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Author: Dialogue India

Department of Science and Technology join hands to develop electric vehicle (EV) batteries that are suited to India

Department of Science and Technology join hands to develop electric vehicle (EV) batteries that are suited to India

प्रेस विज्ञप्ति, राष्ट्रीय
Centre for Science and Environment (CSE) CSE and Department of Science and Technologyjoin hands to develop electric vehicle (EV) batteriesthat are suited to India Plan a white paper on designing locally appropriate EV batteries that aresafe, durable and well performing within the constraints ofIndia’s hot and humid tropical climate Create a forum of stakeholders to build a knowledge networkto support this initiative New Delhi, November 22, 2022: Centre for Science and Environment (CSE) and the Department of Science and Technology (DST) of the Government of India have collaborated to create a platform that will support the development of new electric vehicle (EV) batteries to suit Indian requirements. A white paper will be prepared on a roadmap for the development of ...
ईरान में हिजाब पर जन-आक्रोश

ईरान में हिजाब पर जन-आक्रोश

TOP STORIES, राष्ट्रीय, सामाजिक
*डॉ. वेदप्रताप वैदिक* ईरान में हिजाब के मामले ने जबर्दस्त तूल पकड़ लिया है। पिछले दो माह में 400 लोग मारे गए हैं, जिनमें 58 बच्चे भी हैं। ईरान के गांव-गांव और शहर-शहर में आजकल वैसे ही हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं, जैसे कि अब से लगभग 50 साल पहले शंहशाहे-ईरान के खिलाफ होते थे। इसके कारण तो कई हैं लेकिन यह मामला इसलिए भड़क उठा है कि 16 सितंबर को एक मासा अमीनी नामक युवती की जेल में मौत हो गई। उसे कुछ दिन पहले गिरफ्तार कर लिया गया था और जेल में उसकी बुरी तरह से पिटाई हुई थी। उसका दोष सिर्फ इतना था कि उसने हिजाब नहीं पहन रखा था। हिजाब नहीं पहनने के कारण पहले भी कई ईरानी स्त्रियों को बेइज्जती और सजा भुगतनी पड़ी है। कई युवतियों ने तो टीवी चैनलों पर माफी मांग कर अपनी जान बचाई है। यह जन-आक्रोश तीव्रतर रूप धारण करता जा रहा है। अब लोग न तो आयतुल्लाहों के फरमानों को मान रहे हैं और न ही राष्ट्रपति इब्र...
अपनों से बेईमानी, पतन की निशानी।

अपनों से बेईमानी, पतन की निशानी।

TOP STORIES, सामाजिक
हम दूसरों की आर्थिक स्थिति पर ज्यादा ध्यान देते हैं। अपनी स्थिति से असंतुष्टि ही हमें बेईमानी की तरफ धकेलती है। गरीब लोग अमीर बनने के चक्कर में और अमीर लोग अधिक अमीर बनने के चक्कर में छोटा रास्ता पकड़ते हुए धड़ाधड़ सब कुछ पा लेना चाहते हैं। छोटे रास्ते का अंकुर ही भविष्य में बेईमानी का पौधा बन जाता है। चाहे गाँवों में जमीन-जायदाद के विवाद हों या फिर शहरों में लोगों का अपने पड़ोसियों से छोटी-छोटी बातों पर होने वाले झगड़े हों, सभी जगह हम दूसरों का हक छीनना चाहते हैं। यह कभी-कभी भौतिक लाभ में मदद करता है; यह सजा आदि से बचने में मदद करता है। वहीं, झूठ बोलना भी परेशानी खड़ी कर सकता है। झूठ बोलना संज्ञानात्मक रूप से क्षीण हो सकता है, यह इस जोखिम को बढ़ा सकता है कि लोगों को दंडित किया जाएगा, यह लोगों को खुद को अच्छे लोगों के रूप में देखने से रोककर उनके आत्म-मूल्य को खतरे में डाल सकता है, और यह आ...
स्वयं से संघर्षरत पाकिस्तान

