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सामाजिक

मैंने अपने शहर को इतना विह्वल कभी नहीं देखा! तीन से चार लाख लोग सड़क किनारे हाथ जोड़े खड़े हैं।

मैंने अपने शहर को इतना विह्वल कभी नहीं देखा! तीन से चार लाख लोग सड़क किनारे हाथ जोड़े खड़े हैं।

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अयोध्या में प्रभु की मूर्ति बनाने के लिए नेपाल से शालिग्राम पत्थर जा रहा है, और आज वह ट्रक गोपालगंज से गुजर रहा है। कोई प्रचार नहीं, कोई बुलाहट नहीं, पर सारे लोग निकल आये हैं सड़क पर... युवक, बूढ़े, बच्चे... बूढ़ी स्त्रियां, घूंघट ओढ़े खड़ी दुल्हनें, बच्चियां...स्त्रियां हाथ में जल अक्षत ले कर सुबह से खड़ी हैं सड़क किनारे! ट्रक सामने आता है तो विह्वल हो कर दौड़ पड़ती हैं उसके आगे... छलछलाई आंखों से निहार रही हैं उस पत्थर को, जिसे राम होना है।बूढ़ी महिलाएं, जो शायद शालिग्राम पत्थर के राम-लखन बनने के बाद नहीं देख सकेंगी। वे निहार लेना चाहती हैं अपने राम को... निर्जीव पत्थर में भी अपने आराध्य को देख लेने की शक्ति पाने के लिए किसी सभ्यता को आध्यात्म का उच्चतम स्तर छूना पड़ता है। हमारी इन माताओं, बहनों, भाइयों को यह सहज ही मिल गया है।जो लड़कियां अपने वस्त्रों के कारण हमें संस्कार हीन लगती हैं,...
जेपी नड्डा के नये कार्यकाल की चुनौतियां

जेपी नड्डा के नये कार्यकाल की चुनौतियां

EXCLUSIVE NEWS, राष्ट्रीय, सामाजिक
-ललित गर्ग-भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिक धरातल को मजबूती देने, उसके संगठन के आधार को सुदृढ़ बनाने, उसका जनाधार बढ़ाने एवं विभिन्न राज्यों एवं लोकसभा चुनाव में जीत के नये कीर्तिमान गढ़ने की दृष्टि से राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा अपने नये कार्यकाल में अग्रसर हो रहे हंै, प्रतीक्षा और कयासों को विराम देते हुए भाजपा ने उनका कार्यकाल वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव तक बढ़ा दिया है। एक बड़ी चुनौती के रूप में वर्ष 2024 का लोकसभा चुनाव एवं वर्ष 2023 में नौ राज्यों के विधानसभा चुनाव है। नड्डा ने न केवल ्देश के निराशाजनक आर्थिक परिदृश्य, महंगाई और बेरोजगारी के बीच पार्टी की पताका लहराने का बल्कि नौ ही विधानसभा चुनावों में शानदार जीत दिलाने का संकल्प व्यक्त किया है। जेपी आंदोलन से सुर्खियों में आए नड्डा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी का सफल नेतृत्व कर राजनाथ सिंह एवं अमित शाह के नेतृत्व में...
राहुल गांधी की भारत जोड़ा यात्रा के निहितार्थ

राहुल गांधी की भारत जोड़ा यात्रा के निहितार्थ

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, सामाजिक
-ललित गर्ग- श्रीनगर के लाल चौक पर कांग्रेस एवं उसके नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का भव्य समापन निश्चित ही कांग्रेस को नवजीवन देने का माध्यम बना है, इससे राहुल गांधी की छवि एकदम नये अन्दाज में उभर कर सामने आयी है और एक सकारात्मक राजनीति की पहल हुई है। वैसे भी भारत की माटी में पदयात्राओं का अनूठा इतिहास रहा है। असत्य पर सत्य की विजय हेतु मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम द्वारा की हुई लंका की ऐतिहासिक यात्रा हो अथवा एक मुट्ठी भर नमक से पूरा ब्रिटिश साम्राज्य हिला देने वाला 1930 का डाण्डी कूच, बाबा आमटे की भारत जोड़ो यात्रा हो अथवा राष्ट्रीय अखण्डता, साम्प्रदायिक सद्भाव और अन्तर्राष्ट्रीय भ्रातृत्व भाव से समर्पित एकता यात्रा, यात्रा के महत्व को अस्वीकार नहीं किया जा सकता। भारतीय जीवन में पैदल यात्रा को जन-सम्पर्क का सशक्त माध्यम स्वीकारा गया है। ये पैदल यात्राएं सामाजिक, सांस्कृतिक और र...
भारतीय कुश्ती के ये घृणास्पद दाँव

