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मृदा क्षरण के मानव और पारिस्थितिक तंत्र के स्वास्थ्य पर अपूरणीय परिणाम

मृदा क्षरण के मानव और पारिस्थितिक तंत्र के स्वास्थ्य पर अपूरणीय परिणाम

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मृदा क्षरण का मानव और पारिस्थितिक तंत्र स्वास्थ्य दोनों पर अपूरणीय प्रभाव पड़ सकता है। भारत ने इस दिशा में कई पहलें की हैं जिन्हें स्वस्थ मृदा और अंततः एक स्वस्थ ग्रह सुनिश्चित करने के लिए स्थायी तौर पर जारी रखा जाना चाहिए और उनमें निरंतर सुधार करते रहने आवशयक हैं। क्षरित मृदा के प्रबंधन और बहाली के लिए सभी हितधारकों के बीच संचार लिंक को मजबूत किया जाना चाहिए। साक्ष्य-आधारित जानकारी का समय पर प्रसार भी आवश्यक है। सभी लक्षित लाभार्थियों को सफल संरक्षण प्रथाएं और स्वच्छ तथा टिकाऊ प्रौद्योगिकियां प्रदान की जानी चाहिए। नागरिक पेड़ लगाकर, किचन गार्डन का विकास तथा रख-रखाव करके और मौसमी तथा स्थानीय रूप से प्राप्त भोजन का सेवन करके योगदान दे सकते हैं। -प्रियंका सौरभ  भारत में 145 मिलियन हेक्टेयर में मिट्टी का क्षरण हो रहा है, यह अनुमान है कि 96.40 मिलियन हेक्टेयर (कुल भौगोलिक क्षेत्र क...
अवैध मतांतरण

अवैध मतांतरण

राष्ट्रीय, समाचार, सामाजिक
ह्रदय नारायण दीक्षित अवैध मतांतरण राष्ट्रीय चुनौती है। ईसाई इस्लामी समूह काफी लम्बे समय से अवैध मतांतरण में संलग्न हैं। वे सारी दुनिया को अपने पंथ मजहब में मतांतरित करने के लिए तमाम अवैध साधनों का इस्तमाल कर रहे हैं। अपनी आस्था विवेक और अनुभूति में जीना प्रत्येक मनुष्य का अधिकार है। लेकिन यहाँ अवैध मतांतरण के लिए छल बल भय और प्रलोभन सहित अनेक नाजायज तरीके अपनाए जा रहे हैं। यह मानवता के विरुद्ध असाधारण अपराध है। और राष्ट्रीय अस्मिता के विरुद्ध युद्ध भी है। मतांतरण से व्यक्ति अपना मूल धर्म ही नहीं छोड़ता, उसकी देव आस्थाएं बदल जाती हैं। पूर्वज बदल जाते हैं। वह अपनी संस्कृति के प्रति स्वाभिमानी नहीं रह जाता। वह नए पंथ मजहब के प्रभाव में अपने पूर्वजों पर भी गर्व नहीं करता। उसकी भूसांस्कृतिक निष्ठा बदल जाती है। भूसांस्कृतिक निष्ठा ही भारतीय राष्ट्र का मूल तत्व है। इसलिए मतांतरण राष्ट्रांतरण ...
प्रधानमंत्री ने भारत की जी-20 अध्यक्षता के प्रति अपना समर्थन देने के लिए वैश्विक राजनेताओं का आभार व्यक्त किया और उन्हें धन्यवाद दिया

प्रधानमंत्री ने भारत की जी-20 अध्यक्षता के प्रति अपना समर्थन देने के लिए वैश्विक राजनेताओं का आभार व्यक्त किया और उन्हें धन्यवाद दिया

Today News, राष्ट्रीय
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की जी-20 अध्यक्षता के प्रति अपना समर्थन देने के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति श्री इमैनुएल मैक्रॉन को धन्यवाद दिया है। फ्रांस के राष्ट्रपति के एक ट्वीट का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया; Thank you, my dear friend @EmmanuelMacron! I look forward to consulting you closely during India's G20 Presidency, as we work to focus the world's attention on the issues that affect humanity as a whole. ...
केरल में चक्रवात ने कैसे मचाया अनापेक्षित विध्वंस?

केरल में चक्रवात ने कैसे मचाया अनापेक्षित विध्वंस?

