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Author: dindiaadmin

Modi in Davos

EXCLUSIVE NEWS
मोदी के हिंदी में बोलने का मतलब आर.के.सिन्हा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्विटजरलैंड के शहर डावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के 48वें सम्मेलन में हिन्दी में भाषण देना अपने आप में महत्वपूर्ण रहा। वे पूर्व में संयुक्त राष्ट्र की आम सभा को भी हिन्दी में संबोधित कर चुके हैं। इसके पूर्व जब विदेश मंत्री की हैसियत से 1977 में अटल बिहारी बाजपेयी ने संयुक्त राष्ट्र संघ में अपना भाषण दिया था तब वह भी खासा चर्चित रहा थाI एक तरह से मोदी ने हिंदी प्रेमियों के जेहन में बाजपेयी को वाक् पटुता, धाराप्रवाह भाषण और हिंदी प्रेम की याद ताज़ी कर दीI उनके डावोस में दिए भाषण के बाद कुछ चिर निराशावादी कहने लगे थे कि चूंकि भाषण हिन्दी में दिया गया है, इसलिए इसे विश्व प्रेस में जगह नहीं मिलेगी। लेकिन, हुआ इसके ठीक विपरीत। सारी दुनिया के महत्वपूर्ण मीडिया ने मोदी जी के भाषण को पर्याप्त कवरेज दी। दरअसल अब भारत ...

President mooting simultaneous polls: Good idea but how to implement

EXCLUSIVE NEWS
President Ramnath Kovind in his address at budget-session of Parliament on 29.01.2018 endorsed Prime Minister for simultaneous polls to Lok Sabha, state-assemblies and civic-bodies. Election Commission and Vice President earlier favored the idea but without coming with its practical implementation. What happens if mid-term polls are necessitated due to some hung state-assembly. Only remedy for making simultaneous elections a dream-come-true is to ensure fixed-term Lok Sabha and all state-assemblies by electing Prime Minister and Chief Ministers simultaneously with Speakers and Deputy Speakers through secret and compulsory vote of all MLAs through EVMs (with VVAT provision) on nominations signed by at least 34-percent members of the lower House. Such elected persons may only be removed thro...

Human Management

सामाजिक
मानवीय प्रबंधन की समझ इस कहानी को कई प्रबंधन गुरु सुना चुके हैं। मैं बस इसे भारतीय नामों के साथ दोहरा रहा हूँ रामू शिमला के आसपास एक ईमानदार लकड़हारा था। वह पिछले 20 वर्षोंं से लाला अमृतलाल के लिए काम कर रहा था। एक दिन, एक और युवा कटर किशोरी को रामू को मिलने वाले आधे वेतन पर रखा। दोनों ही अपने मालिक के लिए मिलकर काम कर रहे थे कुछ दिनों के भीतर, लाला जी ने देखा कि किशोरी का उत्पादन रामू की तुलना में बहुत अधिक था। मगर उसे पिछले बीस सालों से वफादार रहे रामू से आधा ही वेतन मिल रहा था। लेकिन लाला जी किशोरी के आउटपुट के से बहुत खुश हुए और उसके दो ही महीनों में किशोरी का वेतन बढ़ा दिया। किशोरी खुश था और जोश (उत्साह) के साथ उसने काम करना शुरू कर दिया लेकिन रामू खुश नहीं था। एक और दो महीने बीत गए और किशोरी का वेतन रामू के बराबर हो गया, रामू को बहुत बुरा महसूस हुआ और उसने लाल...

DJA and National Art Gallery’s joint Ventures

प्रेस विज्ञप्ति
दिल्ली पत्रकार संघ और राष्ट्रीय कला संग्रहालय का प्रयास समाज को करेंगे कला के प्रति जागरूक प्रमोद कुमार राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय, नई दिल्ली, के महानिदेशक अद्वैत गडनायक ने दिल्ली पत्रकार संघ के सहयोग से आयोजित पत्रकार मिलन में कला शिक्षा में बड़े बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कला शिक्षा आज हकीकत से दूर है और स्कूलों में भी कला के नाम पर जो कुछ पढ़ाया जाता है वह कला के संबंध में पश्चिमी नजरिए को ही पुष्ट करता है। कला शिक्षा में बडे बदलाव की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा कि उनका अपना विचार है कि वे ओडिशा में एक कला विद्यालय खोलें, जहां से कला के विद्यार्थी एक जहाज में बैठकर पूरे विश्व का भ्रमण करें। वैश्विक कला एवं संस्कृति का विस्तृत अध्ययन करके जब वे उसी जहाज से वापस ओडिशा लौटेंगे तभी उन्हें कला की स्नातकोत्तर डिग्री प्रदान की जाएगी। उन्होंने ...

