इमारतों की भूकंपीय-भेद्यता आकलन की नयी पद्धति
नई दिल्ली, 25 नवंबर (इंडिया साइंस वायर): बड़े पैमाने पर इमारतों या फिर अन्य संरचनाओं की मजबूती का आकलन करने के लिए अक्सर रैपिड विज़ुअल स्क्रीनिंग (आरवीएस) की जाती है। आरवीएस दृश्य सूचना का उपयोग यह तय करने के लिए करता है कि कोई इमारत कितनी सुरक्षित है और भूकंप सुरक्षा को बढ़ाने के लिए तत्काल इंजीनियरिंग सुधार एवं मरम्मत की कितनी आवश्यकता है।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी के शोधकर्ताओं ने हिमालय क्षेत्र में भूकंप झेलने की इमारतों की क्षमता का आकलन करने के लिए एक नया तरीका विकसित किया है। भूकंप के प्रति इमारतों की संवेदनशीलता का पता लगाने की यह पद्धति सरल है, जो भूकंप के प्रति भवनों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यक सुदृढ़ीकरण और मरम्मत कार्यों की प्राथमिकता तय करने में उपयोगी हो सकती है।
व्यापक क्षेत्र सर्वेक्षणों के माध्यम से, शोधकर्ताओं ने मंडी के हिमालय क्...









