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जुनैद नासिर हत्याकांड गोतस्करों के कारण ही गोरक्षक सक्रिय हैं

जुनैद नासिर हत्याकांड गोतस्करों के कारण ही गोरक्षक सक्रिय हैं

राष्ट्रीय, समाचार, सामाजिक
मूल लेखअवधेश कुमारजुनैद नासिर हत्याकांड को लेकर निर्मित हो रही पूरी तस्वीर पहली दृष्टि में हमें हैरत में डालती है। सामान्य तौर पर ऐसा नहीं हो सकता कि मोटरवाहन में जलाकर किसी को मार दिया जाए और उसके आरोपी के पक्ष में धीरे-धीरे विशाल जनसमूह खड़ा हो। आप देख लीजिए राजस्थान पुलिस द्वारा इस हत्याकांड में नामजद आरोपियों मोनू मानेसर से लेकर श्रीकांत आदि के पक्ष में जगह-जगह सभाएं हो रही हैं, पंचायतें बैठ रही हैं, लोग प्रदर्शन कर रहे हैं, अधिकारियों को ज्ञापन दिया जा रहा है…। इन पंक्तियों के लिखे जाने तक केवल एक आरोपी फिरोजपुर झिरका के रिंकू की गिरफ्तारी हुई है। शेष अन्य आरोपियों मोनू मानेसर, श्रीकांत मरोड़ा , अनिल मुलथान, पलवल आदि पुलिस की पकड़ से बाहर है। जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है उसमें ऐसा लग रहा है कि इन्हें हरियाणा की किसी स्थान से गिरफ्तार किया गया तो विरोध में लोग कानून हाथ में लेने की को...
चुनाव आयोग पर सुप्रीम कोर्ट का दूरगामी  फैसला

चुनाव आयोग पर सुप्रीम कोर्ट का दूरगामी  फैसला

BREAKING NEWS, TOP STORIES, समाचार
चुनाव आयोग पर सुप्रीम कोर्ट का दूरगामी  फैसला, CJI, PM और लोकसभा में नेता विपक्ष की कमेटी करेगी शीर्ष नियुक्तियां चुनाव आयोग में शीर्ष नियुक्तियों पर सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. सर्वोच्च अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि, मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति अब पीएम, चीफ जस्टिस और लोकसभा में नेता विपक्ष की कमेटी करेगी. सुप्रीम कोर्ट की 5 न्यायाधीशों की पीठ ने 5-0 की सर्वसम्मति से दिए फैसले में कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों का चुनाव तीन सदस्यीय समिति की सलाह पर राष्ट्रपति करेंगे. न्यायमूर्ति केएम जोसेफ की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा है, यह नियम तब तक जारी रहेगा जब तक संसद इन नियुक्तियों के लिए कानून नहीं बनाती. चुनाव आयोग के संचालन के लिए अलग से फंड बनाने का आदेश मुख्य चुनाव आयुक्त सम्बंधित आज का सुप्रीम कोर्ट का फ़ैस...
वैश्विक स्तर पर भारतीय अर्थव्यवस्था पुनः वैभवकाल की ओर अग्रसर

