Shadow

राज्य

बिना कुछ कहे योगी जी खुद ही प्रधानमंत्री पद के लिए प्रोजेक्ट हो गए – दिलीप कुमार

बिना कुछ कहे योगी जी खुद ही प्रधानमंत्री पद के लिए प्रोजेक्ट हो गए – दिलीप कुमार

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राज्य, विश्लेषण
बिना कुछ कहे योगी जी खुद ही प्रधानमंत्री पद के लिए प्रोजेक्ट हो गए* - दिलीप कुमारयूपी में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट हुई है और इस समिट में यूपी सरकार और उद्योगपतियों के बीच 18 हजार 500 MOUS साइन हुए हैं।इस हिसाब से यूपी के अंदर 33 लाख करोड़ रुपए का निवेश आया है।इससे पूरे यूपी के अंदर 92 लाख 50 हजार लोगों को नौकरियां मिलेंगी यानी करीब एक करोड़।हाल फिलहाल में इतना बड़ा इन्वेस्टमेंट किसी और राज्य में नहीं आया है।इंदौर में मध्य प्रदेश में भी इन्वेस्टर मीट हुई थी जहां पर लगभग 17 लाख करोड़ रुपए का इन्वेस्टमेंट आया था।आप सोच सकते हैं कि मुख्यमंत्रियों की रेस में भरोसेमंद चेहरे के रूप में योगी जी कितना आगे निकल चुके हैं।इतना बड़ा निवेश लाकर वो बिना कुछ कहे ही प्रधानमंत्री के योग्य उम्मीदवार साबित हो चुके हैं।इससे ये पता चलता है कि योगी सिर्फ हिंदुत्वावादियों के भरोसेमंद नहीं हैं बल्कि वो देश और विदेश ...
इस्लाम नगर की घर वापसी

इस्लाम नगर की घर वापसी

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, धर्म, राज्य
विजयमनोहरतिवारी चिपकाया हुआ एक और नाम अपनी पुराने परिचय में लौट आया है। इस्लाम नगर अब जगदीशपुर कहलाएगा। एक समय वह जगदीशपुर ही था। एक समय वह इस्लाम नगर हो गया। समय के साथ ‘इस्लाम’ की स्मृतियों का ‘जगदीश’ जागृत बना रहा। मेरे देखे इतिहास कोई मृत व्यवस्था का नाम नहीं है। वह घटनाओं का निष्पाण संग्रह भी नहीं है। वह जीवंत है। समय की शक्ति उसे प्रतिक्षण नए रूप और रंग देती रहती है। वह ऋतुओं की तरह है। जैसे ऋतु के साथ प्रकृति अपने आवरण हटाती है। जीवित सभ्यताएँ जीवित हैं, इसके प्रमाण क्या हैं? वे अपनी स्मृतियों को सदा प्रज्वलित रखती हैं। जैसे नए अंकुरण का फूटना एक प्रमाण का अवतरण ही है। वही प्रमाणपत्र है। भारतीय सभ्यता का धैर्य प्राणों की सीमा तक अंतहीन है। मैं मानता हूं कि पुनर्जन्म में आस्था यदि न होती तो भारत घुटकर मर गया होता। नवजीवन की आकांक्षाएँ भारत के प्राणों का आधार रही हैं। यह ...
कंधा गौतम अडाणी का है, निशाना मोदी हैं और अंत में हत्या भारत की प्रगति और समृद्धि की करनी है

कंधा गौतम अडाणी का है, निशाना मोदी हैं और अंत में हत्या भारत की प्रगति और समृद्धि की करनी है

राज्य, विश्लेषण
गौतम अदाणी के खिलाफ इस साजिश की शुरुआत अभी हाल के दिनों से नहीं हुई, बल्कि 2016-17 से ही हो गई थी। अदाणी ने 2010 में ऑस्ट्रेलिया का कारमाइकल कोल माइन का प्रोजेक्ट हासिल किया था। 2017 में अचानक से अदाणी के माइन प्रोजेक्ट के खिलाफ क्लाइमेट चेंज के लिए काम करने का दावा करने वाली एक स्वयंसेवी संस्था ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसका नाम 350.org है। इन लोगों ने एक समूह की शुरुआत की, जिसका नाम स्टॉप अदाणी रखा। इस संस्थान को टाइड फाउंडेशन नाम की एक दूसरी संस्था फंड करती है। ये फाउंडेशन दुनिया के जाने-माने फंड मैनेजर जॉर्ज सोरोस से जुड़ी है। जॉर्ज वही शख्स हैं, जिनकी वजह से बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ थाईलैंड बर्बाद हो गया था। जॉर्ज अपने भारत विरोधी बयानों के लिए भी जाने जाते हैं। टाइड फाउंडेशन के पीछे भी कुछ लोग ऐसे हैं, जो गौतम अदाणी को रोकने के लिए कोशिश कर रहे थे। उनका द...
भारत का दर्शन – हृदयनारायण दीक्षित

