हिम तेंदुओं के संरक्षण में मदगार हो सकती है सामुदायिक भागीदारी
हिम तेंदुओं के संरक्षण में स्थानीय समुदायों को शामिल करना और उनकी आजीविका सुनिश्चित करना एक बेहतर रणनीति हो सकती है। भारतीय शोधकर्ताओं के एक ताजा अध्ययन में यह बात उभरकर आयी है।
हिम तेंदुओं के प्रमुख आवास स्थल लद्दाख में यह अध्ययन किया गया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि स्थानीय लोगों को यदि इस जीव के संरक्षण के महत्व का अहसास दिलाया जाए और हिम तेंदुओं द्वारा पशुओं के शिकार से होने वाले नुकसान की भरपाई कर दी जाए, तो हिम तेंदुओं को बदले की भावना से मारने की घटनाओं पर लगाम लगायी जा सकती है।
हिम तेंदुए अल्पाइन पारिस्थितिकी तंत्र में पाए जाने वाले प्रमुख शिकारी जीव होते हैं। एशियाई जंगली बकरा आइबेक्स, पर्वतीय तिब्बती भेड़, लद्दाख की उरियल भेड़, चिरु मृग, तिब्बती बकरी ताकिन, सीरो बकरी और कस्तूरी मृग को बचाने के लिए हिम तेंदुए का संरक्षण महत्वपूर्ण हो सकता है। इन जानवरों की घटती आबादी और हि...









