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इतिहास को दोहराते राहुल गांधी

इतिहास को दोहराते राहुल गांधी

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इतिहास को दोहराते राहुल गांधी-बलबीर पुंज कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी द्वारा ब्रिटेन में दिए बयानों का कुल निचोड़ यह है— "भारत में लोकतंत्र समाप्त है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के लोग भारतीय सत्ता-अधिष्ठान पर काबिज है। चुनाव आयोग से लेकर मीडिया, न्यायालय दवाब में है। देश में लोकतंत्र को बचाने हेतु अमेरिका और यूरोप को हस्तक्षेप करना होगा।" वास्तव में, इन वक्तव्यों में निहित चिंतन ही भारत की त्रासदी और उसके शताब्दियों तक आक्रांताओं के अधीन परतंत्र रहने का बड़ा कारण है। वर्ष 1707 में मुगलिया आक्रांता औरंगजेब के देहांत के बाद भारत में इस्लामी हुकूमत क्षीण होने लगी थी। तब कालांतर में शाह वलीउल्लाह ने अफगान शासक अब्दाली (दुर्रानी) को भारत पर आक्रमण हेतु बुलावा भेजा, क्योंकि वह छत्रपति शिवाजी द्वारा प्रतिपादित 'हिंदवी स्वराज्य' को समाप्त करके भारत में पुन: इस्लामी राज स्थापित ...
स्वाति मालीवाल का विवादास्पद बयान – रामेश्वर मिश्र पंकज 

स्वाति मालीवाल का विवादास्पद बयान – रामेश्वर मिश्र पंकज 

BREAKING NEWS, TOP STORIES, विश्लेषण, सामाजिक
स्वाति मालीवाल के बयान के पक्ष और विपक्ष दोनों में सक्रिय लोग मूलभूत बात को अनदेखा कर रहे हैं ।ऐसे सभी विषयों में मूलभूत बात जो है ,उस पर जाने क्यों शिक्षित हिंदुओं का बहुत बड़ा हिस्सा ध्यान ही नहीं दे रहा है ।बात यह है कि समाज की प्रतिनिधि घटनाएं और समाज का प्रतिनिधि मानस तथा समाज का प्रतिनिधि व्यवहार,किन किन चीजों को माना जाए? उसका अनुपात क्या है? उसके निकष क्या हैं?इस विषय पर हर क्षेत्र में मनमानी चलती है। पहले भारतवर्ष के कुछ इलाकों में कुछ समुदायों में स्त्रियां घूंघट करने लगी थी। जिस कारण से भी करती हों।तो लोग सीधे बयान देने लगे कि भारत की स्त्रियां घूंघट करती हैं।जबकि उस समय भी 80% हिंदुओं की स्त्रियां घूँघट नहीं  करती थी ।तो प्रश्न यह है कि 15 या 20% स्त्रियां सभी स्त्रियों की प्रतिनिधि किस आधार पर हो गईं,?इसी प्रकार डॉक्टर अंबेडकर के साथियों के साथ या कुछ समुदायों के ...
अपनी बंद आंखों को खोलें,प्रकृति-पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को समझें।

अपनी बंद आंखों को खोलें,प्रकृति-पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को समझें।

TOP STORIES, विश्लेषण, सामाजिक
हाल ही में एक्सडीआई यानी कि 'क्रॉस डिपेंडेंसी इनीशिएटिव' ने जलवायु परिवर्तन को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें जलवायु परिवर्तन के 'हैजार्डस' यानी कि खतरों से अवगत कराया गया है। इस रिपोर्ट के अनुसार भारत के 9 राज्यों समेत दुनियाभर के 2,600 राज्यों व प्रांतों पर जलवायु परिवर्तन का बड़ा खतरा मंडरा रहा है। रिपोर्ट के आंकड़ें निश्चित तौर पर मानवजाति को चिंता में डालते हैं। यह अत्यंत ही गंभीर व संवेदनशील है कि भारत के 9 राज्यों पर बाढ़, जंगलों की आग, हीटवेव, समुद्र सतह के बढ़ने और लू जैसे गंभीर खतरे मंडरा रहे हैं। बताया गया है कि शीर्ष पचास में भारत के बिहार, उत्तर प्रदेश, असम,राजस्थान, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब और केरल जैसे राज्य शामिल हैं। वर्ष 2050 तक विश्व के पचास राज्यों में भारत के नौ राज्यों को जलवायु परिवर्तन के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील बताया गया है। जो सूची जारी की गई है उ...
दुनिया के लिए मिसाल है पेरिस का सीवरेज म्यूजियम 