भारत का दर्शन – हृदयनारायण दीक्षित

राज्य, साहित्य संवाद
भारत विशिष्ट जीवनशैली वाला राष्ट्र है। इसका मूल आधार संस्कृति है। इस संस्कृति का विकास अनुभूत दर्शन के आधार पर हुआ है। यहाँ सांस्कृतिक निरंतरता है। दर्शन और विज्ञान की उपलब्धियां संस्कृति में जुड़ती जाती हैं। संस्कृति को समृद्ध करती हैं और कालवाह्य विषय छूटते जाते हैं। संस्कृति का मूल स्रोत वैदिक धर्म और संस्कृति है। यजुर्वेद के एक गुनगुनाने योग्य मंत्र (22-2) में स्तुति है, ‘‘हमारे राष्ट्र के राजन्य्ा शूरवीर हों। गाय दूध देने वाली हों। परिवार संरक्षक माताएं हों। तेजस्वी गतिशील युवा हों। मेघ मनोनुकूल वर्षा करें। इस राष्ट्र के विद्वान समग्रता में सम्पूर्णता के ज्ञाता हों - ब्रह्मवर्चसी जायताम। समग्रता में विचार से लोकमंगल के अमृतफल मिलते हैं। खण्डों में विचार से सुखद परिणाम नहीं आते। समग्र विचार उपयोगी है, ऋग्वेद (9-113-10,11) में सोम देवता से स्तुति है, ‘‘जहां सारी कामनाएं पूरी होती हों। ...
सपा व राजद की शिकायत चुनाव आयोग से करेंगे: विहिप

सपा व राजद की शिकायत चुनाव आयोग से करेंगे: विहिप

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राज्य, राष्ट्रीय, सामाजिक
VHP to meet CEC for de-recognising SP & RJD Shri Alok Kumar, Central Working President of the Vishva Hindu Parishad has sought an appointment with the Chief Election Commissioner of India to request that the registration of the Samajwadi Party (SP) and Rashtriya Janta Dal (RJD) be cancelled. The VHP wishes to draw the attention of the CEC to Section 29A of the Representation of the People Act 1951 which requires that the memorandum of each registered political party to have a specific provision that the party shall bear true faith and allegiance including to the principles of secularism and democracy. The recent statements of Shri Swami Prasad Maurya of SP disparaging the Ramcharitmanas and the burning of its pages are deliberate and malicious acts of outraging the religious ...
लद्दाख: ऑल इज़ नॉट वैल !

लद्दाख: ऑल इज़ नॉट वैल !

BREAKING NEWS, EXCLUSIVE NEWS, राज्य, राष्ट्रीय
*रजनीश कपूरप्रतिष्ठित रेमन मैगसेसे पुरस्कार से सम्मानित मैकेनिकल इंजीनियर और हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स,लद्दाख के निदेशक सोनम वांगचुक आजकल फिर से सुर्ख़ियों में हैं। इससे पहले वे अपने व्यक्तित्व पर 2009 में बनीफ़िल्म ‘3 इडिअट्स’ को लेकर सुर्ख़ियों में थे। इसी फ़िल्म का एक मशहूर डायलॉग था ‘ऑल इज़ वैल’। फ़िल्म में यहडायलॉग वांगचुक का किरदार निभा रहे अभिनेता आमिर ख़ान हर कठिन परिस्थिति में ख़ुद को हौसला देने केलिए कहते हैं। परंतु आज इसी बात को लद्दाख निवासी विपरीत ढंग से क्यों कह रहे हैं?दरअसल पिछले कुछ दिनों से लद्दाख के मशहूर इनोवेटर सोनम वांगचुक मीडिया का केंद्र बने हुए हैं। वे 26जनवरी 2023 को लद्दाख के हालत को लेकर एक आंदोलन करने की तैयारी में थे। परंतु लद्दाख प्रशासन ने उन्हेंऐसा करने से रोका और उन्हें नज़रबंद कर दिया। वांगचुक ने यह जानकारी यूट्यूब पर एक वीडियो के माध्यम सेदी। ...
26 जनवरी 1915 क्राँतिकारी गाइदिनल्यू का जन्म

26 जनवरी 1915 क्राँतिकारी गाइदिनल्यू का जन्म

TOP STORIES, राज्य
26 जनवरी 1915 क्राँतिकारी गाइदिनल्यू का जन्म* रानी लक्ष्मीबाई की भाँति जीवन भर स्वत्व और स्वाभिमान केलिये संघर्ष* स्वतंत्रता के बाद मिशनरियों के विरुद्ध अभियान --रमेश शर्मा 26 जनवरी भारत के लिये अति पवित्र दिन है । यह भारत के गणतंत्र का उत्सव दिवस है । दासत्व के एक लंबे अंधकार के बाद भारतीय जीवन में अपना संविधान आया था । भारतीय गणतंत्र की वर्षगाँठ के साथ इस दिन एक और गौरव मयी स्मृति जुड़ी हुई है । वह स्मृति है रानी गाइदिनल्यू के जन्मदिन की । वे क्राँतिकारी थीं उन्होंने तेरह वर्ष की उम्र से सशस्त्र संघर्ष आरंभ किया था । लेकिन स्वतंत्रता के बाद भी उन्हे शाँति न मिली । नागालैंड के लिये नागा संस्कृति ही महत्वपूर्ण है । वे नागालैंड के स्वत्व और स्वाभिमान की पक्षधर थीं । इस नाते चाहतीं थीं कि स्वतंत्रता के बाद नागालैंड में नागा संस्कृति ही स्थापित हो पर ईसाई धर्म प्रचारकों का एक बड़ा नेटव...
धीरेन्द्र शास्त्री के बहाने चमत्कारों पर सम्यक विचार

