विवाह से पूर्व एच.आई.वी. टेस्ट अनिवार्य हो
मानव शरीर की जीवनीशक्ति हर प्रकार से एक दैविक शक्ति है। परन्तु अक्सर लोग उस दैविक शक्ति को समझने और उसके सहारे सदैव स्वस्थ रहने की परम्पराओं का अनुसरण नहीं कर पाते। स्वस्थ रहने के लिए आधुनिक मानव अप्राकृतिक तथा मानव निर्मित औषधियों आदि का सहारा लेने लग पड़ा है। हम जितना प्रकृति से दूर रहते हैं, हमारे शरीर में उस दिव्य जीवनीशक्ति के कमजोर होने की सम्भावना उतनी ही अधिक बढ़ जाती है। यह दिव्य शक्ति ही अपने आप समय-समय पर पैदा होने वाले शारीरिक और मानसिक रोगों से लड़ने का काम करती है जिसे इम्यूनिटी अर्थात् रोग प्रतिरोधक शक्ति कहा जाता है। हमारी अप्राकृतिक जीवन पद्धति और खान-पान तथा हर प्रकार के प्रदूषित वातावरण के कारण हमारी यह रोग प्रतिरोधक शक्ति कम होती चली जाती है। एक परिस्थिति ऐसी आती है जब हमारे शरीर में इस रोग प्रतिरोधक शक्ति के अभाव को पैदा करने वाला एक ऐसा वायरस पैदा हो जाता है जो इस दिव्य ...









