पराक्रम के पुरोधा थे नेता जी
पराक्रम के पुरोधा थे नेता जी या पराक्रम के प्रेरणापुंज थे नेता जी
पराक्रम का शाब्दिक अर्थ है शौर्य या बल। पराक्रम (परा +क्रम) में परा उपसर्ग और क्रम मूलशब्द है। परा अर्थात नाश और क्रम अर्थात स्थिति या व्यवस्था। किसी स्थिति या व्यवस्थाका नाश ही पराक्रम कहलाता है। यहां स्थिति या व्यवस्था का तात्पर्य गुलामी से है।पराक्रम, स्वतंत्रता को इंगित करता है। ऐसा बल जो आपको गुलाम परिस्थितियों से स्वतंत्रकर दे वो ही पराक्रम कहलाता है। भारत का गुलामी की जंजीरों से स्वतंत्र होना ही नेता जीके पराक्रम की निशानी थी। सुभाष चंद्र बोस पराक्रमी पुरुष थे। उन्होंने अपने पराक्रम सेआज़ादी की जंग को नई ऊर्जा प्रदान की थी। भारत को वीर भूमि का देश कहा जाता है।वीर भूमि की वीरता को जब -जब आक्रांताओं ने चुनौती दी तब तब भारत की माता रूपीभूमि की कोख से वीर सपूतों ने जन्म लिया। इन वीर सपूतों में सुभाष चंद्र बोस भी थे। जय...