स्वयं से संघर्षरत पाकिस्तान

BREAKING NEWS, EXCLUSIVE NEWS, विश्लेषण
-बलबीर पुंज पाकिस्तान का अगला सेनाध्यक्ष कौन होगा? 29 नवंबर को उसके वर्तमान सेना मुखिया जनरल कमर जावेद बाजवा का दूसरा कार्यकाल समाप्त हो रहा है। मीडिया रिपोर्ट की माने, तो पाकिस्तानी रक्षा मंत्रालय ने प्रधानमंत्री कार्यालय को जिन नामों की सूची भेजी है, उसमें— लेफ्टिनेंट जनरल असीम मुनीर, लेफ्टिनेंट जनरल साहिर शमशाद मिर्जा और लेफ्टिनेंट जनरल अजहर अब्बास प्रबल उम्मीदवार हैं। नए सेनाध्यक्ष का शरीफ बंधुओं (नवाज-शहबाज) और इमरान खान के बीच संबंध कैसा होगा? इन प्रश्नों के उत्तरों का पाकिस्तान के भविष्य से सीधा संबंध है। पाकिस्तानी सेना से सीधा टकराने वाले इमरान अगले सेनाध्यक्ष की नियुक्ति में या तो सरकार-विपक्ष में आम-सहमति होने या इसे चुनाव तक टालने की बात कर रहे है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि शरीफ सरकार द्वारा प्रस्तावित विकल्पों में जनरल मुनीर का हर समय नियमों से चलने वाला व्यवहार, इमरान को 'पसं...
Dragon on Rampage

Dragon on Rampage

राष्ट्रीय
By Balbir Punj_ November 20 is one of the blackest days in Independent India’s chequered history. On this fateful day in 1962, China declared a unilateral cease-fire, bringing - one month one day long war against India - to an abrupt end. The war had left India bruised and humiliated India badly. Since then, relations between the two Asian neighbours range between outright animosity and uneasy peace. The armed forces of the two countries since have had several eye-ball to eye -ball confrontations, skirmishes and localised clashes. A distant possibility of breaking of sudden large-scale hostilities looms large on the Indo-China border all the time. None knows what would be China’s next move. It’s difficult to fathom its intentions because the country defies all known matrix. China is...
जाकिर से आहत होती फीफा खेलों की संस्कृति

जाकिर से आहत होती फीफा खेलों की संस्कृति

BREAKING NEWS, EXCLUSIVE NEWS
ललित गर्ग -कतर में फुटबॉल के ‘महाकुंभ’ फीफा विश्वकप 2022 का आयोजन प्रारंभ हो चुका है। अल खोर शहर के 60 हजार क्षमता वाले भव्य अल वायत स्टेडियम में दुनियाभर से फूटबाल प्रेमी पहुंचे हैं, जिनमें भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। अरब देश में आयोजित यह पहला विश्वकप आयोजन है, जो भव्यतम खेल आयोजनों की दृष्टि से नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। इस आयोजन की अनेकानेक विलक्षण, आश्चर्यकारी घटनाओं एवं व्यवस्थाओं के बीच विवादित धर्मगुरु जाकिर नाइक को आमंत्रित कर खेल परम्पराओं पर साम्प्रदायिक विषता का रंग देने की कुचेष्ठा हुई है, निश्चित ही इससे अनेक प्रश्न खड़े हुए है, विवाद का वातावरण बना है, खेल की सौहार्द एवं सद्भावनामूलक भावनाओं को आहत किया गया है। क्योंकि जाकिर खेल देखने नहीं, बल्कि बाकायदा एक षडयंत्र एवं सोची समझी नीति के तहत फीफा विश्व कप के दौरान धार्मिक व्याख्यान देने...
भारतीय संविधान भारतीय जीवन दर्शन का ग्रंथ है

भारतीय संविधान भारतीय जीवन दर्शन का ग्रंथ है

राष्ट्रीय, समाचार
डॉ. सौरभ मालवीयकिसी भी देश के लिए एक विधान की आवश्यकता होती है। देश के विधान को संविधान कहा जाता है। यह अधिनियमों का संग्रह है। भारत के संविधान को विश्व का सबसे लम्बा लिखित विधान होने का गौरव प्राप्त है। भारतीय संविधान हमारे देश की आत्मा है। इसका देश से वही संबंध है, जो आत्मा का शरीर से होता है। संविधान दिवस का इतिहासभारत का संविधान 26 नवम्बर 1949 को बनकर पूर्ण हुआ था। चूंकि डॉ. भीमराव आम्बेडकर संविधान सभा के प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे, इसलिए भारत सरकार द्वारा उनकी 125वीं जयंती वर्ष के रूप में 26 नवम्बर 2015 को प्रथम बार संविधान दिवस संपूर्ण देश में मनाया गया। उसके पश्चात 26 नवम्बर को प्रत्येक वर्ष संविधान दिवस मनाया जाने लगा। इससे पूर्व इसे राष्ट्रीय विधि दिवस के रूप में मनाया जाता था। संविधान सभा द्वारा देश के संविधान को 2 वर्ष 11 माह 18 दिन में पूर्ण किया गया था। इस पर 114 दिन तक च...
मालिश पे फिर मचा महासंग्राम