विकसित गाँव: विकसित राष्ट्र अभियान के नए ब्रांड एम्बेसडर

राष्ट्रीय
विकसित गाँव: विकसित राष्ट्र अभियान के नए ब्रांड एम्बेसडर विकसित गाँव : विकसित राष्ट्र अभियान को आगे बढ़ाने के लिए पश्चिमी बंगाल के शिक्षा समूह टेक्नो इंडिया ने बड़ी पहल की। डायलॉग इंडिया एवं मौलिक भारत की संस्तुति पर देश भर के 20 से अधिक राजनीति, सिविल सेवा, उद्योग, व्यापार, साहित्य, पत्रकारिता व समाज सेवा से जुड़ी समाजोन्मुखी व्यक्तित्वों को मानद उपाधि देने की प्रक्रिया शुरू की। आशय यह है कि ये लोग अभियान के ब्रांड एम्बेसडर बन इसे आगे बढ़ाएंगे। इनमें से 9 लोगों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। जिनके नाम निम्न प्रकार है - रमेश विधूड़ी सांसद, रविंद्र पांडे सांसद, श्रीमती रश्मि सिंह आईएएस, सरोज कुमार आईएएस, राघवेंद्र पाल सिंह आईआरएस, राहुल चौधरी निदेशक, सीजी कॉर्प ग्लोबल, आर.के. महतो चेयरमैन जीटीसी ग्रुप, नरेंद्र अग्रवाल निदेशक, डेअरसेल समूह, कवि गजेंद्र सोलंकी व अनुज अग्रवाल, संपादक ड...

Rajasthan Government troubles

राज्य
प्रदेश भाजपा सरकार के लिये चुनौती बनता 'बेरोजगारÓ रामस्वरूप रावतसरे कसभा उपचुनावों को देखते हुए चार साल से अटकी भर्तियों की रुकावटें भाजपा सरकार जल्द से जल्द दूर करने की तैयारी में है। सरकार की लेटलतीफ ी के चलते बेरोजगार संघ ने उपचुनावों में कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान करने पर तथा कांग्रेस द्वारा भी उप चुनावों में राजस्थान में बेरोजगारी को ही मुद्दा बनाकर चलने के कारण भाजपा को उप चुनावों की वैतरणी पार करने के लिये इस ओर ध्यान देना पड़ रहा बताया जा रहा है । यही नहीं जनता का रूख भी बदला सा होने के कारण भाजपा सरकार लोकसभा उपचुनाव की चिंता में चार साल से अटकी भर्तियों की रुकावटें जल्द से जल्द दूर करने की पुरजोर कोशिश बताई जा रही है । राजस्थान बेरोजगारों का प्रदेश बनता जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह है, प्रदेश में 77,413 पदों की भर्तियां विभिन्न कारणों ...

Uttrakhand Government

राज्य
उत्तराखंड सरकार में तनातनी रफी खान उत्तराखंड प्रदेश में तिर्वेंद्र सिंह सरकार बने अभी एक साल भी पूरा नहीं हो पाया है और पार्टी विरोधी गुट लगातार तिर्वेंद्र सिंह नामी किले को ढहाने में और उनको सत्ताच्युत करने में कोई कोरकसर नहीं छोड़ रहा हे,यह अलग बात हे की अभी तक विरोधी गुट उनके किले में दरार तक नहीं बना पाया है पर असन्तुष्टो की बढ़ती फेहरिश्त कही न कही दिल्ली हाईकमान के माथे पर बल जरूर उत्पन्न कर रही हे ! देवभूमि के इस प्रदेश की यह बिडम्बना हैकी 17 सालो में राजनीती के पंडित नारायण दत्त तिवारी को छोड़कर एक भी मुख्यमंत्री चाहे कांग्रेस का रहा हो या बीजेपी का अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया है ! दोनों ही पार्टी के बड़े नेता सूबे के बजूद में आने से लेकर तिर्वेंद्र सरकार के पूर्व तक मुख्यमंत्री बदलने की बड़ी रस्म को अमलीजामा पहनाते रहे हैं, इसमें जहाँ पार्टियों के असंतु...

