिए। यह चर्चा 'पूर्वोत्तर के शिवाजी' नाम से प्रसिद्ध, असम के अहोम योद्धा लाचित बोरफुकन की 400वीं जयंती पर दिल्ली में 23-25 नवंबर को आयोजित कार्यक्रम के कारण प्रासंगिक है। आज से 350 वर्ष पहले वीर लाचित के पराक्रम ने क्रूर मुगल औरंगजेब को पूर्वोत्तर भारत में अपनी जड़ें जमाने से रोक दिया था।  देश के विमर्श में दशकों से यह प्रश्न उठता रहा है— क्या गजनवी, ग़ौरी, खिलजी, बाबर, अकबर, जहांगीर, शाहजहां, औरंगजेब या टीपू सुल्तान इत्यादि इस्लामी आक्रांता, भारत की पहचान हो सकते है? यदि इसका उत्तर 'हां' है, तो इस संदर्भ में पृथ्वीराज चौहान, महाराणा प्रताप, वीरसिंह बुंदेला, दुर्गादास र...
सबके लिए एक—जैसा कानून क्यों नहीं ?*

सबके लिए एक—जैसा कानून क्यों नहीं ?*

BREAKING NEWS, EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, समाचार
*डॉ. वेदप्रताप वैदिक* भाजपा कई वर्षों से लगातार वादा कर रही है कि वह सारे देश में सबके लिए निजी कानून एक-जैसा बनाएगी। वह समान नागरिक संहिता लागू करने की बात अपने चुनावी घोषणा-पत्रों में बराबर करती रही है। निजी मामलों में समान कानून का अर्थ यही है कि शादी, तलाक, उत्तराधिकार, दहेज आदि के कानून सभी मजहबों, जातियों और क्षेत्रों में एक-जैसे हों। भारत की दिक्कत यह है कि हमारे यहां अलग-अलग मज़हबों में निजी-कानून अलग-अलग तो हैं ही, जातियों और क्षेत्रों में अलग-अलग से भी ज्यादा परस्पर विरोधी परंपराएं बनी हुई हैं। जैसे हिंदू कोड बिल के अनुसार हिंदुओं में एक पत्नी विवाह को कानूनी माना जाता है लेकिन शरीयत के मुताबिक एक से ज्यादा बीवियाँ रखने की छूट है। भारत के कुछ उत्तरी हिस्से में एक औरत के कई पति हो सकते थे। भारत के दक्षिणी प्रांतों में मामा-भानजी की शादी भी प्रचलित रही है। आदिवासी क्षेत्रों में...
‘पप्पू’ में बहुत गहराई है- प्रियंका गांधी

‘पप्पू’ में बहुत गहराई है- प्रियंका गांधी

TOP STORIES, राष्ट्रीय
विनीत नारायणकुछ हफ़्तों पहले सोशल मीडिया पर प्रियंका गांधी का एक अंग्रेज़ी वीडियो जारी हुआ। उसमें उन्होंने अपने भाई राहुल गांधीके व्यक्तित्व के बारे में काफ़ी कुछ कहा। उनके इस वक्तव्य से राहुल गांधी के व्यक्तित्व की अनेक उन बातों का पता चलाजिनकी चर्चा कभी एकतरफ़ा हो चुके मीडिया ने नहीं की। इन दिनों जब राहुल की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ काफ़ी चर्चा में हैं, तोपाठकों के साथ इस वीडियो का ज़िक्र करना उचित होगा।प्रियंका गांधी अपने भाई को अपना सबसे करीबी मित्र बताते हुए अपने बचपन को याद करती हैं। किस तरह उनका बचपनदर्दनाक हादसों और हिंसा का साक्षी रहा। इन दोनों ने अपनी दादी, इंदिरा गांधी को दूसरी माँ के रूप में पाया। 1984 मेंइंदिरा जी की हत्या के समय राहुल की उम्र मात्र 14 साल की थी। वे कहती हैं कि चार जनों के एक छोटे परिवार केपारस्परिक स्नेह ने ही उनको सभी कठिनाइयों का सामना करने की ताक़त दी।1991 में...
संघ रचता है संस्कृति के नये स्वस्तिक