दुनिया के लिए मिसाल है पेरिस का सीवरेज म्यूजियम 

विश्लेषण, सामाजिक
फ्रांस के बारे में एक कथन बहुत ही प्रसिद्ध है कि-'फ्रांस इज पेरिस, पेरिस इज फ्रांस।' पेरिस फ्रांस की राजधानी है और सबसे अधिक आबादी वाला शहर है। फ्रांस के बारे में अक्सर यह बात कि 'फ्रांस इज पेरिस, पेरिस इज फ्रांस' इसलिए कही जाती है, क्योंकि फ्रांस दुनिया का बहुत ही स्वच्छ व सुंदर शहर है। फ्रांस की स्वच्छता और सुंदरता का अंदाजा महज इस बात से लगाया जा सकता है कि फ्रांस के बारे में अक्सर यह कहा जाता है कि यहाँ मच्छर नाम की कोई चीज नहीं है। पेरिस के बारे में एक महत्वपूर्ण जानकारी अपने पाठकों को देता चलूं कि पेरिस शहर के नीचे नाले यानी कि सीवरेज का एक बहुत बड़ा म्यूजियम बना हुआ है, यह दुनिया में अपनी प्रकार का बहुत ही अनोखा व प्राचीन म्यूजियम है। सिवरेज जिसे हमारे भारत में 'गंदा नाला' या 'गटर' की संज्ञा दी जाती है, पेरिस शहर में सीन नामक नदी के नीचे यह म्यूजियम है। गंदे नालों(सीवरेज) में किसी ...
प्रो कुसुमलता केडिया जी महिला दिवस पर कस्तूरी संस्था में बोलते हुए:-

प्रो कुसुमलता केडिया जी महिला दिवस पर कस्तूरी संस्था में बोलते हुए:-

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, सामाजिक
कथित रेनेसां और enlightenment के बाद भी यूरोप में स्त्रियों पर भीषण अत्याचार जारी रहे थे क्योंकि चर्च के मनोरोगी पादरियों ने स्त्री को eve और evil प्रचारित कर दिया था।चर्च के नियंत्रण में ईसाई स्त्रियों को तरह तरह के झूठे अभियोग लगाकर भयंकर रूप से उत्पीड़ित किया जाता था:- जिंदा जला देना, खौलते कढ़ाह में उबालना, घोड़े की पूंछ में बांधकर पथरीली कटीली सड़कों में दौड़ाना ताकि वह लहूलुहान हो जाए, कांटेदार कुर्सी में बैठा कर मारना ,योनि में एक पीड़ादायक यंत्र डालकर उसे  इस प्रकार चौड़ा करते जाना कि भीषण पीड़ा हो और खून निकलने लगे,या  गले में कांटेदार यंत्र फंसा कर मुंह खोलना जिससे गला फट जाए और मरने की स्थिति आ जाए, ऐसे बर्बर पैशाचिक उपाय पादरियों  के द्वारा अपने अपने राज्यों की सहमति से किए जाते थे और जिन्हें यह दण्ड  दिया जाता था ,उनके ही परिवार से दंड देने का खर्चा वस...
आज कल बालों की समस्याएं जब बढ़ गई हैं तो, योग करना बालों की कई समस्याओं को कम करने में मदद कर सकता हैः

आज कल बालों की समस्याएं जब बढ़ गई हैं तो, योग करना बालों की कई समस्याओं को कम करने में मदद कर सकता हैः