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भारत के पश्चिमी तट पर स्थित केरल के चेलानम तटीय क्षेत्र में वर्ष 2021 में ताउते चक्रवात के दौरान बाढ़ और कटाव का स्तर अन्य क्षेत्रों के मुकाबले अत्यधिक देखा गया था। कम तूफान और कम ज्वार के बावजूद चेलानम में समुद्र की लहरें तटीय सुरक्षा उपायों को पार कर गईं  और  घरों तथा सड़कों को जलमग्न कर दिया। एक नये अध्ययन में भारतीय शोधकर्ताओं ने खुलासा किया है कि कम तूफान और कम ज्वार के बावजूद ताउते चक्रवात ने केरल के तटीय क्षेत्रों को कैसे अपनी चपेट में ले लिया। शोधकर्ता बताते हैं कि ताउते चक्रवात केरल के चेलानम तट से लगभग 500 किलोमीटर दूर था, और इस क्षेत्र में कम ज्वार की स्थिति बनी हुई थी। लेकिन, 15 मई, 2021 की सुबह कम तूफान और कम ज्वार के बावजूद चेलानम क्षेत्र जलमग्न हो गया। इस घटना ने मौसम-वैज्ञानिकों को इसके कारणों को समझने के लिए प्रेरित किया। इस घटनाक्रम के मॉडलिंग सिमुलेशन या अनुकरण से शो...
लोकतंत्र में पारदर्शिता

लोकतंत्र में पारदर्शिता

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लोकतंत्र में पारदर्शिता लोकतंत्र की वास्तविक पहचान पारदर्शिता में निहित होती है। यदि किसी देश के लोकतंत्र में पारदर्शिता नहीं दिखाई देती है तो उस देश में लोकतंत्र का अस्तित्व खतरे में होता है। लोकतंत्र जनता का विश्वास है और जब लोकतंत्र में पारदर्शिता समाप्त हो जाती है तो जनता का विश्वास भी धीरे-धीरे समाप्त प्राय होना प्रारम्भ हो जाता है। भारत में स्वतंत्रता प्राप्ति  के पश्चात जो भी पार्टी सत्ता में आयी, उसने सर्वप्रथम परदर्शिता पर प्रहार किया, परिणामस्वरूप वे सभी पार्टियाँ प्रचण्ड बहुमत प्राप्त करने के पश्चात भी शनै-शनै विघटन की ओर अग्रसर हो गईं। लोकतंत्र की पारदर्शिता का प्रदर्शन सर्वप्रथम चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से ही होना चाहिए। यदि चुनाव आयोग ही स्वयं में सशक्त नहीं हैं तो वह देश के लिए अत्यंत हानिकारक हो सकता है। आज भी पूर्व चुनाव आयुक्त टी0एन0 शेषन जी के योगदान को जनत...
इमामों को वेतन देने के 1993 के आदेश को सुप्रीम कोर्ट स्वतः वापस ले

इमामों को वेतन देने के 1993 के आदेश को सुप्रीम कोर्ट स्वतः वापस ले

BREAKING NEWS, TOP STORIES, धर्म, राष्ट्रीय
इमामों को वेतन देने के 1993 के आदेश को सुप्रीम कोर्ट स्वतः वापस ले या  CIC के खिलाफ Contempt of court का केस चलाये !* करोड़ों रुपया गैरकानूनी खर्च होने की भरपाई कौन करेगा ? इसलिए सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का Forensic Audit होना चाहिए ! केंद्रीय सूचना आयुक्त उदय माहुरकर ने अपने 26 नवंबर, 2022 के आदेश में बहुत निर्भीक होकर और बड़ी हिम्मत का परिचय देते हुए मस्जिदों के इमामों को पारिश्रमिक देने के सुप्रीम कोर्ट के 1993 के आदेश को संविधान का उल्लंघन कह दिया - CIC ने यह भी कहा कि -  “अदालत के आदेश से संविधान के अनुच्छेद 27 का भी उल्लंघन हुआ जिसमें कहा है कि करदाताओं के पैसे का उपयोग किसी किसी विशेष धर्म के पक्ष में नहीं किया जायेगा - इससे देश में गलत मिसाल, अनावश्यक विवाद और सामाजिक कटुता बढ़ी - CIC ने अपने आदेश की कॉपी कानून मंत्री को भेजने के लिए भी कहा जिससे वेतन मामले मे...
‘पप्पू’ में बहुत गहराई है- प्रियंका गांधी