संघ रचता है संस्कृति के नये स्वस्तिक

TOP STORIES, राष्ट्रीय, संस्कृति और अध्यात्म
अंतर्राष्ट्रीय स्वयंसेवक दिवस 5 दिसंबर, 2022 पर विशेषसंघ रचता है संस्कृति के नये स्वस्तिक-ः ललित गर्ग:-सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्वयंसेवक दिवस 5 दिसंबर को प्रतिवर्ष दुनिया भर में मनाया जाता है। यह दिवस सभी व्यक्तिगत स्वयंसेवकों और स्वयंसेवी संगठनों को अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय और स्थानीय स्तरों पर उनके योगदान को दिखाने का एक बड़ा अवसर प्रदान करता है। यह दिन हर साल हजारों स्वयंसेवकों को जुटाने के साथ, विकास कार्यक्रम का समर्थन करके शांति और विकास को भी बढ़ावा देता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 17 दिसंबर, 1985 को हर वर्ष 5 दिसंबर को दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय स्वयंसेवक दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। तब से, अंतर्राष्ट्रीय स्वयंसेवक दिवस संयुक्त राष्ट्र प्रणाली, सरकारों, नागरिक समाज संगठनों आदि द्वारा प्रतिवर्ष मनाया जाने लगा। आज देश एवं दुनिया के विभिन्न विश्वविद्...
निवेश में अब यूपी दे रहा महाराष्ट्र को चुनौती

निवेश में अब यूपी दे रहा महाराष्ट्र को चुनौती

आर्थिक, राज्य
यूपी निवेश में कैसे महाराष्ट्र के साथ करता कदमताल आर.के. सिन्हा लखनऊ और मुंबई के बीच फासला भले ही साढ़े तेरह सौ किलोमीटर से कुछ अधिक ही हो, पर अब महाराष्ट्र के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में भी निवेशक झोली भरकर निवेश लाने में लगे हैं। महाराष्ट्र तो परंपरागत रूप से भारत का सबसे खास औद्योगिक राज्यों में से एक रहा है। उत्तर प्रदेश अब महाराष्ट्र का तेजी से निजी क्षेत्र के निवेश में मुकाबला कर रहा है। हालांकि आबादी के लिहाज से देश के सबसे बड़े राज्य की छवि कभी महाराष्ट्र जैसी नहीं रही थी। केन्द्र सरकार के वाणिज्य मंत्रालय की एक ताजा रिपोर्ट को देखें तो महाराष्ट्र में सर्वाधिक निजी क्षेत्र का निवेश आ रहा है। उसके बाद दिल्ली का स्थान है और फिर उत्तर प्रदेश का। उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि अप्रत्याशित ही मानी जाएगी। बेशक, उत्तर प्रदेश अपने को अब तेजी से बदल रहा है। राज्य सरकार को समझ आ...
4 December 1889 Sacrifice of the great hero Tantya Bhil

4 December 1889 Sacrifice of the great hero Tantya Bhil

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय
4 दिसंबर 1889 महानायक टंट्या भील का बलिदान गद्दार गणपत ने फाँसी के फंदे पर पहुँचाया --रमेश शर्मा   स्वतंत्रता के जिस शुभ्र प्रकाश में हम आज स्वछंद श्वांस ले रहे हैं । यह साधारण नहीं है । इसके पीछे अगणित हुतात्माओं का बलिदान हुआ है । कुछ को हम जानते हैं, याद करते हैं, गीत गाते हैं लेकिन कितने ऐसे हैं जिनके बारे में हम कुछ नहीं जानते । जिन्हे हम याद तक नहीं करते हैं, जिनका उल्लेख इतिहास के पन्नो पर मिल तो जाता है पर अत्यल्प । ऐसे योद्धा अनगिनत हैं जिन्होंने इस राष्ट्र के लिये, राष्ट्र की संस्कृति के लिये बलिदान दिया और समय की परतों में कहीं खो गये हैं ।  वनवासी महानायक टंट्या भील ऐसे ही बलिदानी हैं । जिन्हे अंग्रेजों ने अपराधी कहा और स्वतंत्रता के बाद की आरंभिक पीढ़ियों ने भी वही माना । लेकिन अब सच सामने आ रहा है इतिहास की परतें खुल रहीं हैं हम उनके बलिदान से अवगत हो र...
PM shares breathtaking images from recently launched EOS-06 satellite

PM shares breathtaking images from recently launched EOS-06 satellite

BREAKING NEWS, EXCLUSIVE NEWS, राष्ट्रीय
The Prime Minister, Shri Narendra Modi has shared images from the recently launched EOS-06 satellite. The Prime Minister further added that these advancements in the world of space technology will help in better prediction of cyclones and promote the coastal economy as well. The Prime Minister tweeted; “Have you come across breathtaking images from the recently launched EOS-06 satellite? Sharing some beautiful images of Gujarat. These advances in the world of space technology will help us to better predict cyclones and promote our coastal economy too.”
यह आबादी  पर चर्चा करने का समय है