मालिश पे फिर मचा महासंग्राम

Link of debates on various news channel participation by Dialogue India Group Editor Anuj Agarwal
मालिश पे फिर मचा महासंग्राम | Satyendar Jain massage clip जी सलाम न्यूज़ चैनल पर “ सत्येंद्र जैन के जेल में बलात्कारी से मसाज से उभरे विवाद ” पर आयोजित बहस में शामिल रहूँगा। https://youtu.be/Eipd3u1KVT4
भाजपा के ब्राम्हणवाद से हारेगा केजरीवाल

भाजपा के ब्राम्हणवाद से हारेगा केजरीवाल

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राज्य
राष्ट्र-चिंतन**भाजपा के ब्राम्हणवाद से हारेगा केजरीवाल* *ब्राह्मणों को चरणस्पर्श किया, जाटों, गुर्जरों, राजपूतों को सिर पर उठाया* *आचार्य श्री विष्णुगुप्त*==================== ब्राम्हण 45, जाट 34, राजपूत 22, गुर्जर 17, पंजाबी 31 , वैश्य 21और पिछडे वर्ग को पांच टिकट, ये आकंडे भाजपा के दिल्ली नगर निगम चुनाव में घोषित उम्मीदवारों के हैं। इन आंकड़ो के देखने के बाद यह प्रतीत होता है कि भाजपा जातिवाद की मिसाइल से अरविन्द केजरीवाल को परास्त करेगी। खासकर ब्राम्हणवाद भाजपा के लिए आईकॉन बन गया है। भाजपा के घोषित उम्मीदवारों को देखकर यही कहा जा सकता है कि अब भाजपा का विश्वास है कि वह ब्राम्हण जाति को खुश कर चौथी बार दिल्ली नगर निगम में परचम लहरायेगी। ब्राम्हण कभी कांग्रेस के वोटर हुआ करते थे, ब्राम्हण, मुस्लिम और हरिजन कांग्रेस की जीत के समीकरण हुआ करते थे।भाजपा लगातार 15 सालों से दिल्ली नग...
वर्तमान चुनौतियों से निपटने के लिए मजबूत औद्योगिक नीति की जरूरत।

वर्तमान चुनौतियों से निपटने के लिए मजबूत औद्योगिक नीति की जरूरत।

BREAKING NEWS, TOP STORIES, आर्थिक
देश का सन्तुलित विकास करने कि लिए संसाधनों को उचित दिशा में प्रवाहित करने कि लिए, उत्पादन बढ़ाने के लिए, वितरण की व्यवस्था सुधारने के लिए, एकाधिकार, संयोजन और अधिकार युक्त हितों को समाप्त करने अथवा नियन्त्रित करने के लिए कुछ गिने हुए व्यक्तियों के हाथ में धन अथवा आर्थिक सत्ता के केन्द्रीकरण को रोकने के लिए, असमताएँ घटाने के लिए, बेरोजगारी की समस्या को हल करने के लिए, विदेशों पर निर्भरता समाप्त करने कि लिए तथा देश को सुरक्षा की दृष्टि से मजबूत बनाने के लिए एक उपयुक्त एवं स्पष्ट औद्योगिक नीति की आवश्यकता होती है। -प्रियंका सौरभ औद्योगिक नीति को आर्थिक परिवर्तन को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य द्वारा रणनीतिक प्रयास के रूप में परिभाषित किया गया है, अर्थात क्षेत्रों के बीच या भीतर निम्न से उच्च उत्पादकता गतिविधियों में बदलाव। भारत का लक्ष्य 2025-26 तक अपने विनिर्माण सकल मूल्य वर्धित (जीव...