भारत के कारोबार में बड़े घरानों का दबदबा
देश का कारोबार चुनिंदा बड़े घरानों के हाथों में सिमटता जा रहा है। मुकेश अंबानी, कुमार मंगलम बिड़ला और टाटा समेत विभिन्न कारोबारी घरानों द्वारा एक ही राज्य (उत्तर प्रदेश) में 3.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। ऐसी घोषणाओं से यह लगता है कि आखिर भारत के बड़े कारोबारी घरानों का कितना दबदबा है? यह प्रश्न आम तौर पर पूछा जाने लगा है क्या देश की महत्त्वाकांक्षाएं इन कारोबारी समूहों की सफलताओं पर निर्भर हैं?इसी कड़ी में टाटा के स्वामित्व वाली एयर इंडिया की 470 यात्री विमानों की खरीद के ऑर्डर देने तथा 370 अन्य विमानों की खरीद का विकल्प रखने की घोषणा की है । यह 840 विमानों का संयुक्त आंकड़ा विमानन कंपनियों के 700 विमानों के मौजूदा बेड़े से भी अधिक है।
एक आंकड़े के मुताबिक गौतम अदाणी की कंपनियां देश के कुछ सबसे बड़े बंदरगाहों का संचालन करती हैं, जो देश के 30 प्रतिशत अनाज का भंडार...