धीरेन्द्र शास्त्री के बहाने चमत्कारों पर सम्यक विचार

EXCLUSIVE NEWS, राज्य
================================यदि आप पढ़े लिखे व्यक्ति हैं, इस युग में विज्ञान की समझ पाते है तो जानते होंगे की चमत्कार और पश्चिमी विज्ञान की नूराकुश्ती आज से नहीं है। चमत्कार के नाम पर जब पानी में आग लगता था तो विज्ञान ने उस दिन तक उसका विरोध किया जब तक सोडियम का गुण धर्म उसे ज्ञात नहीं था। सोडियम पानी में आग तब से लगाता रहा है जब विज्ञान ने इस घटना को नहीं खोजा होगा। हिन्दू ज्योतिष द्वारा सूर्य-चंद्र ग्रहण की भविष्यवाणी तब तक चमत्कार थी जबतक पश्चिमी विज्ञान को लगता था की पृथ्वी का चक्कर सूर्य लगाता है। जिसदिन यह सोडियम और धरती चंद्रमाँ के सापेक्षिक भ्रमण का रहस्य खुला यही चमत्कार, विज्ञान की दीर्घा में खड़े होकर शेष चमत्कारों पर अट्ठहास करने लगा। यह क्रम हज़ारों वर्षों से जारी है परन्तु यही चमत्कार विज्ञान के खोज की प्रेरणा है इसे समझते हुए विज्ञान की तमाम प्रेरणाए चमत्कार से ही प्रेर...
23 जनवरी 1809 क्राँतिकारी वीर सुरेन्द्र साय का जन्म : पुलिस प्रताड़ना : जेल में बलिदान

23 जनवरी 1809 क्राँतिकारी वीर सुरेन्द्र साय का जन्म : पुलिस प्रताड़ना : जेल में बलिदान

TOP STORIES, राज्य, राष्ट्रीय
रमेश शर्मा भारत में अंग्रेजों के विरुद्ध 1857 की क्रांन्ति से सब परिचित हैं । लेकिन इससे पहले भी क्रांतियाँ हुईं हैं । यह अलग बात है कि उन क्रांतियों पर व्यापक चर्चा न हो सकीं और इतिहास में उतना स्थान बना जितनी जाग्रति उन अभियानों में क्रान्तिकारियों ने की थी । फिर भी यहाँ वहाँ उनका उल्लेख है । शताब्दियाँ बीत जाने पर भी लोक जीवन की चर्चाओं में उनका उल्लेख है । ऐसी ही एक क्रांति के नायक थे वीर सुरेन्द्र साय जो उड़ीसा में जन्मे थे । जिन्होंने अपने जीवन के 36 वर्ष जेल में बिताये और जेल की प्रताड़ना से ही उनका बलिदान हुआ । उन्होंने मध्यप्रदेश की असीरगढ़ की जेल में जीवन की अंतिम श्वाँस ली ।वीर सुरेन्द्र साय का जन्म 23 जनवरी 1809 को उड़ीसा प्रांत के संबलपुर जिले में हुआ । उनका गाँव संबलपुर से तीस किलोमीटर दूर खिण्डा था । 1827 में संबलपुर के राजा का निधन हो गया । राजा निसंतान थे । यह वह दौर थ...
आईआईएसएफ-2022 के मुख्य आकर्षणों में अत्याधुनिक-प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी

आईआईएसएफ-2022 के मुख्य आकर्षणों में अत्याधुनिक-प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राज्य
भोपाल में 21 से 24 जनवरी 2023 तक आयोजित किये जा रहे इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल ऑफ इंडिया (आईआईएसएफ) के 8वें संस्करण का एक महत्वपूर्ण आयाम ‘न्यू एज टेक्नोलॉजीज’ कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत विशेषज्ञों के विमर्श के साथ-साथ अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों को प्रदर्शित किया जाएगा। ‘न्यू एज टेक्नोलॉजीज’ कार्यक्रम का उद्देश्य उभरती प्रौद्योगिकियों में नवोन्मेष को प्रोत्साहित करना है। इनमें मेटावर्स, ऑगमेंटेड रियलिटी, मिक्स्ड रियलिटी और वर्चुअल रियलिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस / मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी, ब्लॉक चेन, डिजिटल करेंसी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, इंडस्ट्री 4.0, 5जी / 6जी, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन, ड्रोन टेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी, एज कंप्यूटिंग, स्पेस टेक्नोलॉजी, सेंसर टेक्नोलॉजी, सिस्टम्स ऐंड सिंथेटिक बायोलॉजी, जीनोमिक्स, वैक्सीन डेवलपमेंट, डायग्नोस्टिक्स, स्टेम...