कोरोना काल मे, संवेदनशील भारत की गाथा
लगभग दो महीनों के बाद, कोरोना को तीन वर्ष पूर्ण होंगे. कोरोना यह सारे विश्व के लिए एक भयानक त्रासदी थी. अनेक देशों के आर्थिक गणित, कोरोना ने बिगाड़ दिए. दुनिया के लगभग सभी देश कोरोना की मार अभी तक सहन कर रहे हैं.
अपवाद हैं भारत !
*हमने कोरोना का न केवल बेहतरीन तरीके से सामना किया, वरन विश्व के अनेक देशों को हमने मदद पहुंचाई. आर्थिक क्षेत्र मे हम विश्व की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन गए. इस कठीन समय मे हमने अपने आप को शक्तिशाली बनाया. आत्मनिर्भर बनाया. एक सौ तीस करोड़ का यह देश, कोरोना जैसी महाभयंकर विपत्ति मे भी बलशाली होकर सामने आया.*
यह संभव हो सका, इस देश की मिट्टी से जुड़े नागरिकों के कारण. *जागरूक नागरिक और संवेदनशील सरकार* यह हमारी सफलता का कारण बने. कोरोना के इस काल में, जिसे हम हिन्दू परंपरा कहते हैं, चिरविजयी सनातन संस्कृति कहते हैं, उसके अनेक उदाहरण सामने ...