‘पप्पू’ में बहुत गहराई है- प्रियंका गांधी

TOP STORIES, राष्ट्रीय
विनीत नारायणकुछ हफ़्तों पहले सोशल मीडिया पर प्रियंका गांधी का एक अंग्रेज़ी वीडियो जारी हुआ। उसमें उन्होंने अपने भाई राहुल गांधीके व्यक्तित्व के बारे में काफ़ी कुछ कहा। उनके इस वक्तव्य से राहुल गांधी के व्यक्तित्व की अनेक उन बातों का पता चलाजिनकी चर्चा कभी एकतरफ़ा हो चुके मीडिया ने नहीं की। इन दिनों जब राहुल की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ काफ़ी चर्चा में हैं, तोपाठकों के साथ इस वीडियो का ज़िक्र करना उचित होगा।प्रियंका गांधी अपने भाई को अपना सबसे करीबी मित्र बताते हुए अपने बचपन को याद करती हैं। किस तरह उनका बचपनदर्दनाक हादसों और हिंसा का साक्षी रहा। इन दोनों ने अपनी दादी, इंदिरा गांधी को दूसरी माँ के रूप में पाया। 1984 मेंइंदिरा जी की हत्या के समय राहुल की उम्र मात्र 14 साल की थी। वे कहती हैं कि चार जनों के एक छोटे परिवार केपारस्परिक स्नेह ने ही उनको सभी कठिनाइयों का सामना करने की ताक़त दी।1991 में...
संघ रचता है संस्कृति के नये स्वस्तिक

संघ रचता है संस्कृति के नये स्वस्तिक

TOP STORIES, राष्ट्रीय, संस्कृति और अध्यात्म
अंतर्राष्ट्रीय स्वयंसेवक दिवस 5 दिसंबर, 2022 पर विशेषसंघ रचता है संस्कृति के नये स्वस्तिक-ः ललित गर्ग:-सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्वयंसेवक दिवस 5 दिसंबर को प्रतिवर्ष दुनिया भर में मनाया जाता है। यह दिवस सभी व्यक्तिगत स्वयंसेवकों और स्वयंसेवी संगठनों को अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय और स्थानीय स्तरों पर उनके योगदान को दिखाने का एक बड़ा अवसर प्रदान करता है। यह दिन हर साल हजारों स्वयंसेवकों को जुटाने के साथ, विकास कार्यक्रम का समर्थन करके शांति और विकास को भी बढ़ावा देता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 17 दिसंबर, 1985 को हर वर्ष 5 दिसंबर को दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय स्वयंसेवक दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। तब से, अंतर्राष्ट्रीय स्वयंसेवक दिवस संयुक्त राष्ट्र प्रणाली, सरकारों, नागरिक समाज संगठनों आदि द्वारा प्रतिवर्ष मनाया जाने लगा। आज देश एवं दुनिया के विभिन्न विश्वविद्...
4 December 1889 Sacrifice of the great hero Tantya Bhil

4 December 1889 Sacrifice of the great hero Tantya Bhil

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4 दिसंबर 1889 महानायक टंट्या भील का बलिदान गद्दार गणपत ने फाँसी के फंदे पर पहुँचाया --रमेश शर्मा   स्वतंत्रता के जिस शुभ्र प्रकाश में हम आज स्वछंद श्वांस ले रहे हैं । यह साधारण नहीं है । इसके पीछे अगणित हुतात्माओं का बलिदान हुआ है । कुछ को हम जानते हैं, याद करते हैं, गीत गाते हैं लेकिन कितने ऐसे हैं जिनके बारे में हम कुछ नहीं जानते । जिन्हे हम याद तक नहीं करते हैं, जिनका उल्लेख इतिहास के पन्नो पर मिल तो जाता है पर अत्यल्प । ऐसे योद्धा अनगिनत हैं जिन्होंने इस राष्ट्र के लिये, राष्ट्र की संस्कृति के लिये बलिदान दिया और समय की परतों में कहीं खो गये हैं ।  वनवासी महानायक टंट्या भील ऐसे ही बलिदानी हैं । जिन्हे अंग्रेजों ने अपराधी कहा और स्वतंत्रता के बाद की आरंभिक पीढ़ियों ने भी वही माना । लेकिन अब सच सामने आ रहा है इतिहास की परतें खुल रहीं हैं हम उनके बलिदान से अवगत हो र...
PM shares breathtaking images from recently launched EOS-06 satellite

PM shares breathtaking images from recently launched EOS-06 satellite

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The Prime Minister, Shri Narendra Modi has shared images from the recently launched EOS-06 satellite. The Prime Minister further added that these advancements in the world of space technology will help in better prediction of cyclones and promote the coastal economy as well. The Prime Minister tweeted; “Have you come across breathtaking images from the recently launched EOS-06 satellite? Sharing some beautiful images of Gujarat. These advances in the world of space technology will help us to better predict cyclones and promote our coastal economy too.”