Elections in Delhi necessary

राज्य
दल्ली में चुनावी दंगल अब जरूरी आम आदमी पार्टी कितनी भी सफाई पेश करे, कितने भी तर्क प्रस्तुत करे, दुराशय के कितने भी आरोप लगाए, यह तो तय है कि बीसों विधायकों की सदस्यता समाप्त होकर ही रहेगी। चुनाव आयोग ने तो अपना फैसला दे ही दिया है, उच्च न्यायालय और राष्ट्रपति का फैसला भी शीघ्र ही आ जाएगा। ये तीनों भी यदि 'आपÓ के 20 विधायकों को संसदीय सचिव बनाने के फैसले को ठीक कह दें तो क्या वह ठीक हो जाएगा? देश के लगभग आधा दर्जन राज्यों में संसदीय सचिवों की नियुक्ति पर अदालती दंगल चल रहा है। इन नियुक्तियों का जो भी औचित्य बताया जाए, इनके रद्द होने पर सरकार की छवि बिगड़ती है। जब दिल्ली में 20 विधायकों को संसदीय सचिव बनाया गया, मैं तब ही सोच रहा था कि दिल्ली की इस एक छोटी-सी सरकार को चलाने के लिए इतने दबे-ढके मंत्रियों को पिछवाड़े से लाने की क्या जरुरत है कुल 65-70 विधायकों की विधानसभ...

Scams of Arvind Kejriwal

TOP STORIES
आरोपों के घेरे में घिरी केजरीवाल सरकार? द्य सारिका अग्रवाल कभी भ्रष्टाचार का विरोध कर दिल्ली की सत्ता पर काबिज हुई आम आदमी पार्टी की सरकार अपने गठन के बाद से ही लगातार भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरी है। ये आरोप न केवल सरकार के मंत्रियों पर है बल्कि विधायकों पर तो भ्रष्टाचार के तमाम आरोप हैं। इन आरोपों में कुछ मंत्री हटाए गए तो कुछ आज भी दिल्ली सरकार में हैं। आम आदमी पार्टी नैतिक मूल्यों सहित व भ्रष्टाचार रहित प्रशासन का वादा कर दिल्ली की सत्ता में आई थी। नई दिल्ली में रामलीला मैदान पर उमड़ी भीड़ को केवल अपनी भीड़ मान कर अरविन्द केजरीवाल केवल अपने समर्थक मानने की गलती कर बैठे। जन लोकपाल कानून को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के साथ लड़ाई शुरू करने वाले अरविंद केजरीवाल ने जनता के सामने साफ-सुथरी राजनीति के लिए एक विकल्प दिया था। लेकिन सत्ता मिलने के तुरंत बाद से ही आप के...

Arvind Kejriwal’s AAP

राज्य
भस्मासुर केजरीवाल केजरीवाल ने अपनी संभावनाओं को खुद डकार लिया जावेद अनीस स देश की राजनीति में बदलाव चाहने वालों के लिये आम आदमी पार्टी का सफर निराश करने वाला है हालांकि इसका एक दूसरा पक्ष यह हो सकता है कि अन्ना, अरविन्द और आप मंडली के सहारे बदलाव की उम्मीद लगाये लोग जरूरत से ज्यादा मासूम रहे हों. बहरहाल आम आदमी पार्टी उम्मीदों को तोडऩे के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुये एक बार फिर सुर्खियों में है. पार्टी ने राज्यसभा के लिए अपने तीन उम्मीदवारों का ऐलान करते हुए शीर्ष नेता के प्रति वफादारी,धनबल और राजनीति में जाति की महत्ता का भरपूर ध्यान रखा है . आम आदमी पार्टी के गठन को पांच साल बीत चुके हैं और इस दौरान पार्टी के नेतृत्व ने बहुत ही तेजी से पुरानी पार्टियों के राजनीतिक कार्यशैली और पैतरेबाजियों को सीख लिया है. दरअसल आम आदमी पार्टी बाकी सियासी दलों से अलग होने औ...