यह आबादी  पर चर्चा करने का समय है

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राज्य
जनसंख्या ह्रास के कारण चुनौतियाँ बहुत है,  घटता लिंगानुपात खतरा बना हुआ है। केवल एक पुत्री वाले परिवारों की तुलना में कम से कम एक पुत्र वाले परिवारों में अधिक बच्चे चाहने की संभावना कम होती है। किसी निश्चित उम्र में प्रजनन दर, उसी उम्र की महिलाओं की औसत वार्षिक आबादी के अनुपात के रूप में वर्ष के दौरान उस उम्र की महिलाओं के लिए जीवित पैदा हुए बच्चों की संख्या है। गिरती मृत्यु दर के साथ (महामारी को छोड़कर)केरल और तमिलनाडु की कुल जनसंख्या अगले कुछ दशकों तक बढ़ती रहेगी, जिसका अर्थ है कि कम कामकाजी उम्र के लोगों को पहले से कहीं अधिक बुजुर्ग लोगों का समर्थन करना चाहिए। -प्रियंका सौरभ  दो हफ्ते पहले दुनिया की आबादी 8 अरब तक पहुंच गई थी। भारत पिछले अरब में सबसे बड़ा योगदानकर्ता था और 2023 तक दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश के रूप में चीन को पार करने के लिए तैयार है। यह मानव...
टिकाऊ  हरित पर्यावरण के लिए सुरक्षित सड़कें जरूरी 

टिकाऊ  हरित पर्यावरण के लिए सुरक्षित सड़कें जरूरी 

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राज्य, सामाजिक
वाहन दुर्घटनाओं का पर्यावरणीय प्रभाव देखे तो अधिकांश वाहनों में सीसा, पारा, कैडमियम या हेक्सावेलेंट क्रोमियम जैसी जहरीली धातुएं होती हैं, जो पर्यावरण के लिए हानिकारक हैं। दुर्घटनास्थल पर ईंधन और तरल पदार्थ का रिसाव और गंभीर सड़क दुर्घटनाएं ऑटोमोबाइल मलबे का कारण बनती हैं, जो अनुपयोगी अंत-जीवन वाहनों का एक हिस्सा बन जाती है। विश्व स्तर पर कई सरकारों ने दुर्घटनाओं को रोकने और वायु प्रदूषण को कम करने के लिए गति सीमा कम कर दी है। जीरो-फेटलिटी कॉरिडोर समाधान भारत में, सेवलाइफ फाउंडेशन (एसएलएफ) द्वारा सड़क सुरक्षा के लिए जीरो-फैटलिटी कॉरिडोर समाधान पर्यावरणीय स्थिरता को गंभीरता से लेता है। -प्रियंका सौरभ  2021 में, भारत ने 4,03,116 दुर्घटनाओं की सूचना थी, जिनमें से प्रत्येक ने विभिन्न तरीकों से और अलग-अलग डिग्री में पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डाला। ट्रैफिक शेयर और राष्ट्रीय अर्थव्यव...
मीडिया चौपाल 2022

मीडिया चौपाल 2022

प्रेस विज्ञप्ति
मीडिया चौपाल 2022 के नौवें संस्करण का चंड़ीगढ़ में शुभारंभ *चंडीगढ़, 02 दिसम्बर 2022।* ‘अमृतकाल में भारत अभ्युदय : चुनौतियाँ और संकल्प’ विषय पर तीन दिवसीय ‘मीडिया चौपाल 2022’ का नौवा संस्करण चंड़ीगढ़ के एनटीटीटीआर परिसर में आयोजित किया गया। इस मीडिया चौपाल के नोवें संस्करण के उद्घाटन सत्र का विषय ‘अमृतकाल में संचार-शिक्षा : भारतीय दृष्टि’ रहा। उद्घाटन सत्र में सभाध्यक्ष के तौर पर प्रोफेसर रामेश्वर मिश्र पंकज, वक्ता के तौर प्रोफेसर केजी सुरेश, प्रोफेसर बलदेव भाई शर्मा, प्रोफेसर कुसुमलता केडिया मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। सभी अतिथियों का परम्परागत तरीके से तुलसी का पौधा भेंटकर तथा अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत किया गया।  इस मौके पर राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष ले.जे. (डा.) राज नंदन सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री गोलोक बिहारी राय, राष्ट्...