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कॉलेज तो खोला नहीं, क्यों खोल रहे विश्वविद्लाय केजरीवाल

कॉलेज तो खोला नहीं, क्यों खोल रहे विश्वविद्लाय केजरीवाल

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली की जनता से अब इस तरह के वादे करने लगे हैं जिन्हें सुनकर गुस्सा कम और हंसी ज्यादा आती है। दिल्ली में विधानसभाचुनाव से ठीक पहले वे यहां पर दो नए विश्वविद्लायों को खोलने की घोषणा कर चुके है। केजरीवाल पहले भी लगातार दिल्ली के युवाओं  को फुटबाल, क्रिकेट, हॉकी समेतदूसरे खेलों में स्नातक, परास्नातक और डॉक्टरेट की डिग्री  देने के सब्जबाग दिखाते रहे हैं। यानी यहां के नौजवान भावी विश्वविद्लाय में उपर्य़ुक्त विषयों में डिग्री ले सकेंगे।जबकि, दूसरा विश्वविद्यालय यह वादा करके खोला जा रहा है ताकि युवाओं को  उद्यमिता व कौशल विकास की पढ़ाई करवाई जा सके। अब सवाल यह है कि जिसकेजरीवाल सरकार ने अपने लगभग पांच वर्ष के कार्यकाल में दिल्ली विश्वविद्लाय में एक भी नया कॉलेज नहीं खोला, वह अचानक से दो विश्वविद्लाय  कहां से खोलेगी ? इनके लिए फैक्ल्टी की व्यवस्था कैसे होगी? ...
विश्व सरकार पर विचार करने के लिए यूएनओ दिवस स्वर्णिम अवसर

विश्व सरकार पर विचार करने के लिए यूएनओ दिवस स्वर्णिम अवसर

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24 अक्टूबर - संयुक्त राष्ट्र संघ दिवस पर विशेष लेख भावी विश्व संसद का पूरा ढांचा यूएनओ के रूप में 74 वर्ष पहले से सक्रिय है! विश्व के प्रत्येक वोटर को अपने वोट की शक्ति को पहचान कर विश्व सरकार की बनाने की घोषणा करने वाली अपने-अपने देश की राजनैतिक पार्टी को ही अपना कीमती वोट देकर समर्थन देना चाहिए! - विश्वात्मा भरत गांधी विश्व सरकार पर विचार करने का संसार के प्रत्येक वोटर के लिए एकजुट होने के लिए यूएनओ दिवस स्वर्णिम अवसर है। मानव सभ्यता के इतिहास में बीसवीं सदी सबसे बड़ी खूनी सदी रही है। - डा. कौफी अन्नान अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति श्री फ्रैन्कलिन रूजवेल्ट ने 1945 में विश्व के नेताओं की एक बैठक बुलाई जिसकी वजह से   24 अक्टूबर, 1945 को विश्व की शान्ति की सबसे बड़ी संस्था ‘संयुक्त राष्ट्र संघ’ (यू.एन.ओ.) की स्थापना हुई। प्रारम्भ में केवल 51 देशों ने ही संयुक्त राष्ट्...
दिवाली पर क्यों न खाएं मिठाईयां

दिवाली पर क्यों न खाएं मिठाईयां

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दीपोत्सव के आने में जब एक हफ्ता भी शेष नहीं बचा है, तब हमारे यहां जिस पैकेट बंद दूध को करोड़ों लोग पीते है उसकी गुणवत्ता को लेकर आई एक रिपोर्ट सचमुचमें डराने वाली हैं। उसके निष्कर्षो को देखकर लगता है कि करोड़ों हिन्दुस्तानी दूध के नाम पर जहर ही पीने को मजबूर हैं। चूंकि आलोक पर्व पर देश भर के हलवाईऔर घरों में भी पैकेट बंद दूध से ही ज्यादातर मिठाईयां  बनाई जाती हैं I इसलिए अब लग रहा है कि मिठाई खाना तो खतरे से खाली नहीं रहा है। साथ ही यह भीलग रहा है कि जिस मिठाई से हम-आप दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश का भोग लगाते हैं, वह भी दूषित हो गई है। यह सच में बेहद दुखद  स्थिति है। खाद्य नियामकभारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकार (एफएसएसएआई) की ओर से दूध की गुणवत्ता पर किए गए एक ताजा अध्ययन में पाया गया है कि जहां खुले दूध के 4.8फीसदी सैंपल में खामियां पाई गईं, वहीं पैकेट बंद दूध के 10 फीसदी से अधिक सैंपलो...
आर्थिक बदलाव के बावजूद नहीं बदली पोषण की समस्या

