नवा छत्तीसगढ़ की अवधारणा
राजनीति में नारों का बड़ा महत्व है, जनता नारों को संक्षेप में पार्टी की नीति मानती है। चुनाव के दौरान जारी घोषणा पत्र इतना लंबा चौड़ा होता है कि जनता उसमें उल्लेखित बातों को याद नहीं रख पाती है जबकि नारे आसानी से लम्बे समय तक याद रहते हैं। सरकारें भी नारे गढ़ती हैं, डॉ रमन सरकार ने सबका साथ सबका विकास और क्रेडिबल छत्तीसगढ़ जैसे नारे गढ़े। सरकार के जाते ही नारे भी बदल जाते हैं, जैसे पुराने नारों के स्थान पर भूपेश बघेल की नई सरकार ने नारे दिए हैं गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ के ये चिन्हारी, नरवा-गरूवा-घुरूवा-बारी। अब सरकार के समक्ष चुनौती है अपने नारों को अमल में कैसे लाएं?
पहले गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की बात करें तो सामाजिक-आर्थिक क्षेत्र में विशेष प्रयास की आवश्यकता है। केवल कृषि आधारित आर्थिक उपक्रम से नया छत्तीसगढ़ नहीं गढ़ा जा सकता। कृषि पर प्रच्छन्न बेरोजगारी को दूर कर रोज़गार के नए अव...