विश्लेषण, सामाजिक
अलका सिंह योगा एक्सपर्टदिल्ली बाल झड़ने की समस्या सभी के लिए एक सर दर्द बन चुकी है चाहे महिलाएँ हों या पुरुष, आजकल के आधुनिक जीवन में बाल झड़ने की समस्या मानों हर किसी के लिए एक आम बात हो गयी है। इस समस्या का आम होना कोई हैरान करने वाली बात नहीं है, क्योंकि आजकल लगभग हर व्यक्ति को असंतुलित खान-पान व दूषित वातावरण  से दो-चार होना ही पड़ता है। परन्तु योग द्वारा इस समस्या का समाधान किया जा सकता है। हर परिस्थिति में एक बात महत्वपूर्ण है- रोकथाम उपचार से बेहतर है। इस लेख मे पढ़िए कि किस प्रकार योग द्वारा आप बाल झड़ने की समस्या का समाधान कर सकते हैं।अधिक बाल झड़ने की समस्या का आपके स्वाथ्य से भी एक गहरा सम्बन्ध है, इसीलिए इस समस्या को कभी भी नकारना नहीं चाहिए। चिंता, हार्मोन्स में गड़बड़, गलत खाने-पीने की आदतें, रोग, रूसी, आदि बाल झड़ने का मुख्य कारण है। बालों के झड़ने की रोकथाम ...
कैसे मिली होली को अखिल भारतीय पहचान

कैसे मिली होली को अखिल भारतीय पहचान

TOP STORIES, राष्ट्रीय, सामाजिक
 आर.के. सिन्हा कोरोना के कारण दो-तीन सालों तक जन धड़कन के पर्व होली का रंग फीका सा पड़ने लगा था। होली मिलन समारोहों पर भी विराम सा लग गया था। पर इस बार लगता है कि देश रंगोत्सव को पुराने अंदाज में मनाने जा रहा है। होली के रंग फिजाओं में बिखरे हैं। कहीं गुलाल और गुजिया की खुशबू को तो कहीं दही बड़ा और मालपुआ के अनोखे स्वाद को हर तरफ महसूस किया जा रहा है। होली मिलन समारोहों की भी वापसी हो चुकी है। इनके आयोजन लखनऊ से रायपुर, मुम्बई तथा पटना से दिल्ली वगैरह में सभी जगह हो रहे हैं। सब एक-दूसरे से गले मिल रहे हैं। गिले-शिकवे भुलाए जा रहे हैं। यही मौका है कि जब विभिन्न दलों के तमाम राजनीतिक नेता भी अपने मतभेद भुलाकर एक साथ होली खेलें और राष्ट्र निर्माण में लग जाएं। आखिर यह देश तो सबका है। राष्ट्र के प्रति जिम्मेवारी भी सबकी ही है I एक दौर था जब होली पर अटल बिहारी वाजपेयी के आवास पर भव्य...
अंगदान न होने से देश में हर साल पांच लाख मौतें

अंगदान न होने से देश में हर साल पांच लाख मौतें

TOP STORIES, विश्लेषण, सामाजिक
दुर्भाग्य ! देश में 640 चिकित्सा महाविद्यालय और अस्पताल हैं, जिनमें अंग प्रत्यारोपण और स्तंभ कोशिका से उत्पादन का काम किया जा सकता है, लेकिन चंद चिकित्सा संस्थानों में ही अंग प्रत्यारोपण व उत्सर्जन की शल्य क्रिया सुविधा उपलब्ध है। अब इनमें अंग प्रत्यारोपण व उत्सर्जन के पाठ्यक्रम भी नवीन चिकित्सा शिक्षा में जोडे गए हैं। चौंकिए मत ! देश में अंगों की अनुपलब्धता के कारण हर साल पांच लाख लोगों की मौत हो जाती है। इसके मुकाबले वर्ष 2022 में पंद्रह हजार अंगों का प्रत्यारोपण ही हो सका है। लोगों की जान बचाने के लिए जरूरत और उपलब्धता के बीच की इस खाई को पाटना जरूरी है। इसके दो ही उपाय हैं। पहला,अंगदान के लिए लोगों को जागरूक किया जाए और दूसरा, स्तंभ कोशिकाओं यानी स्टेम सेल के जरिए अंगों का उत्पादन बढ़ाया जाए।इस प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाने के लिए भारत सरकार ‘एक राष्ट्र-एक नीति’ लागू करने जा रही ह...
जन्मदिन के साथ ‘भाई-दूज’ मनाएंगी शिवराजसिंह की लाड़ली बहना