वैश्विक स्तर पर भारतीय अर्थव्यवस्था पुनः वैभवकाल की ओर अग्रसर

TOP STORIES, आर्थिक, समाचार
यदि भारत के प्राचीन अर्थतंत्र के बारे में अध्ययन किया जाय तो ध्यान में आता है कि प्राचीन भारत की अर्थव्यस्था अत्यधिक समृद्ध थी। विश्व के कई भागों में सभ्यता के उदय से कई सहस्त्राब्दी पूर्व, भारत में उन्नत व्यवसाय, उत्पादन, वाणिज्य, समुद्र पार विदेश व्यापार, जल, थल एवं वायुमार्ग से बिक्री हेतु वस्तुओं के परिवहन एवं तत्संबंधी आज जैसी उन्नत नियमावलियां, व्यवसाय के नियमन एवं करारोपण के सिद्धांतों का अत्यंत विस्तृत विवेचन भारत के प्राचीन वेद ग्रंथों में प्रचुर मात्रा में मिलता है। प्राचीन भारत में उन्नत व्यावसायिक प्रशासन व प्रबंधन युक्त अर्थतंत्र के होने के भी प्रमाण मिलते हैं। प्राचीन भारत में कुटीर उद्योग बहुत फल फूल रहा था इससे सभी नागरिकों को रोजगार उपलब्ध रहता था एवं हर वस्तु का उत्पादन प्रचुर मात्रा में होता था। ग्रामीण स्तर पर भी समस्त प्रकार के आवश्यक उत्पाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध...
भ्रष्टाचार के राक्षसों पर केन्द्रीय एजेंसियों का शिकंजा

भ्रष्टाचार के राक्षसों पर केन्द्रीय एजेंसियों का शिकंजा

EXCLUSIVE NEWS, घोटाला, समाचार
ललित गर्ग केंद्रीय एजेंसियां ईडी, सीबीआइ अथवा आयकर विभाग इनदिनों राजनीतिक दलों एवं नेताओं के पर कार्रवाई करती हुई नजर आ रही है, आजादी के बाद से भ्रष्टाचार एवं घोटालों पर नियंत्रण के लिये आवाज उठती रही है, इसके लिये आन्दोलन एवं अनशन भी होते रहे हैं, लेकिन सबसे प्रभावी तरीका केन्द्रीय एजेंसियों की कार्रवाई एवं न्यायालयों की सख्ती ही है, जो भ्रष्टाचारियों पर सीधा हमला करती है। देश में सर्वाधिक भ्रष्टाचार राजनीतिक दलों में ही व्याप्त रहा है, इसलिये अब तक केन्द्रीय एजेंसियां की कार्रवाईयां उन पर प्रभावी नहीं हो पा रही थी। लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सत्ता हासिल करते ही भ्रष्टाचार के खिलाफ कमर सकी है, जिसका असर देखने को मिल रहा है। भले ही इनदिनों हो रही केन्द्रीय एजेंसियों की कार्रवाई को राजनीतिक प्रेरित बताया जाये, लेकिन इससे भ्रष्टाचार को समाप्त करने की दिशा में एक कारगर एवं प्रभाव...
भारत के आर्थिक विकास में भारतीय नागरिकों का है भरपूर योगदान

भारत के आर्थिक विकास में भारतीय नागरिकों का है भरपूर योगदान

BREAKING NEWS, TOP STORIES, आर्थिक, समाचार
प्रत्येक वर्ष भारतीय संसद में बजट प्रस्तुत किए जाने के एक दिन पूर्व देश का आर्थिक सर्वेक्षण माननीय वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत किया जाता है। देश की आर्थिक स्थिति के सम्बंध में गहराई से अध्ययन करने के उपरांत यह आर्थिक सर्वेक्षण संसद में पेश किया जाता है। दिनांक 31 जनवरी 2023 को भारत की वित्त मंत्री माननीया श्रीमती निर्मला सीतारमन द्वारा वर्ष 2022-23 का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया गया। इस वर्ष के आर्थिक सर्वेक्षण में भारत की आर्थिक स्थिति के सम्बंध में कई ऐसी जानकारीयां उभरकर सामने आई हैं, जिनसे भारतीय नागरिकों को संतोष प्राप्त होगा। कोरोना महामारी एवं रूस यूक्रेन युद्ध के चलते वैश्विक स्तर पर लगभग सभी देशों ने गम्भीर आर्थिक समस्याओं का सामना किया है। परंतु, यह सुखद तथ्य उभरकर सामने आया है कि भारतीय नागरिकों के सहयोग से भारत ने इन आर्थिक समस्याओं का सामना बहुत सहज तरीके से किया है जिससे इ...
संघ विचार-परिवार के वैचारिक अधिष्ठान की नींव – श्री गुरूजी

