‘‘जो खुद पर काबू पा लेता है, वो दुनिया पर काबू पा सकता है’’
आचार्य विनोबा भावे 125वीं जयंती पर हार्दिक बधाइयाँ!
‘‘जो खुद पर काबू पा लेता है, वो दुनिया पर काबू पा सकता है’’
‘‘जय जगत’’ के विचार से ही मानव जाति की वैश्विक समस्याओं का समाधान हो सकता है!
- प्रदीप कुमार सिंह, लेखक, लखनऊ
वर्ष भर में अनेक तिथियाँ वर्तमान बनकर आती हैं, और भूतकाल बनकर चली जाती हैं। लेकिन कुछ तारीखें ऐसी भी होती हैं, जो युगों-युगों के लिए इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाती हैं। 11 सितम्बर, दुनिया के लिए एक ऐसी ही तारीख है। आज ही के दिन चार बड़ी घटनाएं हुईं थी। पहली घटना आज से 126 साल पहले वर्ष 1893 में हुई थी। जब अमेरिका के शिकागो में महान युग दृष्टा स्वामी विवेकानंद ने अपने समय के ऐतिहासिक विश्व धर्म संसद में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए मानवता से भरा युगानुकूल भाषण दिया था। भारतीय दर्शन तथा धर्म की सार्वभौमिक सोच ने सारे विश्व को सभी धर्मों की आत्मा अध्यात्म क...