भारतीय कुश्ती के ये घृणास्पद दाँव

EXCLUSIVE NEWS, सामाजिक
कितना दुर्भाग्य है, भारतीय कुश्ती महासंघ के खिलाफ देश के तमाम पहलवान एकजुट होकर उसके अध्यक्ष को हटाने की मांग पर अड़े हैं, सरकार न जाने किसके इंतज़ार में है।ऐसा पहले किसी खेल संघ में नहीं हुआ। विश्व चैंपियनशिप की पदक विजेता और ओलंपिक खिलाड़ी विनेश फोगाट ने कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर महिला खिलाड़ियों के यौन शोषण का आरोप लगाया, तो तमाम ओलंपिक और राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीत चुके पहलवान उनके समर्थन में उतर आए हैं । बृजभूषण शरण सिंह ने मीडिया के सामने सफाई दी कि उन्होंने किसी खिलाड़ी का यौन शोषण नहीं किया है। साथ ही यह भी कहा कि उनके मुँह खोलने से सुनामी आ जाएगी। वे फिलहाल अपने पद से इस्तीफा देने को तैयार नहीं हैं। कुश्ती ही ऐसा खेल है, जो चाहे ओलंपिक हो या राष्ट्रमंडल खेल, सबसे अधिक पदक लेकर आता है। इसके खिलाड़ी अपने जुनून के बल पर विजयी होते रहे हैं। इस तरह दुनिया ...
परीक्षा पे चर्चा 2023

परीक्षा पे चर्चा 2023

BREAKING NEWS, TOP STORIES, राष्ट्रीय, समाचार, सामाजिक
“परीक्षा पे चर्चा 2023" में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री के संबोधन का मूल पाठ नमस्ते! शायद इतनी ठंड में पहली बार परीक्षा पे चर्चा हो रही है। आमतौर पर फरवरी में करते है। लेकिन अब विचार आया कि आप सबको 26 जनवरी का भी लाभ मिले, फायदा उठाया ना जो बाहर के है उन्होंने। गए थे कर्तव्य पथ पर। कैसा लगा? बहुत अच्छा लगा। अच्छा घर जाकर क्या बताएंगे? कुछ नहीं बताएंगे। अच्छा साथियों समय ज्यादा लेता नहीं हूं, मैं लेकिन मैं इतना ...
बागेश्वर धाम विवाद 

बागेश्वर धाम विवाद 

TOP STORIES, विश्लेषण, सामाजिक
किसी भी विवाद को समझना हो तो उसके मूल को समझना वैसेही आवश्यक है जैसे किसी रोग के उपचार के लिये उसके लक्षणों तथा कारणोंको समझना. वर्तमान में जो भी बागेश्वर धाम के चमत्कार या अंधविश्वास का विवाद वार्ताओं में है, यह शूल न बागेश्वर धाम के लिये हुआ है, न ही कोई राम रहीम या आशाराम बापू या किसी अन्य सनातन धार्मिक स्थल के लिये। इस शूल के मूल में "प्रभु श्रीराम मन्दिर" का निर्माण है, जो १४ जनवरी २०२४ को भव्य रूप में रामभक्तों के लिये प्रस्थापित हो जायेगा। यह रोग उसी दिन से है जब माननीय उच्चतम न्यायालय ने मन्दिर पुननिर्माण पर मुद्रा लगा दी थी। किन्तु जिस प्रकार रोग को मूल धरने में समय लगता है, वैसे ही अब यह रोग जैसेजैसे समय बीतेगा और २०२४ का सार्वत्रिक निर्वाचन समीप आयेगा, वैसेवैसे ऐसी अनेक घटनाओं से आपका साक्षात्कार होगा। यह तो केवल आरम्भ है!आगामी समय मे आपके धर्मस्थलों, धर्मग्रन्थों, धर्मगु...
क्या रियलिटी शो आपको भावुक करते हैं?

क्या रियलिटी शो आपको भावुक करते हैं?