संघ विचार-परिवार के वैचारिक अधिष्ठान की नींव – श्री गुरूजी

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, समाचार, साहित्य संवाद
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के धुर-से-धुर विरोधी एवं आलोचक भी कदाचित इस बात को स्वीकार करेंगें कि संघ विचार-परिवार जिस सुदृढ़ वैचारिक अधिष्ठान पर खड़ा है उसके मूल में माधवराव सदाशिव राव गोलवलकर उपाख्य श्री गुरूजी के विचार ही बीज रूप में विद्यमान हैं। संघ का स्थूल-शरीरिक ढाँचा यदि डॉक्टर हेडगेवार की देन है तो उसकी आत्मा उसके द्वितीय सरसंघचालक श्री गुरूजी के द्वारा रची-गढ़ी गई है। उनका वास्तविक आकलन-मूल्यांकन होना अभी शेष है, क्योंकि संघ-विचार परिवार के विस्तार और व्याप्ति का क्रम आज भी लगातार जारी है। किसी भी नेतृत्व का मूल्यांकन तात्कालिकता से अधिक उसकी दूरदर्शिता पर केंद्रित होता है। यह उदार मन से आकलित करने का विषय है कि एक ही स्थापना-वर्ष के बावजूद क्या कारण हैं कि तीन-तीन प्रतिबंधों को झेलकर भी संघ विचार-परिवार विशाल वटवृक्ष की भाँति संपूर्ण भारतवर्ष में फैलता गया, उसकी जड़ें और मज़बूत एव...

आम चुनाव के पहले इस सवाल का जवाब चाहिए?

EXCLUSIVE NEWS, विश्लेषण, समाचार
प्याज़ की परतों की तरह अदाणी मामले से उतरती परतें साफ़ कर रही हैं कि केंद्र या राज्य स्तर की कोई भी सरकार और न ही कोई नियामक यह दावा कर सकता है कि वह कारोबार और राजनीति के गठजोड़ के मामलों में पूरी तरह परहेज बरतता है।कांग्रेस, राहुल गांधी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग)के कुछ धड़े यह सोच रहे थे कि राजनीतिक दृष्टि से उनके हाथ एक सही मुद्दा लगा है, लेकिन वास्तव में वे विरोध करने की स्थिति में नहीं है। अभी तक राजनीतिक विचारधारा के आधार पर ही अदाणी मामले को लेकर अलग-अलग लोगों में गुस्सा, खुशी, व्याकुलता और शर्मिंदगी जैसे अलग-अलग भाव देखने को मिले। “देश प्रथम” जैसा भाव कहीं भी देखने को नज़र नहीं आया। सबसे पहले कांग्रेस, देश की सबसे पुरानी पार्टी और राहुल गांधी समझते थे एक सहज मुद्दा मिल गया जिसके आधार पर वे अपनी छवि को मजबूत कर सकते थे, लेकिन उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि यह मुद्दा सं...

पाकिस्तान में हिंदू-सिख निशाने पर क्यों हैं?