जन्मदिन के साथ ‘भाई-दूज’ मनाएंगी शिवराजसिंह की लाड़ली बहना

EXCLUSIVE NEWS, राज्य, सामाजिक
5 मार्च जन्मदिन पर विशेषजन्मदिन के साथ ‘भाई-दूज’ मनाएंगी शिवराजसिंह की लाड़ली बहनामनोज कुमारकल 5 मार्च को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की उम्र में एक वर्ष का और इजाफा हो जाएगा। इस बार उन्होंने अपना जन्मदिन नहीं मनाने का ऐलान किया है लेकिन यह पहला अवसर होगा जब उनके जन्मदिन के साथ प्रदेश भर में उनकी लाडली बहना ‘भाईदूज’ भी मनाएंगी। ‘भाईदूज’ भारतीय संस्कृति का एक ऐसा पवित्र संस्कार है जिसमें भाई अपनी बहनों की सुरक्षा और समृद्धि का वचन देता है। मातृशक्ति का आंचल शिवराजसिंह के लिए मंगल कामनाओं से भरा-पूरा है। लाडली बहना शिवराजसिंह चौहान के लिए आशीष और उनकी कामयाबी के लिए ईश्वर से प्रार्थना करेंगी। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान वैसे भी स्त्री समाज की बेहतरी के लिए हमेशा से चिंतित और सक्रिय रहे हैं। इस क्रम में उन्होंने हाल ही में ‘लाडली बहना’ योजना का ऐलान किया है और संयोग से इस योजना का आरंभ कल ...
सभी मंदिरों में चलनी चाहिए “माँ अन्नपूर्णा “ जैसी रसोई – गुरु पवन सिन्हा

सभी मंदिरों में चलनी चाहिए “माँ अन्नपूर्णा “ जैसी रसोई – गुरु पवन सिन्हा

BREAKING NEWS, TOP STORIES, संस्कृति और अध्यात्म, सामाजिक
मौलिक भारत की “मंदिर संकुल और सेवा योजना” से प्रेरित होकर लक्ष्मीनारायण मंदिर, सेक्टर 56, नोएडा में पिछले एक वर्ष से चल रही माँ अन्नपूर्णा रसोई की पहली वर्षगाँठ पर मुख्य अतिथि व वक्ता प्रख्यात आध्यात्मिक चिंतक श्री गुरु पवन सिन्हा जी ने रसोई की संचालन समिति के कार्य को सराहा व कहा कि परंपरागत रूप से भारत में मंदिर आध्यात्मिक चेतना व पूजन स्थल के साथ साथमंदिर संकुल में देव स्थान, ध्यान कक्ष, मंत्रणा कक्ष, सभा/प्रवचन कक्ष, महंत आवास ,यात्री विश्राम ग्रह, यज्ञशाला, धार्मिक पुस्तकालय, वाचनालय, गुरुकुल, गौशाला, सांस्कृतिक कार्यक्रम कक्ष, चिकित्सालय, व्यायामशाला, रसोई व भोजन कक्ष, अन्न कक्ष, तिजोरी कक्ष, बगिया, कौशल विकास केंद्र सब कुछ होता था और मंदिर पूजा व उपासना के साथ ही राज्य के सलाहकार, अन्न व संपदा के केंद्र ( जिसका प्रयोग राज्य आपात स्थिति में करता था) था। मंदिरसंकुल में शिक्षा हेत...