TOP STORIES, विश्लेषण, सामाजिक
*रजनीश कपूरजब भी कभी आप टीवी पर किसी रियलिटी शो को देखते हैं तो आप उसमें दिखाए गए कुछ विषयों से इतनेप्रभावित हो जाते हैं कि आप भावुक हो उठते हैं। ऐसा होना स्वाभाविक है। परंतु यदि आपको पता चले कि टीवीपर दिखाए जाने वाले ऐसे कुछ रियलिटी शो पहले से ही नियोजित किए जाते हैं तो क्या आप तब भी भावुक होंगे?यह कुछ ऐसा ही है जैसा फ़िल्मों में दिखाया जाता है। सभी जानते हैं कि जैसे फ़िल्मों में चलने वाली बंदूक़ असलीनहीं होती और कलाकारों के शरीर से निकालने वाला खून भी असली नहीं होता। उसी तरह फ़िल्मों को लोकप्रियकरने कि दृष्टि से उसमें ऐसी कहानी ली जाती है जो श्रोताओं को भाव-विभोर कर सके।आजकल टीवी पर भी ऐसा ही कुछ हो रहा है। रियलिटी शो और टैलेंट शो के नाम पर टीवी पर अक्सर ऐसा कुछदिखाया जाता है जिससे कि श्रोता उसे देख कर भावुक हो उठें और इन चर्चा करने लगें। इन शो पर आने वाले दिनोंमें क्या होगा इसका अनुमान...
बढ़ती जनसंख्या सब मिलकर कुछ कीजिए* 

बढ़ती जनसंख्या सब मिलकर कुछ कीजिए* 

EXCLUSIVE NEWS, विश्लेषण, सामाजिक
आँकड़े चेतावनी दे रहे हैं कि भारत में जनसंख्या वृद्धि बेलगाम है। भारत इस साल चीन को पीछे छोड़ते हुए विश्व में सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश बन जाएगा। चीन की 1.426 अरब की तुलना में भारत की जनसंख्या का 2022 में सामने आया आँकड़ा 1.412 अरब है।जल्दी ही स्थिति यहाँ तक आ सकती है कि ना तो प्राकृतिक रूप से शुद्ध वायु उपलब्ध होगी और ना ही जल और भोजन इत्यादि। भारत के राजनीतिक दल वोट बैंक की राजनीति के नुकसान-फायदे के लिए आबादी की सुनामी के खतरों को अनदेखा कर रहे हैं। विश्व में अब तक चीन जनसंख्या वृद्धि के मामले में सर्वोपरि था। चीन ने कठोर नीति से जनसंख्या को नियंत्रित करते हुए वृद्धि दर में लगाम लगा ली । चीन ने 1980 में वन चाइल्ड पॉलिसी को लॉन्च किया था। चीन में पिछले साल 2022 के अंत में 1.41 अरब लोग थे, जो 2021 के अंत की तुलना में 850,000 कम थे। अनुमान है कि 2050 में भारत की जनसंख्या 1.668...
ये बाबा न तो धार्मिक हैं,न प्रजातांत्रिक*

ये बाबा न तो धार्मिक हैं,न प्रजातांत्रिक*

EXCLUSIVE NEWS, विश्लेषण, सामाजिक
भारत की वर्तमान दशा को देखकर कार्ल मार्क्स और हेगेल अपनी कब्र में यह देखते हुए करवट ले रहे होंगे कि किस तरह से उनके विचारों ने भारत में आकार लिया है। धर्म के नाम पा यहाँ कुछ भी चल रहा है। प्रबुद्ध,और संतजन तक अपनी राय प्रतिक्षण बदल रहे हैं। सरकार तो कोई स्पष्ट बात करने से बच रही है। सत्तारूढ़ दल और प्रतिपक्ष आगामी लोकसभा और उससे पहले होने जा रहे विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र अपनी -अपनी चाल चल रहे हैं । मार्क्स मानते थे कि धर्म, भ्रमजाल खड़ा कर जनता के दुखों को तत्काल कम करने का राज्य का हथकंडा है। भारत में यह सब हुआ पिछले चुनावों में राम और राम मंदिर मुद्दे थे अब अपने को सबसे बड़ा दल कहने वालों का निशाना ‘पसमांदा’ मुसलमान समूह है। वोटरों के बड़े हिस्से को ‘बाबाओं’ ने भरमाना शुरू ही कर दिया है। भारत में धर्म अब एक खतरनाक विचार प्रक्रिया में तब्दील हो रहा है जिसका परिणाम एक प्रजातांत्रिक...
A short Badaga Story ‘Golden Share’

A short Badaga Story ‘Golden Share’

EXCLUSIVE NEWS, TOP STORIES, सामाजिक
Long ago a man lived in a village called Aaruuru. He was the headman of that village. Practically, he never did any work for his family. That is, in his family affairs he was an irresponsible person. But, nonetheless he wore the maNDare (Badaga headgear) in such a way to look nice and wrapped himself with siile (white mantle with blue and red lines), to suit his headmanship and went out daily. He used to brag about his costume and himself. His talkative skill was such that he could talk about anything without any least hesitation. He was being very boastful and he was never willing to admit that he was wrong. But his wife was a wonderful noble woman. She was an excellent housewife and a good host. Many appreciated her hospitality. Her tolerance was phenomenal and praise worthy. Otherwise,...