मत बांटों सेना को प्रांत या मजहब के नाम पर
भारत-चीन के बीच हालिया निहत्थे संघर्ष में हमारे शूरवीरों ने दुश्मन सेना की कमर तोड़ी। उनके पराक्रम को पूरी दुनिया ने देखा। लद्दाख की गलवान घाटी में तक़रीबन 14 हजार फुट की ऊंचाई पर हुए संघर्ष में शहीद हुए भारतीय फ़ौजी बिहार रेजिमेंट के 16वीं बटालियन के थे। उनमें से ज्यादातर बिहार और झारखण्ड से थे। पर वे सभी देश की सीमाओं की रक्षा के लिए लड़ रहे थे। पर देखने में यह आ रहा है कि कुछ संकुचित मानसिकता के लोग बिहार रेजिमेंट का मतलब बिहार समझ रहे हैं। उन शूरवीरों पर तो सारे भारतवासियों को गर्व है। शहीद हुए योद्धा तो वैसे भी देश के अलग-अलग राज्यों से थे। बिहार रेजीमेंट को जो लोग बिहार से जोड़ रहे हैं, वे भारतीय सेना के अखिल भारतीय चरित्र के साथ घोर अन्याय कर रहे हैं। भारतीय सेना को धर्म,जातिया प्रांत से बांटने वालों को करारा जवाब देने की जरूरत है। इन्हें कौन बताए कि बिहार रेजीमेंट में सिर्फ बिहारी ...









