गम्भीर अपराध, पुलिस और जमानत
देश की न्यायिक व्यवस्था में पुलिस का रोल अहम है | कभी- कभार नहीं अक्सर पुलिस राजनीति या सरकार के हाथ का खिलौना दिखाई देती है | पुलिस को सरकार से थोड़ा अलग होकर काम करना चाहिए, वरना पुलिस पर बचा-खुचा विश्वास भी समाप्त हो जायेगा | अभी अधिकांश प्रकरणों को राजनीतिक ताकत से हल या प्रभावित करने की कोशिश की जाती है, जिससे समस्या सुलझने के बजाय और गंभीर होती जाती है| वर्षों से पुलिस सुधार की बात की जा रही है| अब सुधार की अभी जरूरत बहुत गम्भीर होती जा रही है| इसी लेतलाली से माफिया पैदा हो रहे हैं और उनके राज लगभग देश के हर प्रदेश में चल रहे हैं | गंभीर से गंभीर मामले में अब जमानत आसानी से हो जाती है |
किसी भी मामले में जमानत देने से पहले कोर्ट को उसके विविध पक्षों पर बारीकी से विचार करना होता है| वह देखता है कि कहीं इससे समाज में कोई भय तो नहीं है| उस व्यक्ति के खिलाफ दर्ज मामले की वजह क्या है...








