विपक्षी एकता एक स्वप्न
राजनीति के अन्तर्गत लोकतंत्र में दो प्रमुख स्तम्भ पक्ष एवं विपक्ष की भागीदारी होती है, जिसमें दोनों पक्ष ही महत्वपूर्ण होते हैं। यदि सत्तापक्ष के समक्ष सकारात्मक विपक्ष नहीं है तो देश में सत्तापक्ष हिटलर के सदृश तानाशाह हो जाता है और देश के दुर्दिन प्रारम्भ हो जाते हैं।भारत देश में स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात सत्तापक्ष के समक्ष, विपक्ष का उत्पन्न होना, एक अच्छी शुरुआत थी। सर्वप्रथम भाकपा (भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी) विपक्षी और कांग्रेस सत्तासीन थी और भाकपा ने भारत के कुछ प्रदेशों यथा - पश्चिम बंगाल, आन्ध्र प्रदेश, केरल आदि में अपनी स्थिति सशक्त कर ली थी, परन्तु कुछ समय पश्चात ही उनके मध्य मतभेद प्रारम्भ हो गया और और वे दो भागों में विभाजित हो गए। पुनः कुछ समय पश्चात कांग्रेस पार्टी के सदस्यों में भी मतभेद प्रारम्भ हो गया तत्पश्चात भाजपा और जनता दल का उदय हुआ। दोनो पार्टियो ने अपनी अलग पहच...