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बलबीर पुंज गत 7 फरवरी को 190 पाकिस्तानी हिंदुओं को पाकिस्तान अधिकारियों द्वारा भारत जाने से रोकने का मामला सामने आया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वे सभी सिंध से थे, जो अपने बच्चे-महिलाओं सहित तीर्थयात्रा हेतु वैध वीजा के साथ भारत आने हेतु वाघा सीमा पहुंचे थे। किंतु पाकिस्तानी आव्रजन प्राधिकरण ने उन्हें यह कहकर स्वीकृति नहीं दी कि "वह इस बात से संतुष्ट नहीं पाए कि वे भारत क्यों जाना चाहते हैं।" आखिर पाकिस्तानी अधिकारी किस बात से आशंकित थे? क्या पाकिस्तान में हिंदू-सिख, अफगानिस्तान जैसी नियति से गुजर रहे है? कुछ माह पहले अफगानिस्तान में क्या हुआ था? 25 सितंबर 2022 को 55 अफगान हिंदुओं-सिखों का अंतिम जत्था, मजहबी यातनाओं से बचने हेतु अफगानिस्तान छोड़कर भारत आ गया था। वर्तमान अफगानिस्तान सहस्राब्दी पहले हिंदू-बौद्ध दर्शन का एक संपन्न केंद्र था। कालांतर में, मुस्लिम आक्राताओं के सफल हमले, उ...
BBC का मालिक कौन ? हर साल 32 हजार करोड़ रुपये की फंडिंग तय*

BBC का मालिक कौन ? हर साल 32 हजार करोड़ रुपये की फंडिंग तय*

BREAKING NEWS, TOP STORIES, घोटाला, समाचार
निलेश कुमार* पिछले साल BBC को तब बड़ा झटका लगा, जब ब्रिटिश सरकार ने अगले दो वर्षों के लिए एनुअल टेलीविजन फीस पर रोक लगाने की घोषणा की. सरकार ने यह भी कहा कि 2027 तक वह फीस को पूरी तरह खत्म कर देगी. BBC Documentary: गुजरात दंगों पर विवादित डॉक्यूमेंट्री बनाए जाने के बाद का बवाल अभी पूरी तरह थमा नहीं था कि उसके एजेंडे और फंडिंंग को लेकर सवाल उठने लगे. इस बीच दिल्ली स्थित हेड ऑफिस और मुंबई ऑफिस पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की टीम पहुंची है. बताया जा रहा है कि आयकर विभाग की टीम दिल्ली और मुंबई स्थित ऑफिस में सर्वे कर रही है. बीबीसी पर भारत समेत तीसरी दुनिया के देशों के खिलाफ एजेंडा चलाने के आरोप लगते रहे हैं और ऐसे में इसकी फंडिंग को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं. आइए समझने की कोशिश करते हैं, बीबीसी कैसे काम करती है, इसका संचालन कैसे होता है और कंपनी को चलाने के लिए इतना सारा पैसा आखिर कहां...
विश्व हिंदी या अंग्रेजी की गुलामी?

विश्व हिंदी या अंग्रेजी की गुलामी?

समाचार, साहित्य संवाद
डॉ. वेदप्रताप वैदिक फिजी में 15 फरवरी से 12 वाँ विश्व हिंदी सम्मेलन होने जा रहा है। यह सम्मेलन 1975 में नागपुर से शुरु हुआ था। उसके बाद यह दुनिया के कई देशों में आयोजित होता रहा है। जैसे मोरिशस, त्रिनिदाद, सूरिनाम, अमेरिका, ब्रिटेन, भारत आदि! पिछले दो सम्मेलनों को छोड़कर बाकी सभी सम्मेलनों के निमंत्रण मुझे मिलते रहे हैं। मुझे 1975 के पहले सम्मेलन से ही लग रहा था कि यह सम्मेलन हिंदी के नाम पर करोड़ों रु. फिजूल बहा देने की कोशिश से ज्यादा कुछ नहीं है। नागपुर सम्मेलन के दौरान मैंने ‘नवभारत टाइम्स’ में एक संपादकीय लिखा था, जिसका शीर्षक था, ‘‘हिंदी मेलाः आगे क्या?’’ 38 साल बीत गए लेकिन जो सवाल मैंने उस समय उठाए थे, वे आज भी ज्यों के त्यों जीवित हैं। तत्कालीन दो प्रधानमंत्रियों के आग्रह पर मैंने मोरिशस और सूरिनाम के सम्मेलनों में भाग लिया। वहां दो-तीन सत्रों की अध्यक्षता भी की और दो-टूक भाषण...