आर्थिक बदलाव के बावजूद नहीं बदली पोषण की समस्या

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पर्याप्त पोषण को अच्छे स्वास्थ्य और देश के विकास का एक महत्वपूर्ण सूचक माना जाता है। हालांकि, भारत में पिछले दो दशकों में सामाजिक और आर्थिक स्थितियों में बदलाव के बावजूद लोगों के पोषण की स्थिति में सुधार देखने को नहीं मिला है। भारत, अमेरिका और कोरिया के वैज्ञानिकों के एक शोध में यह बात सामने आई है। शोधकर्ताओं ने पाया कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बड़ी संख्या में परिवार न्यूनतम वांछित कैलोरी से वंचित हैं। अलग-अलग सामाजिक-आर्थिक स्थितियों के अनुसार प्रति व्यक्ति औसत कैलोरी उपभोग के साथ अपर्याप्त पोषक आहार के स्तर में भी विविधता देखी गई है।  इस अध्ययन में राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण के घरेलू उपभोक्ता व्यय सर्वेक्षण के राष्ट्रीय प्रतिनिधि आंकड़ों का उपयोग किया गया है। वर्ष 1993-94 तथा 2011-12 के दौरान किए गए इस अध्ययन में एक लाख से अधिक शहरी एवं ग्रामीण परिवारों को शामिल किया गया...
तो अब मुसलमान पहल करेंगे राम मंदिर का

तो अब मुसलमान पहल करेंगे राम मंदिर का

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 जब अयोध्या में विवादित ढांचे के स्वामित्व के सवाल पर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। तब कहीं जाकर इस जटिल मसले  परसमझौते की एक उम्मीद जगी है। देश को लग रहा है कि यह मामला सौहार्दपूर्ण तरीके से हल होने के रास्ते पर बढ़ चला है। इस सकारात्मक माहौल को पैदा करने काकाफी हद तक श्रेय भारतीय सेना के पूर्व  जनरल श्री  जमीरउद्दीन शाह और उनके साथियों को जाता है। शाह साहब कुछ समय पहले तक अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी केउप कुलपति भी थे।दरअसल  जनरल साहब की सरपरस्ती  में इंडियन मुस्लिम्स फॉर पीस नामक संस्था ने एक प्रेस वार्ता करके बताया कि अनेक मुस्लिम संगठन  मानतेहैं कि अयोध्या मसले का हल आपसी समझौते से निकाला जा सकता है। इन्होंने एक मसौदा भी तय किया है जिसके अनुसार अयोध्या में बाबरी मस्जिद की जमीन कोसुन्नी वक्फ बोर्ड के जरिए हिन्दुओं को सौंप दिया जाएगा और उसके लिए सुप्रीम...
New finding may help in developing treatment for age-related macular degeneration 

New finding may help in developing treatment for age-related macular degeneration 

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A team of scientists has unraveled the molecular mechanism behind the development of age-related macular degeneration (AMD). It has found that it develops because of abnormal activity of a set of white blood cells called neutrophils and that it can be stopped, and even reversed, by targeting it.  AMD is associated with retinal degeneration and loss of central vision and is the leading cause of blindness in the elderly. The new finding could help develop a treatment for the disease in future. The journey of discovery began with a finding that people suffering from the disease had a significant accumulation of neutrophils in the retina of their eyes. The finding was unusual as the main role of neutrophils is to help the body in its fight against bacterial and other infections and it ha...
This bio-brick can help cut pollution 

