केरल का मार्क्सवादी दुराग्रह
*डॉ. वेदप्रताप वैदिक*
केरल की मार्क्सवादी सरकार का दुराग्रह अपनी चरम सीमा पर पहुंचा हुआ है। सत्तारुढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने अपने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने राज्यपाल को केरल के विश्वविद्यालयों के कुलपति पद से हटाने के लिए एक अध्यादेश तैयार कर लिया है और अब विधानसभा का सत्र बुलाकार वे अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रस्ताव भी पारित करना चाहते हैं। उनसे कोई पूछे कि राज्यपाल के हस्ताक्षर के बिना कौनसा प्रस्तावित अध्यादेश लागू किया जा सकता है और उनके दस्तखत के बिना कौनसा विधेयक कानून बन सकता है याने केरल की विजयन सरकार झूठ-मूठ की नौटंकी में अपना समय बर्बाद कर रही है। जहां तक उप-कुलपतियों का सवाल है, उनकी नियुक्तियाँ विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नियमों के अनुसार ही होनी चाहिए लेकिन उन नियमों का उल्लंघन करके आप अपने म...