This bio-brick can help cut pollution 

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 Traditional brick kilns dotting countryside are a source of air pollution, though they are essential for supplying bricks to the country’s growing construction industry. Another source of pollution is burning of crop stubbles or agro-waste. A new type of brick – made from bio-waste – promises to address both the problems. Researchers from Indian Institute of Technology Hyderabad and KIIT School of Architecture, Bhubaneshwar, have developed bricks from agricultural waste products. They have developed a process to use dry waste like paddy straws, wheat straws and sugarcane bagasse to make bricks. It involves chopping the waste to desired size and adding it to lime-based slurry to make homogenous mixture. The mixture is poured into moulds and rammed with a wooden block to make a compact b...
Delhi battles for clear skies and lungs

Delhi battles for clear skies and lungs

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Winter is nearly here and we in Delhi are waiting not to exhale, as the cold heavier air will settle and air pollution will choke us. But with a difference — there is outrage and there is action. There is even evidence that we have bent the pollution curve — though not enough, it does suggest that action is beginning to have an impact. This is what we need. I say this because often, in our combined anger, we forget to stay focused on the need to act, and in a way that we can see the difference, so that we can do more. This is critical. As only when we remain focused on what we must do, can we get our non-negotiable right to breathe. So, what has happened. First, there is public information about the state of air quality and its link to our health. Some years ago, government brought i...
बिना मानवाधिकार उल्लंघन के, व्यापार करे उद्योग: वैश्विक संधि की ओर प्रगति

बिना मानवाधिकार उल्लंघन के, व्यापार करे उद्योग: वैश्विक संधि की ओर प्रगति

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संयुक्त राष्ट्र में दुनिया भर से आए देश एक वैश्विक संधि को पारित करने के लिए एकजुट हैं जो यह सुनिश्चित करे कि जब बहुराष्ट्रीय उद्योग व्यापार करें तो किसी भी क़िस्म का मानवाधिकार उल्लंघन न हो, और दोषी को जवाबदेह ठहराया जा सके। इतिहास में ऐसे अनेक उदाहरण हैं जहां व्यापार के दौरान, वीभत्स मानवाधिकार उल्लंघन हुए। स्थानीय क़ानून भी ऐसे ग़ैर ज़िम्मेदार बहुराष्ट्रीय उद्योग को जवाबदेह ठहराने में असमर्थ रहा है। इसीलिए वैश्विक एवं क़ानूनन रूप से बाध्य संधि, की आवश्यकता है जो बहुराष्ट्रीय उद्योग को व्यापार करने दे परंतु हर प्रकार के मानवाधिकार उल्लंघन पर अंकुश लगाए और दोषी को जवाबदेह ठहराये। उद्योग द्वारा किए जा रहे पर्यावरण के अनियंत्रित दोहन और जलवायु परिवर्तन का जो क़हर है वह सबसे ज़्यादा गरीब और समाज में हाशिये पर रह रहे लोग झेल रहे हैं। इस वैश्विक संधि बैठक में दुनिया के अनेक देशों से 321 सा...
An initiative by a former AMU Vice-Chancellor General Zameeruddin Shah to Withdraw the Muslim Claim to Babri Masjid

An initiative by a former AMU Vice-Chancellor General Zameeruddin Shah to Withdraw the Muslim Claim to Babri Masjid

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An initiative by a former AMU Vice-Chancellor General Zameeruddin Shah to follow the steps of his predecessors like Saiyid Hamid, Col. Basheer Husain Zaidi and Badruddin Tyabji to Withdraw the Muslim Claim to Babri Masjid (Ather Farouqui is an eminent writer and translator who has published eight books in Urdu and two books in English, and is also the author of Islamic Banking in India at the service of Pan-Islamists which forced the UPA-II to reverse the decision to allow Islamic banking, and of Marx My Word, a unique play of Marxist dichotomy.  He has a PhD degree from JNU. For long, he has been arguing that instead of modernizing Deeni Madrasas, the government should provide Urdu education as part of the secular curriculum at the school level itself.  A Sahitya Akademi awardee, he is...